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पटना में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, आठ माह में 14 मुठभेड़, 13 के पैर में लगी गोली

Bihar News: अपराध पर लगाम कसने के लिए पटना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इनामी और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले आठ महीनों में जून 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 14 मुठभेड़ें हुई हैं। इनमें एक अपराधी मारा गया, जबकि 13 अन्य के पैर में गोली लगी है।

पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ छापेमारी तक सीमित नहीं है। अगर अपराधी पुलिस पर फायरिंग कर रहे हैं, तो पुलिस भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं हट रही। यह सख्ती पटना में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से ऐसे कुख्यातों को गिरफ्तार किया जा रहा है जो वर्षों से या हाल के कुछ महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर थे।

एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीमें योजनाबद्ध तरीके से ऐसे कुख्यातों की गिरफ्तारी में जुटी हैं। इन अपराधियों पर न केवल इनाम घोषित था, बल्कि कई राज्यों में इनके आपराधिक नेटवर्क फैले हुए थे। पुलिस ने अपनी खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए इन अपराधियों की लोकेशन ट्रेस की और समय पर कार्रवाई की।

दूसरे राज्यों से भी आरोपितों की धरपकड़ तेज हो गई है। बीते कुछ महीनों में पटना पुलिस ने राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक तक छापेमारी कर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कुछ राज्यों में अभी भी पुलिस छापेमारी अभियान जारी रखे हुए है।

यह रणनीति दिखाती है कि पटना पुलिस अंतर-राज्य समन्वय को मजबूत कर रही है और अपराधियों को कहीं भी छिपने का मौका नहीं दे रही है। विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।

14 मुठभेड़ों का विस्तृत विवरण

Bihar News
Bihar News: Criminal hospitalized after police encounter

11 जून 2025: बिहटा के विष्णुपुरा गांव के पास पुलिस हिरासत से भाग रहे हत्यारोपित को पकड़ने के दौरान पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी। अपराधी पुलिस वाहन से कूदकर भागने का प्रयास कर रहा था।

13 जून 2025 (पहली घटना): खुशरूपुर थाना क्षेत्र में एक अपराधी ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली मार दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।

13 जून 2025 (दूसरी घटना): दानापुर में हुई हत्या के मामले में वांछित आरोपित ने पिस्टल बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर दी। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी।

25 जून 2025: जेपी गंगा पथ पर आठ मामलों में वांछित एक कुख्यात अपराधी ने एसटीएफ की टीम पर फायर किया। एसटीएफ ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग कर उसके पैर में गोली मार दी।

7 जुलाई 2025: मालसलामी थाना क्षेत्र में ईंट-भट्टा के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में विकास उर्फ राजा नामक अपराधी मारा गया। यह पिछले आठ महीनों की एकमात्र घटना है जिसमें अपराधी की मौत हुई।

13 जुलाई 2025: रानी तालाब के सरैया स्थित बागीचा में लूटपाट के मामले में गिरफ्तार आरोपित के साथ मुठभेड़ हुई। उसके पैर में गोली मारी गई।

6 अगस्त 2025: एक कुख्यात अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस ने फुलवारीशरीफ में छापेमारी की। मुठभेड़ में अपराधी के पैर में गोली लगी।

15 अगस्त 2025: रानी तालाब क्षेत्र में आरोपित और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपित के पैर में गोली मारी।

17 अगस्त 2025: आलमगंज के बिस्कोमान गोलंबर के पास पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में गोली लगी।

16 नवंबर 2025: खुशुरूपुर में सड़क किनारे पुलिस और इनामी अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई। अपराधी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

10 दिसंबर 2025: जानीपुर में बैंककर्मी से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने वाले आरोपित के साथ पुलिस मुठभेड़ हुई। उसके पैर में गोली लगी।

2 जनवरी 2026: खगौल में वांछित इनामी अपराधी फरार होने के प्रयास में फायरिंग कर रहा था। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ।

15 जनवरी 2026: मनेर के रतन टोला में लूटकांड के आरोपित के साथ पुलिस मुठभेड़ हुई। पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी।

22 जनवरी 2026: मसौढ़ी थाना क्षेत्र में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य परमानंद यादव के साथ मुठभेड़ हुई। पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी और 9 एमएम पिस्टल बरामद की।

पुलिस की नई रणनीति

पटना पुलिस और एसटीएफ की यह कार्रवाई एक नई रणनीति का हिस्सा है। पुलिस अब सिर्फ प्रतिक्रियात्मक नहीं बल्कि सक्रिय रूप से अपराधियों का पीछा कर रही है। खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है और अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

अंतर-राज्य समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। जब भी कोई अपराधी दूसरे राज्य में छिपने की कोशिश करता है, तुरंत उस राज्य की पुलिस से संपर्क कर संयुक्त अभियान चलाया जाता है। यह रणनीति काफी प्रभावी साबित हो रही है।

पुलिस टीमों को बेहतर प्रशिक्षण और हथियार उपलब्ध कराए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान पुलिसकर्मी न केवल अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं बल्कि अपराधी को भी जानलेवा चोट पहुंचाने से बचते हैं। यही कारण है कि ज्यादातर मामलों में पैर में गोली मारी गई, जिससे अपराधी जिंदा पकड़ा जा सके और कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके।

Bihar News: अपराध नियंत्रण पर असर

इन मुठभेड़ों का पटना में अपराध पर नियंत्रण में सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई छोटे-मोटे अपराधी अब पुलिस की सख्ती देखकर सतर्क हो गए हैं। इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी से उनके गिरोह भी कमजोर हुए हैं।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग जैसे अंतर-राज्य गिरोहों पर भी प्रहार किया जा रहा है। ऐसे गिरोह जो एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर छिप जाते थे, अब पुलिस की बेहतर समन्वय व्यवस्था के कारण पकड़े जा रहे हैं। यह पटना में संगठित अपराध पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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