West Bengal Election: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक और नवगठित जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने रेजीनगर में विशाल रैली का सफल आयोजन किया। इस मेगा समावेश में लाखों समर्थकों ने भागीदारी की और हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी सरकार के विरुद्ध खुली हुंकार भरी। रैली के दौरान उन्होंने घोषणा की कि 11 फरवरी को कुरान पाठ के साथ मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और मार्च में कोलकाता के ब्रिगेड मैदान से ममता सरकार का “मृत्यु घंटा” बजाया जाएगा।
रेजीनगर में ऐतिहासिक जनसमावेश
शनिवार को मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में आयोजित मेगा रैली ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया। हुमायूं कबीर के दावे के अनुसार इस जनसमावेश में 10 लाख से अधिक समर्थकों ने भागीदारी की। रैली स्थल पर उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि मुर्शिदाबाद जिले में हुमायूं कबीर का प्रभाव अभी भी प्रबल है।
रैली की प्रमुख विशेषताएं:
रैली में मुर्शिदाबाद समेत आसपास के जिलों से भारी संख्या में लोग पहुंचे। कई छोटे-बड़े राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मंच पर उपस्थित रहे जो भाजपा और तृणमूल दोनों के विरोधी हैं। प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के कार्यकर्ता भी रैली में शामिल हुए।
रैली स्थल पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था थी और स्थानीय प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था।
बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा
रैली को संबोधित करते हुए हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण का विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य 11 फरवरी 2026 को प्रारंभ होगा।
निर्माण कार्यक्रम का विवरण:
हुमायूं कबीर ने बताया कि 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे से मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे पूर्व 5000 लोगों के साथ डेढ़ घंटे तक सामूहिक कुरान पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह कुरान पाठ सुबह साढ़े दस बजे प्रारंभ होगा और दोपहर 12 बजे तक चलेगा।
कुरान पाठ समाप्त होने के तुरंत बाद मस्जिद की नींव पर निर्माण कार्य औपचारिक रूप से प्रारंभ होगा। कबीर ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में भी हजारों लोग शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखी गई थी, जिसमें पूरे पश्चिम बंगाल से मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने भागीदारी की थी। उस समय भी इस कदम ने राज्य में व्यापक चर्चा और विवाद उत्पन्न किया था।
गीता पाठ के जवाब में कुरान पाठ
हुमायूं कबीर की यह पहल हिंदू सनातन समाज द्वारा कोलकाता के ब्रिगेड मैदान पर आयोजित विशाल सामूहिक गीता पाठ के प्रत्युत्तर में की गई है। हिंदू संगठनों ने उस कार्यक्रम में 5 लाख लोगों को एकत्रित करके सामूहिक गीता पाठ किया था।
रैली में हुमायूं कबीर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि हिंदू समाज अपने धर्मग्रंथ का सामूहिक पाठ कर सकता है तो मुस्लिम समुदाय भी अपने पवित्र ग्रंथ कुरान का सामूहिक पाठ करने का पूर्ण अधिकार रखता है। उन्होंने इसे धार्मिक समानता और अधिकार का मामला बताया।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पश्चिम बंगाल में धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकता है।
ममता सरकार को खुली चुनौती

रैली का सबसे आक्रामक हिस्सा वह था जब हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार के विरुद्ध सीधी चुनौती फेंकी। उन्होंने घोषणा की कि मार्च 2026 में कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान से वे ममता सरकार का “मृत्यु घंटा” बजाएंगे।
हुमायूं कबीर के प्रमुख आरोप:
कबीर ने ममता सरकार पर मुस्लिम समुदाय की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि TMC सरकार केवल वोट के समय मुसलमानों को याद करती है लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी समस्याओं की अनदेखी करती है।
कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास में मुसलमानों की पिछड़ी स्थिति को सरकार की विफलता बताया।
उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में TMC को मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
विवादास्पद गठबंधन
रैली में सबसे विवादास्पद पहलू प्रतिबंधित संगठन PFI से जुड़ी SDPI की भागीदारी रही। केंद्र सरकार ने PFI पर आतंकवाद से संबंध के गंभीर आरोप लगाकर उस पर प्रतिबंध लगाया था।
हुमायूं कबीर ने इस आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि SDPI एक पंजीकृत राजनीतिक दल है और उसे राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने का पूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि वे सभी TMC विरोधी और भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।
ब्रिगेड मैदान से बड़ा प्रदर्शन की तैयारी
हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि मार्च 2026 में कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान से जो प्रदर्शन किया जाएगा वह आज की रैली से भी बड़ा होगा। उन्होंने दावा किया कि उस समय तक पूरे पश्चिम बंगाल से TMC विरोधी ताकतें एकजुट हो जाएंगी।
ब्रिगेड मैदान पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियों का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। वहां से ममता सरकार के विरुद्ध बड़ा प्रदर्शन करना राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम होगा।
राजनीतिक विश्लेषण
आज की रैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल जिले में उनका प्रभाव TMC के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न कर सकता है।
हालांकि यह भी संभव है कि TMC विरोधी वोट बंटने से भाजपा को अप्रत्यक्ष लाभ मिले। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति आगामी विधानसभा चुनाव को और रोचक बना देगी।
West Bengal Election: निष्कर्ष
रेजीनगर की आज की विशाल रैली ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया समीकरण तैयार कर दिया है। हुमायूं कबीर की आक्रामक राजनीति, बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा और ममता सरकार को खुली चुनौती – ये सभी घटनाक्रम आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।



