Jharkhand News: झारखंड के गिरिडीह जिले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी सीसीएल की गिरिडीह कोलियरी में गुरुवार की सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। कोयला तस्करों के खिलाफ चलाए गए इस छापामारी अभियान में सीसीएल प्रबंधन, मुफस्सिल थाना पुलिस, सीसीएल सुरक्षा बल और होमगार्ड के जवान एक साथ मैदान में उतरे। कोलियरी अंतर्गत कबरीबाद माइंस में चलाई गई इस कार्रवाई में कोयला तस्करी में इस्तेमाल होने वाली 15 बाइक जब्त की गईं। हालांकि तस्कर मौके से भागने में सफल रहे लेकिन इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। परियोजना पदाधिकारी जीएस मीणा ने साफ कहा है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा और आगे भी कोयला चोरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
सुबह-सुबह चला संयुक्त अभियान, तस्करों में मचा हड़कंप
गुरुवार की सुबह जब ज्यादातर लोग नींद से उठ भी नहीं पाए थे, तब गिरिडीह कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी जीएस मीणा के नेतृत्व में एक बड़ा दल कबरीबाद माइंस की तरफ रवाना हुआ। इस दल में मुफस्सिल थाना पुलिस के जवान, सीसीएल का अपना सुरक्षा बल और होमगार्ड के जवान शामिल थे। यह एक पूर्व नियोजित और सुनियोजित छापामारी थी जो कोयला तस्करी की जानकारी मिलने के बाद तैयार की गई थी।
कबरीबाद पहुंचते ही टीम ने देखा कि तस्कर बाइकों पर कोयला लादकर ले जाने की तैयारी में थे। जैसे ही तस्करों को सुरक्षा बल के आने की भनक लगी, वे अपनी बाइकें वहीं छोड़कर भाग खड़े हुए। टीम ने मौके पर 15 बाइकें जब्त कर लीं। जब्त की गई सभी बाइकों को गिरिडीह मुफस्सिल थाने में जमा किया जा रहा है।
कोयला तस्करी कैसे होती है, कैसे पकड़ा गया

गिरिडीह कोलियरी और आसपास के खनन क्षेत्रों में कोयला तस्करी एक बड़ी समस्या रही है। तस्कर आमतौर पर रात के अंधेरे या सुबह की कम रोशनी का फायदा उठाकर खदानों से कोयला चुराते हैं। बाइकों पर छोटे-छोटे बोरों में या सीट के नीचे कोयला छुपाकर ले जाना उनका सामान्य तरीका है। एक बाइक में 15 से 30 किलो तक कोयला ले जाया जा सकता है। जब कई बाइकें एक साथ काम करती हैं तो यह मात्रा काफी बड़ी हो जाती है।
सीसीएल प्रबंधन को लंबे समय से यह जानकारी थी कि कबरीबाद माइंस के आसपास बाइकों से कोयला तस्करी हो रही है। सूचना जुटाने के बाद एक संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई और गुरुवार की सुबह इसे अंजाम दिया गया।
उत्पादन पर पड़ता है असर, दुर्घटना का खतरा भी
परियोजना पदाधिकारी जीएस मीणा ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि कोयला तस्करी सिर्फ सरकारी खजाने का नुकसान नहीं है। यह खदान के असल उत्पादन को भी प्रभावित करती है। जब तस्कर खदान में घुसकर अनधिकृत तरीके से कोयला निकालते हैं तो इससे खनन क्षेत्र की संरचना कमजोर हो सकती है। अव्यवस्थित तरीके से खुदाई होने पर जमीन धंसने या खदान में हादसे का खतरा बना रहता है।
मीणा ने यह भी बताया कि तस्करी का यह खेल बहुत संगठित तरीके से होता है। कई बाइकें एक साथ काम करती हैं, कुछ लोग पहरा देते हैं और कुछ लोग माल उठाने और पहुंचाने का काम करते हैं। यह एक नेटवर्क की तरह काम करता है जिसे तोड़ना जरूरी है।
उन्होंने साफ किया कि आज की कार्रवाई में 15 से 16 बाइक जब्त की गई हैं और यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। कोयला तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जो भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
खदान क्षेत्र में बड़ी समस्या है कोयला तस्करी
झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है और यहां कोयले की खदानें बड़ी संख्या में हैं। गिरिडीह, धनबाद, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग जैसे जिलों में कोयले की खदानें हैं जो देश को ऊर्जा देने में अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन इन्हीं खदानों के आसपास कोयला तस्करी एक बड़ी समस्या बन गई है।
कोयला तस्करी से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। जो कोयला देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए निकाला जाता है, वह बिना किसी टैक्स या शुल्क के अवैध बाजार में बिक जाता है। स्थानीय ईंट भट्ठे, छोटे उद्योग और कुछ घरेलू उपयोगकर्ता इस अवैध कोयले के खरीदार होते हैं क्योंकि यह उन्हें सस्ते में मिल जाता है।
इसके अलावा खदान में अनधिकृत खुदाई से जो नुकसान होता है वह कभी-कभी कुछ सालों बाद बड़े हादसों की वजह बनता है। जमीन के अंदर अव्यवस्थित खनन से जमीन धंसने की घटनाएं देश में पहले भी हो चुकी हैं।
तस्कर फरार, लेकिन सबूत बरामद
इस छापेमारी में एक बात निराशाजनक यह रही कि तस्कर मौके से भागने में सफल रहे। लेकिन 15 बाइकों की जब्ती एक बड़ी कामयाबी है। इन बाइकों के नंबर प्लेट और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस इनके मालिकों का पता लगाने की कोशिश करेगी।
पुलिस का मानना है कि जब्त की गई बाइकों से जो जानकारी मिलेगी उससे इस पूरे तस्करी नेटवर्क को उजागर किया जा सकता है। किसकी बाइक है, कहां की है और किसके नाम पर रजिस्टर्ड है, यह सब पता चलने पर तस्करी के तार तक पहुंचा जा सकता है।
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