Strait of Hormuz: मध्य पूर्व में तनाव के बीच एक और चिंताजनक घटना सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स द्वारा दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की गई। भारत सरकार ने इस घटना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरानी दूत को तलब किया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में गहरी चिंता व्यक्त की है। हालांकि, दोनों भारतीय जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और वे सुरक्षित वापस लौट आए हैं।
विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, ईरानी दूत को बुलाया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना के बाद ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया। विदेश सचिव ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और पूरी स्थिति की जानकारी मांगी।
भारत ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग में किसी भी तरह की गोलीबारी अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने कहा कि हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।
Strait of Hormuz: क्या हुआ था घटना में?

18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स ने कई जहाजों पर फायरिंग की। इसमें दो भारतीय जहाज भी शामिल थे। ईरानी मीडिया ने बताया कि फायरिंग के बाद भारतीय जहाज सुरक्षित वापस लौट गए। भारत की ओर से भी इसकी पुष्टि की गई है।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के प्रवक्ता मंदीप सिंह रंधावा ने कहा कि पिछले 48 घंटों में दो भारतीय जहाजों ने होर्मुज से गुजरते समय गोलीबारी की सूचना दी। किसी के घायल होने या जहाज को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है। मंत्रालय पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।
भारत की चिंता और राजनयिक कदम
भारत ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा कि ईरानी हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है और भारत से उन देशों के लिए उड़ानें जारी हैं जहां हवाई क्षेत्र खुला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने आगे बताया कि खाड़ी देशों तक भारत की पहुंच पूरी तरह बनी हुई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अप्रैल को सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा की और वहां ऊर्जा मंत्री तथा विदेश मंत्री के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
भारत का रुख साफ है कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है। साथ ही भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने कहा कि हम ईरान से इस घटना की विस्तृत जानकारी मांग रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।
होर्मुज का महत्व और क्षेत्रीय तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर यहां कोई समस्या होती है तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। लेबनान में युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में जहाजों पर फायरिंग जैसी घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गई है।
भारत लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र में शांति की अपील करता रहा है। हमारा देश ईरान और सऊदी अरब दोनों के साथ अच्छे संबंध रखता है। इसलिए भारत दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।
भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने सभी भारतीय जहाजों को सतर्क रहने और जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है। बंदरगाह मंत्रालय भी लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो भारतीय नौसेना की मदद भी ली जा सकती है। सरकार का मुख्य फोकस भारतीय नागरिकों और जहाजों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे, यह सुनिश्चित करना है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण जल मार्ग को सुरक्षित रखा जाए। वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा हर देश की जिम्मेदारी है।
Read More Here:-
लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल गिरा: विकास का मौका चूके या खतरे से बचे? जानें इस पूरी बहस की असली कहानी
महिला आरक्षण पर झारखंड कांग्रेस का BJP पर बड़ा हमला, PM के संबोधन को बताया ‘झूठ का पिटारा,
लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल गिरा: विकास का मौका चूके या खतरे से बचे? जानें इस पूरी बहस की असली कहानी



