केरल: मलप्पुरम जिले में मई 2025 में निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आया, जिससे इलाके में चिंता का माहौल बन गया। वलांचेरी नगरपालिका क्षेत्र की 42 वर्षीय एक महिला में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई। द इंडियन एक्सप्रेस की 8 मई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार महिला को इंसेफेलाइटिस (दिमागी सूजन) के लक्षणों के साथ एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए, जिसने गुरुवार, 8 मई को निपाह की पुष्टि की।
Kerala: Nipah Outbreak Reported In Mallapuram:महिला को लक्षण दिखाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया
मुख्य बातें
- प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
- मरीज की हालत पर बाद में क्या जानकारी आई?
- केरल में निपाह का इतिहास
- निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है?

प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
स्वास्थ्य विभाग ने महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू की और उसके इलाके में प्रतिबंध और निगरानी बढ़ा दी गई। केरल सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार संपर्क में आए 7 लोगों के शुरुआती सैंपल नेगेटिव आए और मलप्पुरम जिले में स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया गया। अधिकारियों ने महिला की हाल की गतिविधियों का विस्तृत मूल्यांकन शुरू किया, ताकि संपर्क में आए लोगों और संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके। इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई।
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज, जो उस समय पालक्काड में थीं, रोकथाम के उपायों की निगरानी के लिए मलप्पुरम पहुंचीं। केरल 2018 से, जब राज्य में पहली बार निपाह सामने आया था, ऐसे रोकथाम उपाय लागू करता आ रहा है।
मरीज की हालत पर बाद में क्या जानकारी आई?
ऑनमनोरमा की 30 मई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि वलांचेरी की मरीज के लगातार दो सैंपल निगेटिव आए। मरीज का इलाज पेरिंथलमन्ना के EMS कोऑपरेटिव अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल के मुताबिक मरीज पिछले 12 दिनों से बिना वेंटिलेटर के सांस ले रही थी और उसके दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन का स्तर सामान्य था, हालांकि वह तब तक पूरी तरह होश में नहीं आई थी।
केरल में निपाह का इतिहास
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 2018 से केरल में निपाह के पांच प्रकोप हो चुके हैं। 2018 में संक्रमित 18 में से 17 लोगों की मौत हुई थी। 2021 में एक और मौत हुई, 2023 में दो मौतें दर्ज हुईं और 2024 में मलप्पुरम में जुलाई और सितंबर में दो मौतें हुईं। इस तरह 2018 से राज्य में निपाह से कुल 22 मौतें हुई हैं। जुलाई 2024 की मौत पंडिक्कड़ के एक 14 वर्षीय लड़के की थी, जिसका इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था।
रिपोर्ट के अनुसार केरल के सभी प्रकोप मई से सितंबर के बीच, यानी बरसात के मौसम में सामने आए। इस मौसम में वायरल बुखार और फ्लू भी आम होते हैं, इसलिए निपाह की शुरुआती पहचान चुनौती बन जाती है।
निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार निपाह एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह आमतौर पर जानवरों से इंसानों में आता है। टेरोपोडिडी परिवार के फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट) इसके प्राकृतिक वाहक हैं। संक्रमण संक्रमित जानवरों (चमगादड़, सूअर या घोड़े) के सीधे संपर्क से, चमगादड़ों से दूषित फल या कच्चे खजूर के रस से, और संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क से भी फैल सकता है। अस्पतालों और मरीज की देखभाल करने वाले परिजनों में भी इसका फैलाव दर्ज किया गया है।
WHO के अनुसार निपाह के मामले पहली बार 1998 में मलेशिया में सामने आए थे। भारत और बांग्लादेश में इसके प्रकोप 2001 में दर्ज हुए। इसकी मृत्यु दर 40% से 75% के बीच आंकी जाती है।
निपाह के लक्षण
WHO के मुताबिक संक्रमण से लक्षण दिखने तक का समय (इनक्यूबेशन पीरियड) आमतौर पर 3 से 14 दिन होता है। ज्यादातर लोगों में ये लक्षण दिखते हैं:
- बुखार
- सिरदर्द, भ्रम या उलझन जैसे दिमाग से जुड़े लक्षण
- सांस लेने में तकलीफ या खांसी
- ठंड लगना, थकान, उनींदापन, चक्कर, उल्टी और दस्त
दिमाग से जुड़े लक्षण वाले मरीजों में गंभीर बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।
इलाज और बचाव
WHO के अनुसार निपाह का फिलहाल कोई विशेष इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है, हालांकि कुछ संभावित उत्पादों पर काम चल रहा है। समय पर गहन सहायक देखभाल (इंटेंसिव सपोर्टिव केयर) से बचने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा उपाय है:
- जमीन पर गिरे या चमगादड़ों द्वारा कुतरे फल न खाएं, फलों को अच्छी तरह धोकर खाएं।
- कच्चा खजूर या ताड़ का रस पीने से बचें।
- बीमार व्यक्ति की देखभाल करते समय मास्क पहनें और बार-बार हाथ धोएं।
- बुखार के साथ सिरदर्द, उलझन या सांस की तकलीफ हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: मई 2025 में निपाह का मामला कहां मिला था?
जवाब: केरल के मलप्पुरम जिले के वलांचेरी की 42 वर्षीय महिला में, जिसकी पुष्टि NIV पुणे ने 8 मई 2025 को की।
सवाल: क्या निपाह का टीका है?
जवाब: WHO के अनुसार अभी निपाह का कोई टीका या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है।
सवाल: निपाह कितना खतरनाक है?
जवाब: WHO इसकी मृत्यु दर 40% से 75% के बीच आंकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। लक्षण दिखने पर डॉक्टर या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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