West Bengal News: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत सुनवाई के लिए बुलाया गया है। कारण है उनके और उनके भाई द्वारा भरे गए नामांकन फॉर्म में हुई गलती। चुनाव आयोग ने सत्यापन के लिए उन्हें कोलकाता बुलाया था। सुनवाई 6 जनवरी 2026 को जादवपुर के एक स्कूल में होनी थी, लेकिन शमी विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व करने राजकोट में थे, इसलिए नहीं आ सके। उनके भाई मोहम्मद कैफ को भी बुलाया गया था। शमी ने नई तारीखें मांगी, जो स्वीकार कर ली गईं। अब सुनवाई 9 से 11 जनवरी 2026 के बीच होगी।
यह मामला बंगाल में चल रहे SIR विवाद का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रक्रिया को अमानवीय बताकर कोर्ट जाने का ऐलान किया है। वहीं भाजपा इसे फर्जी वोटर हटाने की जरूरी प्रक्रिया बता रही है। शमी का मामला इसमें नया मोड़ ला रहा है। आइए, पूरी डिटेल समझते हैं।
शमी को क्यों बुलाया गया और क्या है मामला?

मोहम्मद शमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन क्रिकेट करियर की वजह से कई सालों से कोलकाता में रहते हैं। वे कोलकाता नगर निगम के वार्ड 93 के मतदाता हैं, जो रशीदबेहारी विधानसभा क्षेत्र में आता है। पहले वे बंगाल की अंडर-22 टीम में पूर्व रणजी कप्तान संबरन बनर्जी के अधीन खेल चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया चल रही है। इसमें 2003 की मतदाता सूची से मौजूदा मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है। शमी और उनके भाई के फॉर्म में गलती पाई गई। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, “शमी और उनके भाई द्वारा भरे गए नामांकन फॉर्म में गलती थी, इसलिए सुनवाई के लिए बुलाया गया।”
सुनवाई में दस्तावेज सत्यापन होता है। अगर सब ठीक रहा, तो नाम सूची में रहता है। गलती होने पर सुधार या हटाने का फैसला होता है। शमी के मामले में फॉर्म की गलती सत्यापित की जानी है।
सुनवाई क्यों टली और नई तारीखें
6 जनवरी को सुनवाई थी, लेकिन शमी राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे थे। वे बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सके। उनके भाई को भी बुलाया गया था। शमी ने चुनाव आयोग से नई तारीखें मांगीं। आयोग ने इसे स्वीकार कर लिया। अब सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होगी। स्थान वही जादवपुर का स्कूल रहेगा।
शमी के फैंस और क्रिकेट प्रेमी इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। शमी ने कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति खेल प्रतिबद्धता की वजह से थी।
बंगाल में SIR विवाद का बैकग्राउंड
यह मामला बंगाल में चल रहे बड़े SIR विवाद से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रक्रिया को अमानवीय बताया है। उन्होंने सागर द्वीप पर जनसभा में कहा कि SIR से लोग डरे हुए हैं, परेशान हो रहे हैं, प्रशासनिक मनमानी हो रही है और कुछ लोगों की मौत तक हो गई। कई अस्पताल में भर्ती हैं। ममता ने आरोप लगाया कि 2026 विधानसभा चुनाव से पहले वोटरों को वोट देने से वंचित करने की कोशिश हो रही है। वे कोर्ट जाने की बात कर रही हैं।
भाजपा का कहना है कि SIR जरूरी है। फर्जी वोटर और घुसपैठिए हट रहे हैं, जो TMC का वोट बैंक हैं। इसलिए TMC विरोध कर रही है। SIR से मतदाता सूची साफ हो रही है।
शमी का मामला इसमें नया है। वे क्रिकेटर हैं और राजनीति से दूर रहते हैं। लेकिन उनका नाम आने से विवाद और बढ़ गया है।
शमी का बंगाल से कनेक्शन
शमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले हैं, लेकिन क्रिकेट की वजह से बंगाल से गहरा जुड़ाव है। वे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए IPL खेलते हैं। बंगाल रणजी टीम में भी खेल चुके हैं। कोलकाता में लंबे समय से रहते हैं। इसलिए वे कोलकाता के मतदाता हैं। यह मामला उनकी मतदाता स्थिति की जांच से जुड़ा है।
आगे क्या होगा?
शमी नई तारीखों पर सुनवाई में जाएंगे। दस्तावेज सत्यापित होंगे। अगर सब ठीक रहा, तो कोई समस्या नहीं। SIR पूरे बंगाल में चल रहा है। लाखों लोगों को नोटिस गए हैं। सुनवाई में सही दस्तावेज देने पर नाम रहता है।
राजनीतिक रूप से यह विवाद 2026 चुनाव तक चलेगा। TMC इसे मुद्दा बनाएगी। भाजपा सफाई का।
West Bengal News: शमी का मामला SIR विवाद का हिस्सा
मोहम्मद शमी को फॉर्म गलती के कारण SIR सुनवाई के लिए बुलाया गया। सुनवाई टलकर 9-11 जनवरी हो गई। यह बंगाल के बड़े SIR विवाद का हिस्सा है। ममता विरोध कर रही हैं, भाजपा समर्थन। शमी क्रिकेटर हैं, लेकिन उनका नाम आने से मामला हाईलाइट हो गया।



