वाराणसी – असम के सबसे लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत का मामला आखिरकार कोर्ट में पहुंच गया। आज स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गुवाहाटी की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में 3500 पन्नों की मोटी चार्जशीट दाखिल कर दी। इस चार्जशीट में जुबीन गर्ग के चचेरे भाई और असम पुलिस के DSP संदीपन गर्ग का नाम भी शामिल है। पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है।जुबीन गर्ग 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में “नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल” में परफॉर्म करने गए थे। उसी शाम एक लग्जरी यॉट पर प्राइवेट पार्टी थी। रात करीब 11 बजे जुबीन समुद्र में स्विमिंग करने उतरे। कुछ देर बाद वे अचानक बेहोश हो गए और डूब गए। सिंगापुर पुलिस ने इसे पहले “दुर्घटना में डूबकर मौत” बताया था, लेकिन असम में उनके परिवार और लाखों फैंस को शक हुआ। सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeen ट्रेंड करने लगा। दबाव इतना बढ़ा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद हस्तक्षेप किया और 25 सितंबर को 7 सदस्यीय SIT गठित कर दी।
SIT ने पिछले ढाई महीने में गजब की तेजी से काम किया। टीम सिंगापुर भी गई। वहां यॉट, होटल, स्विमिंग पूल, सीसीटीवी फुटेज सब चेक किए। जुबीन के मोबाइल फोन, लैपटॉप, दवाइयों की बोतलें, सूटकेस सब जब्त किए गए। 300 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हुई। इनमें जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग, उनके मैनेजर, को-सिंगर्स और सिंगापुर के कुछ स्टाफ भी शामिल थे। फोरेंसिक रिपोर्ट में पता चला कि जुबीन के शरीर में ऐसी दवाई मिली थी जो बेहोशी लाती है और स्विमिंग के समय खतरनाक हो सकती है।
चार्जशीट में चार मुख्य आरोपी हैं:
संदीपन गर्ग – जुबीन के चचेरे भाई, असम पुलिस में DSP। इन पर सबसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि पैसों और संपत्ति के विवाद में इन्होंने साजिश रची।
श्यामकानू महंता – सिंगापुर के इवेंट के मुख्य आयोजक। जुबीन को खास तौर पर बुलाया था।
अमृतप्रभा महंता – श्यामकानू की पत्नी और जुबीन की को-सिंगर। पार्टी में मौजूद थीं।
सिद्धार्थ शर्मा – जुबीन के पर्सनल मैनेजर पिछले 8 साल से। सिक्योरिटी में भारी लापरवाही बरती।
इन चारों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी सुनियोजित हत्या का आरोप लगा है। संदीपन गर्ग पर अतिरिक्त धारा 105 (सबूत मिटाने की कोशिश) भी लगाई गई है। बाकी तीन सह-आरोपियों पर साजिश रचने और लापरवाही से मौत का केस है। कुल 7 लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं। दो अन्य अभी फरार हैं, उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संदीपन गर्ग खुद पुलिस अधिकारी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल करके शुरुआती जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। जब SIT बनी तो उन्होंने छुट्टी ले ली और कुछ दिन गायब भी रहे। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा में साफ कहा था, “यह हादसा नहीं, साफ-साफ हत्या है। दोषी कोई भी हो, बचने नहीं पाएगा।” आज चार्जशीट दाखिल होने के बाद उन्होंने फिर ट्वीट किया, “न्याय की एक और सीढ़ी पूरी हुई। जुबीन हमारे दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे।”जुबीन गर्ग के फैंस अभी भी सदमे में हैं। गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, जोरहाट समेत पूरे असम में मोमबत्ती मार्च निकले। फैंस का कहना है, “जुबीन दा सिर्फ गायक नहीं, हमारी पहचान थे। हमें पूरा भरोसा है कि कोर्ट जल्दी सजा सुनाएगा।”केस अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा। अगली सुनवाई 20 दिसंबर को है। जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग ने मीडिया से कहा, “मुझे अब विश्वास है कि सच बाहर आ गया। मैं बस इतना चाहती हूं कि मेरे बच्चों को उनके पापा के लिए न्याय मिले।”
निष्कर्ष:
जुबीन गर्ग सिर्फ एक सिंगर नहीं थे, वे असमिया अस्मिता का सबसे बड़ा चेहरा थे। उनकी आवाज ने लाखों लोगों को जोड़ा था। उनकी मौत ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया। SIT की चार्जशीट बताती है कि यह हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी। सबसे दुखद यह कि साजिश में उनका अपना चचेरा भाई शामिल था। अब कोर्ट के फैसले का इंतजार है। उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, ताकि जुबीन गर्ग की आत्मा को शांति मिले और उनके फैंस को सुकून। यह मामला हमें यह भी सिखाता है कि रिश्ते और विश्वास कितने नाजुक होते हैं। जुबीन दा अमर रहें!



