West Bengal News: पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में सोमवार सुबह एक ट्विन वेयरहाउस में लगी भीषण आग ने कोहराम मचा दिया। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि वेयरहाउस पूरी तरह जलकर खाक हो गए। फायर ब्रिगेड की 15 से ज्यादा गाड़ियां और एनडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।
हादसे का पूरा विवरण
हादसा साउथ 24 परगना के मगराहाट इलाके में स्थित दो जुड़े हुए वेयरहाउस में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। इन वेयरहाउस में प्लास्टिक, रसायन और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट या किसी विद्युत दोष से आग लगी, जो कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई।
आग इतनी भीषण थी कि आसपास के कई घरों और दुकानों तक धुआं पहुंच गया। आस-पास के लोग चीख-पुकार मचाते हुए बाहर निकले। वेयरहाउस में काम करने वाले मजदूरों में से कुछ लोग अंदर फंस गए। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने 8 शव बाहर निकाले। ये सभी मजदूर थे जो सुबह जल्दी काम पर आए थे।
राहत-बचाव कार्य में चुनौतियां
फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमों को आग बुझाने और लोगों को बचाने में बड़ी मुश्किल हो रही है। वेयरहाउस में रखे प्लास्टिक और रसायनों के कारण आग बार-बार भड़क रही है। धुआं इतना घना है कि अंदर जाना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
फिलहाल 15 से ज्यादा फायर ब्रिगेड गाड़ियां और एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर मौजूद हैं। राहत कार्य रात भर जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि अभी भी कई लोग फंसे होने की आशंका है। डीएम और एसपी खुद मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया,
“साउथ 24 परगना में वेयरहाउस आग की घटना बेहद दुखद है। 8 लोगों की मौत की खबर से बहुत पीड़ा हो रही है। प्रशासन और फायर ब्रिगेड पूरी ताकत से राहत कार्य में जुटी है। मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है।”
ममता बनर्जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य में कोई कोताही न बरती जाए और मृतकों के परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद पहुंचाई जाए।
आग लगने के संभावित कारण
प्रशासन और फायर ब्रिगेड के प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण माना जा रहा है। वेयरहाउस में रखे प्लास्टिक और रसायनों ने आग को और भयावह बना दिया। वेयरहाउस में फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी होने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वेयरहाउस मालिकों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की थी।
पुलिस ने वेयरहाउस मालिकों और प्रबंधकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद इलाके में आक्रोश है। ग्रामीणों ने वेयरहाउस मालिकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वेयरहाउस में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। कई मजदूरों के परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं। अब उनके परिवार असहाय हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने मुआवजे और मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
बंगाल में हाल के बड़े हादसे
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ महीनों में आग और औद्योगिक हादसों की कई घटनाएं हुई हैं। कोलकाता और आसपास के इलाकों में प्लास्टिक और रसायन से भरे वेयरहाउस में आग लगने की घटनाएं आम हो गई हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी और मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने सभी वेयरहाउस की जांच के आदेश दिए हैं।
West Bengal News: राहत कार्य जारी
फिलहाल राहत-बचाव कार्य जारी है। आग पर काबू पाने के लिए फोम और पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। घायलों का इलाज चल रहा है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
यह हादसा 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिसने पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ा दी है।



