केरल : मलप्पुरम जिले में निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आया है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। वलांचेरी क्षेत्र की 42 वर्षीय एक महिला में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार, महिला को तीन दिन पहले तेज बुखार के लक्षणों के साथ पेरिनथलमन्ना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने गुरुवार को महिला के सैंपल की जांच के बाद निपाह वायरस की पुष्टि की।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला के परिवार और उसके करीबी दोस्तों में अभी तक बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। इसके बावजूद, प्रशासन ने महिला के पड़ोस में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने महिला की हाल की गतिविधियों का विस्तृत मूल्यांकन शुरू कर दिया है, ताकि उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा सके और संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके। इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज, जो फिलहाल पालक्काड में हैं, जल्द ही मलप्पुरम पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगी। इससे पहले भी केरल में निपाह वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में पंडिक्कड़ के एक 14 वर्षीय लड़के की कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान निपाह वायरस के कारण मौत हो गई थी, लेकिन उस समय स्वास्थ्य विभाग ने वायरस के फैलाव को रोकने में सफलता पाई थी।
निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है और बरसात के मौसम में इसके संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द और कभी-कभी मस्तिष्क की सूजन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। निपाह वायरस का फिलहाल कोई विशेष इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए सतर्कता और रोकथाम ही सबसे बड़ा उपाय है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लक्षण के दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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