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Jharkhand News: झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBI, 2007 के कांड पर जांच रोक हटाने की मांग, जानें पूरा मामला

Jharkhand News: झारखंड में 2007 के विधानसभा नियुक्ति घोटाले का मामला फिर से गरमाया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। CBI ने हस्तक्षेप याचिका दायर कर झारखंड हाईकोर्ट के जांच आदेश पर लगी रोक हटाने की गुहार लगाई है। यह घोटाला विधानसभा में 150 से ज्यादा नियुक्तियों में अनियमितता, घूसखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। CBI का कहना है कि जांच से रोक हटने पर सच्चाई सामने आएगी। झारखंड हाईकोर्ट ने 2023 में CBI जांच का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में रोक लगा दी। अब CBI ने तर्क दिया है कि प्रारंभिक जांच से भ्रष्टाचार की पुष्टि हो सकती है। यह मामला राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर रहा है।

घोटाले का पूरा बैकग्राउंड

यह घोटाला 2007 में झारखंड विधानसभा में विभिन्न पदों पर हुई नियुक्तियों से जुड़ा है। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल में 150 से ज्यादा लोगों की भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगा। इसमें पद के दुरुपयोग, घूसखोरी और अनियमितता शामिल थी। शिवशंकर शर्मा ने जनहित याचिका दायर की, जिसमें भ्रष्टाचार के सबूत के तौर पर एक सीडी पेश की गई। राज्यपाल ने 7 जुलाई 2014 को एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया। आयोग ने 30 बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपी, जिसमें घूस लेनदेन और अनियमितताओं का उल्लेख था। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई के बजाय सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में दूसरा आयोग बनाया। CBI ने कहा कि यह जांच से बचने की कोशिश थी।

CBI की याचिका: रोक हटाने का अनुरोध

CBI ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें कहा गया कि हाईकोर्ट ने 23 अक्टूबर 2023 को जांच का आदेश दिया था। विधानसभा ने अपील की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 14 नवंबर 2024 को रोक लगा दी। CBI का तर्क है कि प्रारंभिक जांच सिर्फ आरोपों की पुष्टि के लिए है। राज्यपाल की सिफारिश पर जांच जरूरी है। याचिका में कहा गया कि आयोग की रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के स्पष्ट संकेत हैं। CBI ने प्रार्थना की कि रोक हटाकर जांच शुरू हो।

हाईकोर्ट का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने दोनों आयोगों की रिपोर्ट और राज्यपाल के निर्देश पर CBI जांच का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अनियमितताओं की गहन जांच जरूरी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। CBI ने अब हस्तक्षेप मांगा। यह मामला विधानसभा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि घोटाले में बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का इंतजार

CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई कर सकता है। अगर रोक हटी, तो पुराने घोटाले की परतें खुलेंगी। झारखंड में भर्ती घोटालों का इतिहास रहा है, जो राजनीतिक भ्रष्टाचार को उजागर करता है। CBI ने कहा कि जांच से पारदर्शिता आएगी।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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