डेस्क: आज के समय में स्मार्टफोन, कंप्यूटर और टीवी की लगातार स्क्रीन देखने की आदत ने आंखों को काफी प्रभावित किया है। दूरदृष्टि और पासदृष्टि की समस्या बढ़ती जा रही है और बहुत से लोग मोटा चश्मा पहनने के लिए मजबूर हो रहे हैं। लेकिन योगाचार्य और आयुर्वेद विशेषज्ञ बाबा रामदेव का कहना है कि कुछ साधारण थेरेपी और योगाभ्यास अपनाकर आंखों की रोशनी सुधारी जा सकती है। सही तरीके से अभ्यास करने से केवल महीने भर में चश्मे की मोटाई कम करने में मदद मिल सकती है।
आंखों की कमजोरी के कारण
आंखों की कमजोरी या दृष्टि दोष (Near-sightedness और Far-sightedness) के कई कारण हो सकते हैं। लगातार मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन देखना, पढ़ाई के लंबे घंटे, गलत प्रकाश में पढ़ना और आंखों की सही देखभाल न करना प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, जंक फूड और विटामिन की कमी भी आंखों की रोशनी पर असर डालती है।
बाबा रामदेव की थेरेपी का सिद्धांत
बाबा रामदेव की थेरेपी की खास बात यह है कि यह प्राकृतिक और योग पर आधारित है। इसमें आंखों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करना, दृष्टि सुधारने वाले आसन और प्राणायाम शामिल हैं। डॉक्टरों और विशेषज्ञों का मानना है कि ये अभ्यास आंखों की थकान कम करते हैं और दृष्टि में सुधार लाने में मदद करते हैं।
आंखों के लिए विशेष योगासन
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त्राटक अभ्यास:
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए त्राटक करना बेहद फायदेमंद है। इसे करने के लिए किसी स्थिर वस्तु या मोमबत्ती की लौ को देखकर आंखों को स्थिर रखें। यह अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और दृष्टि सुधारता है। -
पाल्मिंग (हाथों से आंख ढकना):
दोनों हाथों को रगड़कर गर्म करें और फिर आंखों पर रखें। इससे आंखों की थकान कम होती है और रक्त संचार बढ़ता है। -
आंखें घुमाना और स्ट्रेच करना:
आंखों को धीरे-धीरे दाईं-बाईं और ऊपर-नीचे घुमाना मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। दिन में दो-तीन बार यह अभ्यास करना फायदेमंद है।
प्राणायाम और आंखों की रोशनी
अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और कपालभाति प्राणायाम आंखों की रक्त-संचार प्रणाली को सुधारते हैं। सही श्वास लेने से आंखों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचती है, जिससे दृष्टि तेज होती है। बाबा रामदेव का कहना है कि प्राणायाम आंखों की थकान दूर करने और चश्मे की मोटाई कम करने में मदद करता है।
आहार और पोषण का महत्व
योग और थेरेपी के साथ आहार भी महत्वपूर्ण है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए विटामिन A, C, E और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार लें।
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गाजर, पालक, मेथी और पपीता – विटामिन A से भरपूर
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अखरोट, अलसी के बीज – ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत
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संतरा, आम, नींबू – विटामिन C से भरपूर
इन पोषक तत्वों से आंखों की रोशनी में सुधार आता है और चश्मे की मोटाई धीरे-धीरे कम हो सकती है।
स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करें
योग और आहार के साथ सबसे जरूरी है स्क्रीन टाइम कम करना। मोबाइल और लैपटॉप लगातार देखने से आंखों पर दबाव पड़ता है और दृष्टि कमज़ोर होती है। हर 30-40 मिनट बाद आंखों को आराम दें और थोड़ी देर बाहर की प्राकृतिक रोशनी में देखें।
नियमित अभ्यास और धैर्य जरूरी
बाबा रामदेव की थेरेपी तुरंत चमत्कार नहीं करती। इसके लिए नियमित अभ्यास, सही आहार और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी हैं। लगभग 3-4 हफ्तों में सुधार दिखना शुरू हो सकता है, लेकिन पूर्ण लाभ के लिए इसे लगातार करना आवश्यक है।
निष्कर्ष:
आंखों की कमजोरी केवल चश्मे से नहीं सुधारी जा सकती, लेकिन योग, प्राणायाम, आंखों की थेरेपी और सही पोषण अपनाकर आंखों की रोशनी में सुधार संभव है। बाबा रामदेव की ये थेरेपी न सिर्फ चश्मे की मोटाई कम करने में मदद करती है, बल्कि आंखों की थकान दूर कर उन्हें स्वस्थ बनाए रखती है। इसलिए अगर आप भी मोटा चश्मा पहनने से परेशान हैं, तो महीने भर नियमित अभ्यास करके फर्क महसूस कर सकते हैं।



