Geeta Ke 5 Morning Habits: श्रीमद्भगवत गीता सिर्फ धर्मग्रंथ नहीं, यह जीवन जीने की कला सिखाती है। इसमें बताई गई कुछ सुबह की आदतें अगर रोज अपनाई जाएं, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि अपने आप आ जाती है। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो सुबह जल्दी उठते हैं, उनके लिए ये 5 आदतें बहुत आसान और कारगर हैं। गीता के अनुसार, सुबह का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है, जब सात्विक ऊर्जा सबसे ज्यादा होती है। इन आदतों से मन शांत रहता है, निर्णय सही होते हैं और भाग्य साथ देता है।
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें (गीता 2.69): दिन की सबसे बड़ी सफलता
गीता में कहा गया है कि रात में सोने वाले दिन में जागते हैं और जो रात में जागते हैं, वे दिन में सोते हैं। सुबह 4 से 6 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त है। इस समय उठने से मन शांत रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और पूरा दिन पॉजिटिव रहता है।
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उपाय: अलार्म 5 बजे का लगाएं। उठकर सबसे पहले भगवान का स्मरण करें।
2. सबसे पहले भगवान का स्मरण (गीता 8.7): पूरा दिन सुरक्षित रहता है
गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं, मामेकं शरणं व्रज (केवल मेरी शरण में आ जाओ)। सुबह उठकर सबसे पहले भगवान का नाम लें। इससे मन में भय, चिंता और नकारात्मकता नहीं आती।
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उपाय: बिस्तर पर ही बैठकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय या हरे कृष्ण हरे राम 11 बार जपें।
3. तुलसी या पीपल को जल दें (गीता 9.26): घर में लक्ष्मी का वास
गीता में कहा गया है कि पत्ते, फूल, फल या जल से भी पूजा स्वीकार है। सुबह तुलसी या पीपल को जल देने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और धन की कमी नहीं होती।
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उपाय: 11 परिक्रमा करें और ओम नमो भगवते वासुदेवाय बोलें।
4. गीता का एक श्लोक पढ़ें या सुनें (गीता 18.70): बुद्धि तेज और निर्णय सही
गीता पढ़ने या सुनने से बुद्धि प्रखर होती है। सुबह सिर्फ एक श्लोक भी पढ़ लें तो दिन के फैसले सही होते हैं।
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उपाय: फोन में गीता ऐप रखें। रोज एक श्लोक पढ़ें या 5 मिनट भजन सुनें।
5. सूर्य को जल अर्पित करें (गीता 4.1): सेहत और आत्मविश्वास बढ़ता है
सूर्यदेव को सुबह जल चढ़ाने से शरीर में विटामिन D बनता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। गीता में सूर्य को परमात्मा का प्रतीक माना गया है।
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उपाय: तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं ओम सूर्याय नमः 11 बार बोलें।
Geeta Ke 5 Morning Habits सिर्फ 30 मिनट लेती हैं, लेकिन पूरा दिन और जीवन बदल देती हैं। गीता कहती है, संगठित जीवन ही सुख देता है। सुबह इन आदतों से दिन की नींव मजबूत होती है। आज से शुरू करें, एक महीने में फर्क खुद महसूस करेंगे।
क्या आप गीता की इन आदतों को आज से ही अपनाना चाहेंगे?



