Today’s Weather News: जनवरी महीने की कड़ाके की सर्दी अभी भी उत्तरी राज्यों में अपनी पकड़ बनाए हुए है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार आगामी पांच दिनों में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा और विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग परिस्थितियां देखने को मिलेंगी।
घने कोहरे की चुनौती
उत्तरी मैदानी इलाकों में सुबह के समय दृश्यता में भारी कमी आ रही है। कई स्थानों पर दृश्यता केवल 50 मीटर या इससे भी कम दर्ज की जा रही है। इस घने धुंध के कारण रेलवे सेवाओं में देरी हो रही है, हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति तुरंत समाप्त होने वाली नहीं है, हालांकि धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार का मौसम
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 19 से 21 जनवरी के मध्य सघन धुंध छाए रहने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 18 से 21 जनवरी तक अनेक स्थानों पर यही परिस्थिति बनी रहेगी। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना और गया जैसे प्रमुख नगरों में न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री के आसपास बना रह सकता है।
कोहरा इन दोनों राज्यों के लिए सबसे प्रमुख समस्या बना हुआ है। यात्रियों को सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
राजधानी क्षेत्र में राहत के आसार
दिल्ली में 17 जनवरी को न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहा। प्रातःकाल अनेक इलाकों में मध्यम से सघन कोहरा देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 18 जनवरी से तापमान में क्रमिक वृद्धि होगी। 19 और 20 जनवरी को हल्की वर्षा या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे सर्दी में कुछ कमी आएगी। परंतु नमी बढ़ने से प्रातःकालीन धुंध बनी रह सकती है। 21 से 22 जनवरी तक न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
पंजाब और हरियाणा में वर्षा का प्रभाव
इन दोनों राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक स्पष्ट दिखाई देगा। 18 से 20 जनवरी के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे कोहरे में थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन शीतल हवाओं के कारण रात्रि की ठंड यथावत बनी रहेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्षा फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी और किसानों को इससे फायदा मिलेगा।
सुबह के समय घना कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है। न्यूनतम तापमान में भले ही 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो, किंतु ठंड का अहसास बरकरार रहेगा। कुछ इलाकों में शीत दिवस की परिस्थितियां भी दर्ज हो सकती हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 17 जनवरी से बर्फबारी आरंभ होने की प्रबल संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली इस हिमपात का प्रभाव निचले मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा। पहाड़ों से आने वाली ठंडी वायु तापमान को सीमित रखेगी। हालांकि दिन में सूर्य की रोशनी निकलने पर कुछ राहत का अनुभव होगा।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
दक्षिण भारत में सामान्य मौसम
दक्षिणी राज्यों की बात करें तो यहां मौसम पूर्णतः शुष्क और सामान्य बना हुआ है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में किसी प्रकार की वर्षा नहीं हो रही है। तापमान भी सामान्य स्तर के आसपास दर्ज किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्रों की कड़ाके की सर्दी से यहां पूर्ण राहत मिली हुई है।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वृद्धजनों, बच्चों और श्वसन संबंधी रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों को विशेष सतर्कता अपनाने का परामर्श दिया है। प्रातःकाल यात्रा से बचने की अपील की गई है। गर्म वस्त्र धारण करने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
ठंड के इस मौसम में निम्नलिखित सावधानियां आवश्यक हैं:
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गर्म कपड़ों की पर्याप्त परतें पहनें
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सुबह और शाम ठंडी हवा में अधिक देर न रहें
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गर्म पानी और सूप का नियमित सेवन करें
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वाहन चलाते समय धुंध में अतिरिक्त सावधानी बरतें
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बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
Today’s Weather News: यातायात पर प्रभाव

कोहरे के कारण सड़क, रेल और वायु यातायात प्रभावित हो रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय रखें और नवीनतम मौसम अपडेट की जानकारी लेते रहें। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और हेडलाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। नागरिकों को आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।



