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सुबह क्यों आता है सबसे ज्यादा हार्ट अटैक? डॉक्टर ने बताई चौंकाने वाली असली वजह, खाने-तनाव से नहीं है कनेक्शन

डेस्क: अक्सर जब हार्ट अटैक की बात होती है तो सबसे पहले गलत खान-पान और ज्यादा तनाव को इसकी वजह माना जाता है। लोगों को लगता है कि ज्यादा तला-भुना खाना या दिमागी चिंता ही दिल की बीमारी का कारण बनती है। लेकिन डॉक्टरों और हृदय रोग विशेषज्ञों ने हाल ही में एक अहम खुलासा किया है, जो इस आम सोच से बिल्कुल अलग है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह के समय आने वाले करीब 90 प्रतिशत हार्ट अटैक का सीधा संबंध न तो खाने से होता है और न ही तत्काल तनाव से। इसके पीछे शरीर के अंदर होने वाले प्राकृतिक बदलाव जिम्मेदार होते हैं, जो सुबह के समय दिल पर अचानक दबाव डाल देते हैं।

सुबह के समय हार्ट अटैक के मामले क्यों ज्यादा आते हैं

डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट अटैक के सबसे ज्यादा मामले सुबह 5 बजे से 10 बजे के बीच सामने आते हैं। इस समय शरीर नींद से जागने की अवस्था में होता है और धीरे-धीरे एक्टिव मोड में प्रवेश करता है। जैसे ही हम नींद से उठते हैं, दिल की धड़कन तेज होने लगती है और ब्लड प्रेशर भी ऊपर जाने लगता है। यह बदलाव सामान्य शरीर में परेशानी नहीं करता, लेकिन जिन लोगों की धमनियां पहले से कमजोर होती हैं, उनमें यह स्थिति जानलेवा बन सकती है।

हार्मोनल बदलाव बनते हैं सबसे बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार सुबह के समय शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ता है। ये हार्मोन शरीर को दिनभर के कामों के लिए तैयार करते हैं, लेकिन इनके बढ़ने से दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने से धमनियों में जमी फैट की परत टूट सकती है, जिससे खून का थक्का बनता है और हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो जाती है।

सुबह खून का गाढ़ा होना भी बढ़ाता है खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि रातभर शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिससे सुबह के समय खून थोड़ा गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा खून आसानी से थक्का बना सकता है। अगर किसी व्यक्ति की कोरोनरी आर्टरी पहले से संकरी है, तो यह थक्का अचानक ब्लॉकेज बनकर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। यही वजह है कि सुबह के समय दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा देखा जाता है।

खाने और तनाव से क्यों नहीं जुड़ा सुबह का हार्ट अटैक

विशेषज्ञ साफ करते हैं कि सुबह होने वाले हार्ट अटैक का तत्काल संबंध खाने या तनाव से नहीं होता। खाना खाने के बाद उसका असर शरीर पर धीरे-धीरे पड़ता है और तनाव भी लंबे समय में दिल को नुकसान पहुंचाता है। सुबह अचानक आने वाला हार्ट अटैक शरीर के अंदर चल रही जैविक प्रक्रियाओं का नतीजा होता है, जो हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं। हालांकि लंबे समय तक गलत खान-पान और तनाव दिल की बीमारी की नींव जरूर तैयार करते हैं।

किन लोगों को रहता है सबसे ज्यादा खतरा

डॉक्टरों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और धूम्रपान करने वालों में सुबह हार्ट अटैक का जोखिम ज्यादा रहता है। इन लोगों की धमनियां पहले से कमजोर होती हैं। जैसे ही सुबह ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

सुबह उठने का तरीका भी निभाता है अहम भूमिका

विशेषज्ञ मानते हैं कि सुबह अचानक अलार्म बजते ही झटके से उठ जाना दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे हार्ट रेट अचानक बढ़ जाती है और ब्लड प्रेशर तेजी से ऊपर चला जाता है। बुजुर्गों और दिल के मरीजों को सलाह दी जाती है कि सुबह उठते समय पहले करवट बदलें, फिर कुछ मिनट बैठें और उसके बाद ही खड़े हों, ताकि शरीर को समय मिल सके।

सुबह हार्ट अटैक से बचाव के आसान उपाय

डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह जल्दबाजी से बचें और दिन की शुरुआत शांत तरीके से करें। रात में पर्याप्त पानी पीना, नियमित दवाइयों का सेवन करना और ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच कराते रहना जरूरी है। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह से हार्ट की दवाओं का सही समय तय करना भी जोखिम को कम करने में मदद करता है।

निष्कर्ष:

डॉक्टरों के इस खुलासे से यह स्पष्ट हो जाता है कि सुबह आने वाले हार्ट अटैक की वजह सिर्फ खाना या तनाव नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, ब्लड प्रेशर का अचानक बढ़ना और खून का गाढ़ा होना है। खासकर जिन लोगों को पहले से दिल से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें सुबह के समय अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। सही जानकारी, नियमित जांच और सावधानी भरी दिनचर्या अपनाकर सुबह होने वाले हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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