वाराणसी – दुनिया में शॉपिंग मॉल की रेस बहुत तेज है। लोग अक्सर सोचते हैं कि सबसे बड़ा मॉल दुबई में है या चीन में, या फिर अमेरिका में। लेकिन सच कुछ और है। ईरान के तेहरान में स्थित ईरान मॉल दुनिया का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल है। यह मॉल कुल क्षेत्रफल के हिसाब से सभी को पीछे छोड़ता है। लगभग 19 लाख वर्ग मीटर में फैला यह अजूबा सिर्फ शॉपिंग का जगह नहीं, बल्कि एक पूरा शहर जैसा है। बनाने में करीब ₹52,574 करोड़ (लगभग 6.3 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं। आइए जानते हैं इस मॉल की पूरी कहानी।
ईरान मॉल कहाँ है और कितना बड़ा है?
ईरान मॉल तेहरान के उत्तर-पश्चिम में चितगर झील के पास बना है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 1.95 मिलियन वर्ग मीटर है, जो दुबई मॉल से भी बड़ा है। दुबई मॉल का क्षेत्रफल सिर्फ 1.1 मिलियन वर्ग मीटर है।यह मॉल सात मंजिला है और इसमें शॉपिंग के अलावा होटल, सिनेमा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी और गार्डन जैसी कई सुविधाएं हैं। पहला फेज 2018 में खुला, जिसमें 700 से ज्यादा दुकानें हैं। पूरी तरह पूरा होने पर इसमें 2500 से ज्यादा स्टोर होंगे।
निर्माण की अनोखी कहानी
ईरान मॉल का निर्माण 2014 में शुरू हुआ। इसमें 25,000 मजदूरों ने दिन-रात काम किया। एक बार तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनी, क्योंकि लगातार 6 दिन तक कंक्रीट डाला गया – यह दुनिया का सबसे लंबा कंक्रीट पोरिंग रिकॉर्ड है।कुल खर्च करीब 6.3 बिलियन डॉलर बताया जाता है, जो भारतीय रुपये में 52,574 करोड़ के आसपास बैठता है। यह पैसा बैंक और प्राइवेट निवेशकों से आया। मॉल बनाने वाले मानते हैं कि यह ईरान की अर्थव्यवस्था और टूरिज्म को बढ़ावा देगा।
शॉपिंग से ज्यादा मनोरंजन ईरान मॉल सिर्फ खरीदारी का जगह नहीं है। यहां आप पूरा दिन बिता सकते हैं:
. फैशन और ब्रांड्स: सैकड़ों दुकानें, जहां लोकल ईरानी ब्रांड्स के साथ इंटरनेशनल आइटम मिलते हैं।
. फूड कोर्ट: दुनिया भर के खाने, ईरानी ट्रेडिशनल डिश से लेकर फास्ट फूड तक।
. एंटरटेनमेंट: ओलंपिक साइज आइस रिंक, सिनेमा हॉल, स्पोर्ट्स सेंटर और बॉलिंग एली।
. कल्चरल स्पेस: जोन्दिशापूर लाइब्रेरी में 45,000 से ज्यादा किताबें और पुरानी पांडुलिपियां। मिरर हॉल में 38 मिलियन मिरर के टुकड़े लगे हैं, जो ट्रेडिशनल ईरानी आर्ट दिखाते हैं।
. गार्डन और बाजार: ट्रेडिशनल ईरानी बाजार की तरह डिजाइन किया गया हिस्सा, जहां गार्डन और फव्वारे हैं।
यहां हेलीपैड भी है, जहां हेलीकॉप्टर लैंड कर सकता है।
क्यों बना इतना बड़ा मॉल?
ईरान में पहले बड़े मॉडर्न मॉल की कमी थी। लोग दुबई या दूसरे देशों में शॉपिंग करने जाते थे। ईरान मॉल बनाने से लोकल लोगों को अच्छी सुविधा मिली और टूरिज्म बढ़ा। विदेशी टूरिस्ट और इंफ्लुएंसर यहां आकर वीडियो बनाते हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं।कोविड के समय यह मॉल बंद होकर 3000 बेड का अस्पताल बना था। बाद में वैक्सीनेशन सेंटर भी चला। इससे हजारों नौकरियां पैदा हुईं और ईरान की इमेज दुनिया में सुधरी।
दुनिया के दूसरे बड़े मॉल से तुलना
. दुबई मॉल: सबसे ज्यादा विजिटर्स आते हैं, लेकिन क्षेत्रफल में छोटा।
. न्यू साउथ चाइना मॉल: GLA (किराए पर देने वाला क्षेत्र) में बड़ा, लेकिन कुल साइज में ईरान मॉल आगे।
. अमेरिका का मॉल ऑफ अमेरिका भी पीछे है।
ईरान मॉल कुल क्षेत्रफल और सुविधाओं में नंबर वन है।
निष्कर्ष:
ईरान मॉल सिर्फ एक मॉल नहीं, बल्कि आधुनिकता और ट्रेडिशन का सुंदर मिश्रण है। ₹52,574 करोड़ की लागत से बना यह अजूबा दुनिया को दिखाता है कि ईरान भी बड़े प्रोजेक्ट कर सकता है। अगर आप कभी तेहरान जाएं, तो इस मॉल को जरूर देखें। यहां शॉपिंग के साथ-साथ संस्कृति, मनोरंजन और इतिहास का मजा मिलेगा। यह मॉल साबित करता है कि बड़ा सोचने से बड़े सपने पूरे होते हैं। दुनिया बदल रही है, और ईरान मॉल उस बदलाव का शानदार उदाहरण है।



