Top 5 This Week

Related Posts

Tamil Nadu Election 2026: क्या BJP तोड़ पाएगी द्रविड़ राजनीति का किला? अन्नामलाई मैदान से बाहर, AIADMK संग नई रणनीति, जानें पूरी जमीनी हकीकत

Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 23 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। इस बार का चुनाव पिछले कई सालों से सबसे ज्यादा दिलचस्प और अनिश्चित माना जा रहा है। एक तरफ सत्तारूढ़ डीएमके और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन अपनी सरकार बचाने की कोशिश में हैं तो दूसरी तरफ एआईएडीएमके और भाजपा का गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। इस बीच अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम यानी टीवीके एक तीसरी ताकत के रूप में मैदान में उतर आई है जिसने चुनावी समीकरणों को और उलझा दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा इस बार तमिलनाडु में अपनी जमीन मजबूत कर पाएगी या द्रविड़ राजनीति का किला एक बार फिर अभेद्य साबित होगा।

दशकों से चली आ रही द्रविड़ राजनीति और भाजपा की चुनौती

तमिलनाडु की राजनीति को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि यह राज्य दशकों से डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। यहां भाषाई गौरव, द्रविड़ संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान राजनीति की बुनियाद रही है। भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टी के लिए यहां पैर जमाना हमेशा से मुश्किल रहा है।

2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सिर्फ चार सीटें जीत पाई थी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर कुछ बदली। भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ा और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ इलाकों में जैसे कन्याकुमारी और रामनाथपुरम जिले में 30 से 35 फीसदी तक वोट हासिल किए। हालांकि सीटें नहीं आईं लेकिन इस वोट शेयर ने पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नई उम्मीद जगाई। यही उम्मीद 2026 की रणनीति का आधार बनी है।

AIADMK संग गठबंधन, नई बिसात बिछाई भाजपा ने

Tamil Nadu Election 2026
Tamil Nadu Election 2026

इस बार भाजपा ने एआईएडीएमके के साथ हाथ मिलाया है। यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए एक जरूरी और रणनीतिक कदम है। एआईएडीएमके के पास पूरे राज्य में एक मजबूत संगठनात्मक ढांचा है और उसके पास वे पुराने समर्थक हैं जो जे जयललिता के दौर से पार्टी से जुड़े हैं। भाजपा के पास नरेंद्र मोदी का राष्ट्रीय चेहरा और केंद्र की सत्ता की ताकत है।

दोनों को मिलाकर एनडीए ने डीएमके को सत्ता से बाहर करने का लक्ष्य रखा है। इस गठबंधन में भाजपा 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। यह सीटें वे हैं जहां 2024 में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर था या जहां जीत की उम्मीद ज्यादा है।

अन्नामलाई मैदान से बाहर, फायदा या नुकसान

तमिलनाडु भाजपा का सबसे चर्चित और आक्रामक चेहरा के अन्नामलाई इस बार उम्मीदवार के तौर पर चुनाव नहीं लड़ेंगे। यह फैसला उस वक्त लिया गया जब एआईएडीएमके के साथ गठबंधन तय हुआ। बताया जा रहा है कि एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के साथ बेहतर तालमेल के लिए पार्टी ने नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया और अन्नामलाई को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी।

अन्नामलाई ने खुद कहा है कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन एनडीए को 210 सीटें दिलाने के लिए पूरे राज्य में प्रचार करेंगे। उनकी यह भूमिका बदलने से कुछ समर्थकों में निराशा जरूर है क्योंकि अन्नामलाई की आक्रामक और सीधी बात कहने वाली शैली ने युवाओं में एक खास छवि बनाई थी।

राजनीतिक विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। कुछ का मानना है कि अन्नामलाई के मैदान से बाहर होने से गठबंधन को मजबूती मिली है क्योंकि एआईएडीएमके उनकी शैली से असहज रहती थी। वहीं कुछ का कहना है कि इससे पार्टी के उस युवा वर्ग में जो अन्नामलाई के दीवाने थे, उत्साह में कमी आ सकती है।

नैनार नागेंद्रन और तमिलिसई की अग्निपरीक्षा

नए प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन खुद सातुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व राज्यपाल डॉ तमिलिसई सौंदरराजन चेन्नई की मइलापुर सीट से मैदान में हैं और शहरी मध्यम वर्ग के बीच पार्टी का चेहरा बनने की कोशिश कर रही हैं। कोयंबटूर नॉर्थ और कन्याकुमारी जिले की कुछ सीटों पर भी भाजपा को अच्छी उम्मीदें हैं।

पार्टी की पूरी रणनीति उन इलाकों पर केंद्रित है जहां 2024 में वोट शेयर बेहतर रहा था। लेकिन विधानसभा चुनाव की राजनीति लोकसभा से अलग होती है। यहां जातीय समीकरण, स्थानीय नेताओं की पकड़ और जमीनी संगठन बहुत मायने रखता है। इसीलिए यह देखना जरूरी होगा कि भाजपा के उम्मीदवार इन मोर्चों पर कैसा प्रदर्शन करते हैं।

विजय की टीवीके बनी तीसरी ताकत, समीकरण और उलझे

इस पूरे चुनावी परिदृश्य में एक नया और बड़ा तत्व जुड़ा है और वह है अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके यानी तमिलगा वेट्री कझगम। विजय दक्षिण भारत के सबसे बड़े स्टार हैं और उनके लाखों दीवाने हैं खासकर युवाओं में।

टीवीके एक तीसरे मोर्चे के तौर पर चुनाव में उतरी है और उसका मुख्य निशाना डीएमके और एआईएडीएमके दोनों हैं। पार्टी खुद को भ्रष्टाचार से मुक्त और युवाओं की आवाज बताती है। कुछ सर्वेक्षणों में टीवीके को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है लेकिन असल परीक्षा 23 अप्रैल को होगी।

टीवीके की एंट्री ने यह तय कर दिया है कि जीत-हार का अंतर बेहद कम होगा। अगर टीवीके डीएमके के वोट काटती है तो एनडीए को फायदा हो सकता है। अगर टीवीके एआईएडीएमके के वोट भी काटती है तो तस्वीर अलग होगी। यही त्रिकोणीय मुकाबला इस चुनाव को अनिश्चित और रोमांचक बना रहा है।

भाषा और संस्कृति का मुद्दा, भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती

तमिलनाडु में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती हमेशा से भाषा और संस्कृति का मुद्दा रहा है। यहां हिंदी थोपे जाने का डर बहुत गहरा है और कोई भी ऐसा बयान जो तमिल संस्कृति के खिलाफ जाता दिखे, तुरंत बड़ा विवाद बन जाता है। भाजपा को यहां यह साबित करना होगा कि वह तमिल भाषा, संस्कृति और अस्मिता का सम्मान करती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा की बिहार वाली रणनीति यहां काम कर सकती है जिसमें एक मजबूत क्षेत्रीय पार्टी के साथ मिलकर सरकार में हिस्सेदारी हासिल की जाए। अगर एनडीए को बहुमत मिलता है तो भाजपा पहली बार तमिलनाडु की सरकार में कैबिनेट मंत्री पद पा सकती है। यह उसके लिए एक बड़ी कामयाबी होगी भले ही मुख्यमंत्री एआईएडीएमके का हो।

4 मई को खुलेगा राज, जनता देगी अपना फैसला

23 अप्रैल को तमिलनाडु के करोड़ों मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे और 4 मई को नतीजे बताएंगे कि इस बार दक्षिण का यह राज्य किस दिशा में जाएगा। क्या डीएमके दोबारा सत्ता में आएगी, क्या एनडीए वापसी करेगा या टीवीके कोई बड़ा उलटफेर कर देगी, यह सब 4 मई की सुबह साफ हो जाएगा।

भाजपा के लिए यह चुनाव जीत-हार से परे एक बड़े लक्ष्य का हिस्सा है। अगर वह 27 में से 10 से ज्यादा सीटें जीत लेती है तो यह खुद में एक बड़ी उपलब्धि होगी। तमिलनाडु जैसे राज्य में पैर जमाना लंबी प्रक्रिया है और इसमें एक चुनाव नहीं बल्कि कई चुनाव लगते हैं। लेकिन इस बार की रणनीति अगर कुछ नतीजे लाती है तो भाजपा के लिए दक्षिण भारत में अपनी जड़ें मजबूत करने का रास्ता थोड़ा आसान हो सकता है।

Read More Here:- 

Jharkhand News: झारखंड में CM डैशबोर्ड 2.0 से हेमंत सोरेन खुद रखेंगे हर योजना पर नजर, डिजिटल क्रांति से बदलेगा शासन का तरीका

Anupama Maha Twist: प्रेम बनेगा विलेन, अनुपमा की बिगड़ेगी तबीयत, शो में आएंगे 3 बड़े तूफान

एलआईसी एचएफएल में जूनियर असिस्टेंट के 180 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट युवा 30 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन

Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: गजकेसरी योग और मृगशिरा नक्षत्र का महासंयोग, मेष, वृषभ समेत इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें मंगलवार का पूरा राशिफल

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles