- 6 माह से लंबित वेतन और अनुबंध नवीनीकरण को लेकर शिक्षकों में गहरा आक्रोश, धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन बी.एड., बी.सी.ए., बी.बी.ए., एम.बी.ए. और बी.एससी. आई.टी. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शनिवार को विश्वविद्यालय कुलसचिव को एक मांगपत्र सौंपा। इसमें उन्होंने सेवा नवीनीकरण और पिछले छह महीने से लंबित वेतन भुगतान की मांग की।
शिक्षकों का कहना है कि उनका संविदा जुलाई 2024 में समाप्त हो चुका है, परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक सेवा का नवीनीकरण नहीं किया गया है, जबकि शैक्षणिक सत्र के सभी शिक्षण कार्य निरंतर जारी हैं। साथ ही, विगत छह महीनों से वेतन भुगतान नहीं हुआ, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सेवा का नवीनीकरण और लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन या कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से लगभग 35 शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। प्रमुख रूप से डॉ. राजू ओझा, डॉ. सुचित्रा बेहेरा, डॉ. मनोज कुमार, फ्लोरेंस बेक, मोबारक करीम हाशमी, डॉ. अर्पित सुमन, डॉ. ईरशाद खान, डॉ. ओनिमा मानकी, शीला समद, प्रीति देवगम, बबीता कुमारी, डॉ. पुष्पा कुमारी, धनंजय कुमार, मुन्ना मुखी, भीम राम, अमित जाना, बीरुपक्ष महतो, संदीप जायसवाल, अमर कुमार, स्वरूप मिश्रा, विवेक कुमार, मदन मिश्रा समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी सेवा का नवीनीकरण और वेतन भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन की रूपरेखा जारी रहेगी। उनका यह संघर्ष न केवल अपने अधिकारों के लिए है, बल्कि व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए भी है।

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