जमशेदपुर। ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को संघर्ष समिति की पूर्वी सिंहभूम इकाई ने भविष्य निधि (पीएफ) कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर पीएफ कमिश्नर से मुलाकात की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी न्यायोचित मांगों को लेकर वे पिछले नौ वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासन देती रही है।
संघर्ष समिति के सचिव कालिपदा सुई ने बताया कि देशभर के 27 राज्यों में कार्यरत पेंशनर पेंशन बढ़ोतरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के 78 लाख वृद्ध पेंशनर आर्थिक बदहाली का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। पेंशनरों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चार सूत्री मांगें:
1. न्यूनतम पेंशन ₹7500 प्रति माह की जाए और उसके साथ महंगाई भत्ता दिया जाए।
2. पति-पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
3. सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के आदेश के अनुसार सभी पेंशनरों को समान रूप से उच्च पेंशन का लाभ दिया जाए।
4. ईपीएस 95 के वंचित पेंशनरों को ₹5000 मासिक पेंशन दी जाए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।

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