Delhi Weather News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शीतलहर का कहर जारी है। भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी के अनुसार दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे ने भी राजधानी में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़क यातायात, रेल सेवाएं और विमानन सेवाएं सभी प्रभावित हो रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
तापमान में भारी गिरावट

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। सफदरजंग वेधशाला जो दिल्ली का मुख्य मौसम केंद्र है वहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है।
दिल्ली के उपनगरीय इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है। नरेला, रिज क्षेत्र, पालम और अन्य बाहरी इलाकों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे है और 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड का एहसास बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक नीचे चला जाता है तो शीतलहर की स्थिति मानी जाती है। दिल्ली में कई जगहों पर यह कसौटी पूरी हो रही है जिससे शीतलहर की घोषणा की गई है।
शीतलहर का अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट का मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। खासकर रात और सुबह के समय तापमान काफी नीचे रहेगा।
आईएमडी के वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर भारत में ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में यह गिरावट आई है। हिमालय की बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं जिससे ठंड बढ़ गई है। साफ आसमान के कारण रात में विकिरण से गर्मी का नुकसान भी हो रहा है जो तापमान को और नीचे ले जा रहा है।
घने कोहरे से दृश्यता प्रभावित
ठंड के साथ साथ दिल्ली और एनसीआर में घने कोहरे की भी गंभीर समस्या है। सुबह के समय कोहरा इतना घना हो जाता है कि दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह जाती है। कुछ जगहों पर तो दृश्यता शून्य के करीब पहुंच जाती है। इससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
वाहन अत्यंत धीमी गति से चल रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर लंबे जाम लग रहे हैं। हाईवे पर कई छोटी बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। चालकों को हेडलाइट और फॉग लैंप जलाकर अत्यंत सावधानी से गाड़ी चलानी पड़ रही है। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे जल्दबाजी न करें और सुरक्षित गति से गाड़ी चलाएं।
कोहरा आमतौर पर रात में बनता है और सुबह सूरज निकलने तक सबसे घना रहता है। दोपहर तक धीरे धीरे कोहरा छंटता है लेकिन शाम ढलते ही फिर से कोहरे की चादर छा जाती है। यह स्थिति पिछले एक सप्ताह से लगातार बनी हुई है।
रेल और विमान सेवाएं प्रभावित
घने कोहरे के कारण रेलवे सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। दिल्ली से आने और जाने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। उत्तर रेलवे के अनुसार 15 से 20 ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक लेट हो रही हैं। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच कर लें।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कोहरे का असर रहा है। हालांकि हवाई अड्डे पर कैट III बी लैंडिंग सिस्टम होने के कारण उड़ानें पूरी तरह बंद नहीं हुईं लेकिन कुछ उड़ानों में देरी जरूर हुई। सुबह की कई उड़ानें निर्धारित समय से देर से उड़ीं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि वे समय से पहले हवाई अड्डे पहुंचें और अपनी उड़ान की स्थिति की नियमित जांच करें।
जनजीवन पर व्यापक प्रभाव
कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण दिल्ली में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। गरम कपड़ों की भारी मांग है। बाजारों में रजाई, कंबल और गरम कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है।
स्कूलों में समय में बदलाव किया गया है। कई स्कूलों ने सुबह की शुरुआत का समय आगे बढ़ा दिया है ताकि बच्चों को अत्यधिक ठंड में यात्रा न करनी पड़े। कुछ जिलों में छोटी कक्षाओं के लिए स्कूल बंद भी किए गए हैं। अभिभावकों को राहत मिली है क्योंकि वे भी बच्चों को इतनी ठंड में भेजने से हिचकिचा रहे थे।
सड़कों पर बेघर लोगों की स्थिति सबसे दयनीय है। ठंड से बचने के लिए वे फुटपाथों पर आग जलाकर बैठे दिखाई देते हैं। सरकार और विभिन्न एनजीओ ने रैन बसेरों की व्यवस्था की है जहां बेघर लोगों को रात बिताने की सुविधा मिल रही है। कंबल और गर्म कपड़े वितरित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
ठंड के इस मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी समस्याएं अधिक हो रही हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पहनना बेहद जरूरी है। सिर, कान और गला ढककर रखना चाहिए। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। बुजुर्गों और दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि अत्यधिक ठंड उनके लिए खतरनाक हो सकती है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें। अगर जरूरी हो तो पूरी तरह से गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर जाएं। गर्म पानी पिएं और गर्म भोजन का सेवन करें। कमरों को गर्म रखें लेकिन वेंटिलेशन का भी ध्यान रखें।
वायु प्रदूषण भी चिंता का विषय
ठंड और कोहरे के साथ वायु प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। ठंड के मौसम में हवा की गति धीमी होती है जिससे प्रदूषक तत्व वायुमंडल में फंसे रह जाते हैं। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई कई इलाकों में बहुत खराब श्रेणी में है।
कई क्षेत्रों में एक्यूआई 300 से 400 के बीच है जो बेहद हानिकारक माना जाता है। इससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं। सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए कई उपाय किए हैं लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं हो पा रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। तापमान में कोई खास सुधार होने की संभावना नहीं है। रात और सुबह के समय विशेष रूप से ठंड रहेगी। कोहरे की स्थिति भी जारी रहेगी।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जनवरी का महीना उत्तर भारत में सबसे ठंडा होता है। इस दौरान हिमालय की बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंचती हैं जिससे तापमान काफी गिर जाता है। इस बार ठंड सामान्य से अधिक है। हालांकि जनवरी के मध्य के बाद धीरे धीरे तापमान में सुधार होना शुरू हो सकता है।
Delhi Weather News: ठंड रोकने के लिए सरकारी प्रयास
दिल्ली सरकार और नगर निगम ने ठंड से निपटने के लिए कई उपाय किए हैं। पूरे शहर में 200 से अधिक रैन बसेरे चलाए जा रहे हैं जहां बेघर लोगों को रात बिताने की सुविधा मिल रही है। मुफ्त भोजन और गर्म कपड़े वितरित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चिकित्सा शिविर लगाए हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। परिवहन विभाग ने कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
निष्कर्ष: दिल्ली में शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। तापमान का 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरना और घना कोहरा गंभीर चिंता का विषय है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को चाहिए कि वे गर्म कपड़े पहनें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।



