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West Bengal News: ममता बनर्जी का दृढ़ संकल्प, ‘दुष्ट ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे’, टीएमसी के 28वें स्थापना दिवस पर बंगाल की लड़ाई जारी रखने का ऐलान

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने नए साल की शुरुआत में पार्टी के 28वें स्थापना दिवस पर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी ‘मां, माटी, मानुष’ की सेवा के लिए बनी थी और यह संघर्ष जारी रहेगा। ममता ने साफ शब्दों में कहा, “हम किसी दुष्ट ताकत के सामने नहीं झुकेंगे। दुश्मनी को नजरअंदाज करके आम लोगों के लिए आजीवन संघर्ष जारी रहेगा।” यह बयान 2026 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आया है, जब बंगाल में सियासी सरगर्मी चरम पर है।

टीएमसी का स्थापना दिवस 1 जनवरी को मनाया जाता है। आज पार्टी ने पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। यह दिन पार्टी के लिए विशेष है क्योंकि 1 जनवरी 1998 को ममता ने कांग्रेस छोड़कर टीएमसी की नींव रखी थी।

West Bengal News: ममता बनर्जी का पूरा संदेश

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया

“तृणमूल कांग्रेस के स्थापना दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई। 1 जनवरी 1998 को ‘मां, माटी, मानुष’ की सेवा के लिए पार्टी की यात्रा शुरू हुई थी। आज भी हर कार्यकर्ता और समर्थक इस लक्ष्य पर अटल है।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं के त्याग और मेहनत को सलाम किया। कहा कि पार्टी को लाखों लोगों का आशीर्वाद, प्यार और दुआएं मिली हैं। जनता का समर्थन ही पार्टी की ताकत है।

ममता ने आगे कहा

“जन समर्थन ही हमारा भोजन है। हम देश के हर व्यक्ति के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे। हम किसी दुष्ट ताकत के सामने नहीं झुकेंगे। सारी दुश्मनी को नजरअंदाज करके आम लोगों के लिए संघर्ष आजीवन जारी रहेगा।”

यह बयान BJP और केंद्र सरकार पर इशारा माना जा रहा है। ममता ने पार्टी की मूल सिद्धांतों को याद किया – मातृभूमि का सम्मान, बंगाल का विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा।

अभिषेक बनर्जी का संदेश

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा:

“टीएमसी की ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं में है। उनकी अनुशासन, त्याग और विश्वास से पार्टी मजबूत है।”

अभिषेक ने कहा कि पार्टी ‘मां, माटी, मानुष’ पर अटल रहेगी, तो कोई ताकत उसे हरा नहीं सकती। उन्होंने “बंगला विरोधी जमींदारी ताकतों” से बंगाल की रक्षा का संकल्प लिया। कहा कि पार्टी जनता के साथ खड़ी रहेगी और किसी को परेशान नहीं होने देगी।

टीएमसी का इतिहास और सफर

टीएमसी की स्थापना 1 जनवरी 1998 को हुई थी। ममता बनर्जी ने कांग्रेस छोड़कर पार्टी बनाई क्योंकि वे लेफ्ट फ्रंट की 34 साल की सरकार से नाराज थीं। 2011 में टीएमसी ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की। तब से लगातार तीन चुनाव जीते हैं। 2021 में बड़ी जीत मिली थी।

पार्टी का नारा ‘मां, माटी, मानुष’ है। यह आम लोगों के विकास और अधिकारों की लड़ाई लड़ती है। 2016 में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला।

आज 28वां स्थापना दिवस है। पार्टी ने इसे पूरे राज्य में मनाया। कोलकाता में मुख्यालय पर झंडा फहराया गया। कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाले।

‘दुष्ट ताकतों’ से क्या मतलब?

ममता का “दुष्ट ताकतों” वाला बयान BJP और केंद्र सरकार पर निशाना है। हाल के महीनों में

  1. मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर विवाद।
  2. केंद्र से फंड रोकने के आरोप।
  3. बंगाल में BJP की बढ़ती सक्रियता।

ममता कहती हैं कि केंद्र बंगाल को दबाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन टीएमसी झुकेगी नहीं। अभिषेक का “बंगला विरोधी जमींदारी ताकतें” भी BJP पर इशारा है।

2026 चुनाव नजदीक हैं। टीएमसी इन मुद्दों पर जनता को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

चुनावी संदर्भ में महत्व

2026 में बंगाल विधानसभा चुनाव हैं। यह टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती है। BJP मजबूत विपक्ष है। SIR विवाद, संदेशखाली जैसे मामले गर्म हैं। ममता इन बयानों से कार्यकर्ताओं में जोश भर रही हैं। पार्टी का संदेश है कि हम जनता के साथ हैं और किसी दबाव में नहीं आएंगे।

West Bengal News: टीएमसी का संघर्ष जारी

ममता बनर्जी ने टीएमसी के 28वें स्थापना दिवस पर दृढ़ संकल्प दिखाया। “दुष्ट ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे” का बयान चुनावी लड़ाई का संकेत है। पार्टी ‘मां, माटी, मानुष’ पर अटल रहेगी। कार्यकर्ताओं का सम्मान और जनता की सेवा ही लक्ष्य है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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