Bengal News: जब ईरान-अमेरिका युद्ध की खबरें अखबारों में थीं तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह युद्ध इतनी जल्दी बंगाल के आम इंसान की रसोई तक आ पहुंचेगा। लेकिन बंगाल के हर जिले में यही तस्वीर दिखी खाली सिलेंडर लिए हाथों में और वितरण केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें।
काकद्वीप से सिलिगुड़ी तक पूरा बंगाल प्रभावित

यह संकट किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। राज्य के सबसे दक्षिणी छोर काकद्वीप से लेकर उत्तर के सिलिगुड़ी तक हर जिले में LPG वितरण केंद्रों के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी। लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों कतार में खड़े रहे। कई लोगों ने बताया कि वे ऑनलाइन बुकिंग करने में भी असमर्थ हो रहे हैं। वेबसाइट और ऐप पर स्लॉट उपलब्ध नहीं हो रहे।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया संकट ने भारत की LPG आयात आपूर्ति श्रृंखला को सीधे प्रभावित किया है जिसका असर अगले कई हफ्तों तक बना रह सकता है।
कोलकाता में बंद हुईं दुकानें, बढ़ा ऑटो किराया
बंगाल के गैस संकट का असर सिर्फ रसोई तक नहीं रुका। कोलकाता के व्यावसायिक इलाकों और पड़ोसी साल्टलेक में सड़क किनारे खाने-पीने की दर्जनों दुकानें LPG सिलेंडर न मिलने के कारण पूरी तरह बंद हो गई हैं।
जो दुकानें खुली हैं वे सीमित मेनू और बढ़ी हुई कीमतों के साथ काम कर रही हैं। LPG से चलने वाले ऑटो-रिक्शा भी शहर और आसपास के जिलों में सड़कों से गायब होने लगे हैं।
फिलिंग स्टेशनों पर अनियमित आपूर्ति के चलते ऑटो चालक परेशान हैं। यात्रियों का कहना है कि कई मार्गों पर ऑटो चालक सामान्य किराये से 10 से 25 प्रतिशत तक अधिक वसूल रहे हैं।
सरकार ने उठाए ये अहम कदम
बंगाल सरकार ने संकट की गंभीरता को भांपते हुए गुरुवार को ही कई कदम उठाए।
SOP जारी राज्य सरकार ने LPG आपूर्ति और वितरण की समन्वित निगरानी के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP जारी की।
24 घंटे का कंट्रोल रूम राज्य सचिवालय नबान्न में चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जहाँ गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
राज्य स्तरीय संकट निगरानी समिति LPG की उपलब्धता पर नजर रखने और नीतिगत मार्गदर्शन देने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है जो नियमित रूप से आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि LPG की उपलब्धता जल्द से जल्द स्थिर हो और लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान हो।
आम नागरिक क्या करें जरूरी सुझाव
इस संकट में घबराहट में एक साथ कई बुकिंग करने से बचें क्योंकि इससे आपूर्ति और बिगड़ती है।
नबान्न स्थित 24 घंटे के नियंत्रण कक्ष में अपनी शिकायत दर्ज करें। गैस का उपयोग सोच-समझकर करें और प्रेशर कुकर जैसे गैस बचाने वाले उपकरण अपनाएं। इंडक्शन कुकर को वैकल्पिक विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार करें। ऑटो किराया बढ़ाए जाने की शिकायत परिवहन विभाग में दर्ज कराएं।
क्यों है यह संकट इतना गंभीर?
भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित हुआ है जिससे आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
बंगाल जैसे घनी आबादी वाले राज्य में जहाँ लाखों परिवार रोज LPG पर निर्भर हैं, वहाँ यह संकट और गहरा महसूस होता है।
Bengal News: निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल का LPG संकट उस वैश्विक उथल-पुथल का स्थानीय चेहरा है जो हजारों किलोमीटर दूर लड़े जा रहे युद्ध ने पैदा किया है। काकद्वीप की एक गृहिणी हो या साल्टलेक का एक ढाबा संचालक सबकी रसोई पर एक ही संकट की मार है।
सरकार के कदम सही दिशा में हैं लेकिन जब तक वैश्विक आपूर्ति सामान्य नहीं होती तब तक हर नागरिक को सतर्क और संयमित रहना होगा। गैस बचाएं, घबराहट में जमाखोरी न करें और सरकारी हेल्पलाइन का उपयोग करें।
Read More Here



