Hemant Soren On Jharkhand Exam Scam: झारखंड विधानसभा में छात्रों के चल रहे आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन के भीतर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की पूरी और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, साथ ही यह भी दावा किया कि छात्रों की अधिकांश मांगों को सरकार पहले ही मान चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे विवाद में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग इस संवेदनशील मुद्दे को केवल राजनीतिक फायदे के लिए भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस संबोधन के तुरंत बाद विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जबकि सत्र मूल रूप से 12 अगस्त तक चलने वाला था।
Hemant Soren On Jharkhand Exam Scam: एक दिन पहले ही समेटा गया सत्र
विधानसभा सत्र को लेकर पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक कार्यवाही 12 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान के बाद तय समय से एक दिन पहले ही सदन को समेट दिया गया। यह फैसला ऐसे समय पर आया जब छात्रों के मुद्दे पर सदन के भीतर लगातार गतिरोध बना हुआ था। सत्र का अचानक समाप्त होना इस बात का संकेत है कि परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव किस हद तक गहरा चुका था, जिसे सुलझाने के बजाय सदन की कार्यवाही ही रोक दी गई।
छात्रों और पुलिस के बीच हुई थी झड़प
दरअसल झारखंड में बीते कई दिनों से छात्र और नौकरी की तैयारी कर रहे युवा भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते हुए पहुंचे थे, जिस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं और आंसू गैस के गोले दागे। कई छात्रों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में वे गंभीर रूप से घायल हुए, वहीं पुलिस के अनुसार इस झड़प में चौदह पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे।
सदन में मंगलवार को मचा जबरदस्त हंगामा
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन के भीतर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। भाजपा विधायक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से छात्रों पर हुई कथित ज्यादती और लाठीचार्ज को लेकर सीधा जवाब मांगा। इस हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को कई बार बीच में ही स्थगित करना पड़ा, जिससे विधानसभा का माहौल पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
मुख्यमंत्री बोले, कुछ लोग कर रहे राजनीति
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले में कुछ लोग केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि JPSC से लेकर CGL परीक्षाओं तक को लेकर सदन में तरह-तरह की बातें उठाई गई हैं, लेकिन सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी विवादित परीक्षाओं की गहन जांच कराई जाएगी और इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी, चाहे विपक्ष कितना भी हंगामा क्यों न करे।
लखनऊ की कंपनी पर लगाया गड़बड़ी का आरोप
मुख्यमंत्री ने सदन में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि लखनऊ की एक कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ी की है। उन्होंने कहा कि जांच को लेकर सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है और भाजपा चाहे जितना शोरगुल मचाए, सरकार अपने तय रास्ते पर आगे बढ़ती रहेगी। इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार परीक्षा गड़बड़ी के पीछे राज्य के बाहर की एजेंसियों और व्यक्तियों की भूमिका को गंभीरता से देख रही है।
भाजपा पर तीखा राजनीतिक प्रहार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भाजपा गेरुआ वस्त्र पहनकर लोगों को गुमराह करने का काम करती थी और अब छात्रों के भेष में वही रणनीति अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आंदोलनरत छात्रों के साथ जिस तरह संवाद स्थापित किया, वह पूरी तरह उचित और संवेदनशील तरीका था। मुख्यमंत्री के मुताबिक सोमवार को छात्रों और प्रशासन दोनों ने जिस धैर्य और संयम का परिचय दिया, वह वाकई सराहनीय और अभूतपूर्व रहा।
Hemant Soren On Jharkhand Exam Scam: छात्रों की ज्यादातर मांगें मानी गईं, दावा
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि परीक्षा सुधार को लेकर छात्रों की अधिकांश मांगों को सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है और बाकी बची मांगों पर भी आने वाले समय में गंभीरता से विचार कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लखनऊ की जिस TDPL कंपनी ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराई थीं, उन सभी परीक्षाओं की विस्तृत जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकार भविष्य में परीक्षाओं को और बेहतर व पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों से भी सलाह-मशविरा करेगी।
Hemant Soren On Jharkhand Exam Scam: 25 जुलाई से जारी है छात्रों का आंदोलन
गौरतलब है कि झारखंड के छात्र पच्चीस जुलाई से इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। उनकी प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाना, JPSC और JSSC के कामकाज में जरूरी सुधार करना, गड़बड़ी से प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की जांच सीबीआई या फिर झारखंड से बाहर के रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की समिति से कराना शामिल है। यह मांगें दर्शाती हैं कि छात्र सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि ठोस और स्वतंत्र जांच प्रक्रिया चाहते हैं।
झारखंड में परीक्षा गड़बड़ी को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक टकराव का बड़ा केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लखनऊ की कंपनी पर आरोप और जांच के भरोसे के बावजूद छात्रों का आंदोलन अभी पूरी तरह थमा नहीं है। विधानसभा सत्र का समय से पहले स्थगित होना यह दर्शाता है कि सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में TDPL कंपनी की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और छात्रों की शेष मांगों पर सरकार क्या ठोस कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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