Top 5 This Week

Related Posts

Khajjiar Travel Guide: हिमाचल के ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ में प्रकृति, शांति और एडवेंचर का लें भरपूर आनंद

Khajjiar Travel Guide: शहर की आपाधापी, ट्रैफिक के शोर और डिजिटल स्क्रीन की थकान से दूर यदि आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ प्रकृति का अछूता सौंदर्य और परम शांति मिले, तो हिमाचल प्रदेश का खज्जियार आपकी अगली मंजिल हो सकता है। समुद्र तल से लगभग 6,500 फीट की ऊंचाई पर बसा यह छोटा सा खूबसूरत हिल स्टेशन चंबा जिले में स्थित है।
देवदार के विशाल और घने जंगलों से घिरा यह सुरम्य स्थल अपने हरे-भरे मखमली मैदानों और प्राकृतिक झील के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। खज्जियार की प्राकृतिक सुंदरता स्विट्जरलैंड से काफी मिलती-जुलती है, इसी कारण स्विट्जरलैंड के राजदूत ने 7 जुलाई 1992 को औपचारिक रूप से खज्जियार को ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ की उपाधि दी थी।

Khajjiar Travel Guide: खज्जियार की लोकेशन, विशेषता और प्राकृतिक सौंदर्य

खज्जियार हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थल डलहौजी से महज 22 से 24 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। चंबा जिला मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग 24 किलोमीटर है। खज्जियार पहुँचते ही चारों तरफ देवदार और चीड़ के ऊंचे-ऊंचे वृक्ष, बीच में एक विशाल प्राकृतिक घास का मैदान और पहाड़ों पर तैरते बादलों के झुंड किसी जादुई दृश्य की भांति प्रतीत होते हैं।
यहाँ की आबोहवा में एक खास ठंडक और शांति घुली हुई है जो शहर की भागदौड़ से थके-हारे मन को तुरंत तरोताजा कर देती है। यहाँ का पर्यावरण इतना शांत है कि हवा में पत्तों की सरसराहट और पक्षियों की चहचहाहट भी स्पष्ट सुनाई देती है। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—सभी के लिए यह जगह एक सुरक्षित और अद्भुत विश्राम स्थल है।

खज्जियार झील और ऐतिहासिक खज्जी नाग मंदिर का आकर्षण

खज्जियार का मुख्य केंद्र बिंदु खज्जियार झील है, जो विशाल घास के मैदान के ठीक बीच में स्थित है। यद्यपि समय के साथ इस झील के आकार में कुछ कमी आई है, लेकिन इसके चारों ओर फैला मखमली मैदान और बैकग्राउंड में फैले देवदार के जंगल इसे एक कैनवास पेंटिंग जैसा लुक देते हैं। झील के किनारे बैठकर उगते या ढलते सूरज को देखना बेहद सुकून देने वाला अनुभव होता है।
झील से थोड़ी ही दूरी पर प्रसिद्ध और ऐतिहासिक खज्जी नाग मंदिर स्थित है। दसवीं शताब्दी में बना यह मंदिर नाग देवता को समर्पित है। लकड़ी की बारीक नक्काशी और हिमाचली वास्तुकला से सुसज्जित इस मंदिर में महाभारत काल के पांडवों से जुड़े कुछ लकड़ी के चित्र भी देखने को मिलते हैं। श्रद्धालु यहाँ दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

कलतोप वाइल्डलाइफ सेंचुरी में नेचर वॉक और एडवेंचर एक्टिविटीज

प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए खज्जियार में गतिविधियों की कोई कमी नहीं है। खज्जियार और डलहौजी के बीच स्थित कलतोप वन्यजीव अभयारण्य (Kalatop Wildlife Sanctuary) ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए आदर्श स्थान है। घने देवदार के जंगलों से होकर गुजरने वाले ट्रैक्स पर पैदल चलना एक अद्भुत अनुभव है, जहाँ तेंदुए, हिरण और दुर्लभ प्रजाति के पक्षी देखे जा सकते हैं।
इसके अलावा खज्जियार के विशाल मैदानों में पर्यटक घुड़सवारी (Horse Riding) का आनंद उठा सकते हैं। एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहाँ पैराग्लाइडिंग और जॉर्बिंग (Zorbing) जैसी खेल गतिविधियाँ भी उपलब्ध हैं, जो आपकी इस शांत यात्रा में रोमांच का तड़का लगाती हैं।

दिल्ली से खज्जियार कैसे पहुँचें: रूट और ट्रांसपोर्ट गाइड

दिल्ली-एनसीआर से खज्जियार की कुल दूरी लगभग 580 से 600 किलोमीटर है। यदि आप सड़क मार्ग से अपनी निजी कार या टैक्सी से यात्रा कर रहे हैं, तो NH-44 के जरिए पानीपत, अंबाला, लुधियाना, जालंधर और पठानकोट होते हुए डलहौजी और फिर खज्जियार पहुँच सकते हैं। इस सफर में लगभग 11 से 13 घंटे का समय लगता है।
  • ट्रेन द्वारा: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट (Pathankot) है, जो खज्जियार से लगभग 95 किलोमीटर दूर है। पठानकोट से खज्जियार के लिए सीधी टैक्सी या हिमाचल रोडवेज़ (HRTC) की बसें आसानी से मिल जाती हैं।
  • हवाई मार्ग द्वारा: निकटतम हवाई अड्डा गग्गल (कांगड़ा/धर्मशाला) में स्थित है, जो खज्जियार से करीब 110 किलोमीटर की दूरी पर है। हवाई अड्डे से टैक्सी के माध्यम से खज्जियार पहुँचा जा सकता है।

खज्जियार घूमने का सबसे उत्तम समय और मौसम

खज्जियार का मौसम वर्षभर सुहावना रहता है, लेकिन आपकी पसंद के आधार पर यहाँ घूमने का समय अलग-अलग हो सकता है।
मार्च से जून के बीच का समय ग्रीष्मकालीन छुट्टियों और पारिवारिक यात्रा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है और चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। सितंबर से नवंबर के दौरान मानसून के ठीक बाद आसमान एकदम साफ रहता है और धौलाधार पर्वत श्रृंखला की चोटियाँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।
यदि आपको बर्फबारी (Snowfall) और वाइट विंटर का आनंद लेना है, तो दिसंबर से फरवरी के बीच खज्जियार की यात्रा करें। इस समय पूरा मैदान और देवदार के पेड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक जाते हैं।

डिजिटल डिटॉक्स और मानसिक शांति के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

आधुनिक जीवनशैली में जहाँ मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन ने हर व्यक्ति को व्यस्त कर दिया है, खज्जियार एक परफेक्ट ‘डिजिटल डिटॉक्स’ का अवसर देता है।
यहाँ पहुँचकर प्रकृति का नैसर्गिक सौंदर्य आपको अपने फोन की स्क्रीन से दूर कर देता है। ठंडी हवा के झोंके, खुले आसमान के नीचे हरे मैदान पर चलना और परिवार व दोस्तों के साथ बिताए गए पल मन के सारे तनाव और डिप्रेशन को दूर कर देते हैं। कई पर्यटक यहाँ आकर मेडिटेशन और योगाभ्यास करना भी पसंद करते हैं।

ठहरने का विकल्प और हिमाचली व्यंजनों का स्वाद

खज्जियार और इसके पास स्थित डलहौजी में पर्यटकों के ठहरने के लिए विस्तृत विकल्प मौजूद हैं। हिमाचल टूरिज्म (HPTDC) के होटलों के अलावा यहाँ कई प्राइवेट रिसॉर्ट्स, बजट गेस्ट हाउस और होमस्टे उपलब्ध हैं। यदि आप स्थानीय जीवन शैली का अनुभव करना चाहते हैं, तो किसी होमस्टे में रुकना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
खान-पान की बात करें तो खज्जियार में आपको पारंपरिक हिमाचली भोजन के साथ-साथ उत्तर भारतीय व्यंजन भी आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ के स्थानीय ढाबों पर मक्के की रोटी, सरसों का साग, चने की खट्टी दाल और ‘धाम’ (हिमाचली थाली) का स्वाद लेना न भूलें।

Khajjiar Travel Guide: खज्जियार यात्रा के लिए कुछ जरूरी टिप्स

खज्जियार की यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए चाहे आप गर्मियों में ही क्यों न जा रहे हों, अपने साथ कुछ हल्के गर्म कपड़े जरूर रखें।
नेचर वॉक और जंगलों में घूमने के लिए आरामदायक ट्रेकिंग शूज या स्पोर्ट्स शूज का ही इस्तेमाल करें। पर्यावरण की असीम सुंदरता को बनाए रखने के लिए प्लास्टिक कचरा या गंदगी न फैलाएं। पीक पर्यटन सीजन (मई-जून और न्यू ईयर के दौरान) में होटल और टैक्सी की बुकिंग पहले से करा लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles