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ED’s major action in Chhattisgarh.: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे के घर समेत 14 ठिकानों पर छापेमारी

10 मार्च 2025

छत्तीसगढ़:प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ में मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास समेत कुल 14 स्थानों पर की गई। बताया जा रहा है कि यह छापा छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है, जो करीब 2,161 करोड़ रुपये का बताया जाता है।

ईडी की छापेमारी और जांच का दायरा

ईडी की टीमें सुबह से ही अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें कारोबारी, नौकरशाह और राजनीतिक हस्तियों से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। ईडी अधिकारियों ने इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारी की है और नए सिरे से सबूत जुटाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में एक संगठित नेटवर्क के जरिए अवैध रूप से शराब की बिक्री की गई, जिसमें सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और शराब व्यापारियों की मिलीभगत थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से नकली होलोग्राम और फर्जी दस्तावेजों के जरिए शराब की बिक्री की गई और इससे मिली राशि को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद किया गया।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस मामले में पहले ही पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अनिल टूटेजा, एक पूर्व मंत्री समेत कई प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईडी का मानना है कि घोटाले से जुड़े कई अहम सबूत अब भी सामने आ सकते हैं, इसलिए छापेमारी जारी है।

भूपेश बघेल पर पहले भी लग चुके हैं घोटाले के आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम पहले भी महादेव सट्टा ऐप घोटाले और कोल लेवी घोटाले में सामने आ चुका है। कोल लेवी घोटाला करीब 570 करोड़ रुपये का बताया जाता है, जिसमें कोयला खनन में अवैध उगाही का आरोप है। इन घोटालों के चलते कांग्रेस को 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

भूपेश बघेल ने बताया राजनीतिक साजिश

इस छापेमारी को लेकर भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया। उन्होंने कहा, “जब भी चुनाव नजदीक आते हैं या भाजपा पर संकट आता है, तो ईडी और सीबीआई को आगे कर दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में जो हो रहा है, वह जनता के सामने है।”

राजनीतिक माहौल गरमाया

ईडी की इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने इसे विपक्ष को दबाने की साजिश बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचारियों पर कानून का शिकंजा कसना जरूरी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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कवरेज: Manpreet Singh, News Media Kiran

Manpreet Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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