https://whatsapp.com/channel/0029VajZKpiKWEKiaaMk4U3l

Top 5 This Week

Related Posts

UGC New Rule 2026: सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक, CJI सूर्यकांत ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

UGC New Rule 2026: उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 के लिए निर्धारित की है।

याचिकाओं में भेदभाव का दावा

नए नियमों का विरोध करने वाले कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इन याचिकाओं में दावा किया गया कि UGC के नियम उच्च शिक्षा में समानता बढ़ाने के बजाय भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि नियमों में भेदभाव की परिभाषा इतनी एकतरफा है कि सामान्य वर्ग के छात्रों को निशाना बनाया जा सकता है। उनके अनुसार ये नियम संविधान और UGC अधिनियम 1956 का उल्लंघन करते हैं।

CJI की महत्वपूर्ण टिप्पणियां और सवाल

सुनवाई के दौरान वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत से कहा कि जातिगत भेदभाव की परिभाषा में केवल एक वर्ग को सुरक्षा दी गई है। उन्होंने पूछा कि अगर कोई छात्र अपनी जाति बताए बिना अपमानजनक टिप्पणी करता है तो कौन सा प्रावधान उसे कवर करेगा। मुख्य न्यायाधीश ने इस पर गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या हम 75 साल बाद भी वर्गहीन समाज बनाने के बजाय प्रतिगामी समाज की ओर बढ़ रहे हैं। CJI ने टिप्पणी की कि कैंपस में अलगाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रावासों में अलग-अलग व्यवस्था की बात पर भी सवाल उठाया और कहा कि हमने एक साथ रहकर पढ़ाई की है।

2012 बनाम 2026 के नियम

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने बताया कि 2012 के नियमों को चुनौती देने वाली एक पुरानी याचिका लंबित है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 2012 के नियमों की जांच अब नहीं की जा सकती। अदालत ने साफ कहा कि आज कोई अंतिम आदेश नहीं दिया जा रहा है लेकिन न्यायालय को विश्वास में लिया जाना चाहिए। अंत में पीठ ने UGC के नए नियमों पर अस्थायी रोक लगा दी।

इक्विटी सेल पर विवाद का कारण

नए नियमों के तहत हर उच्च शिक्षण संस्थान में इक्विटी सेल बनाना अनिवार्य है। इस सेल में SC, ST, OBC, महिलाओं और दिव्यांगों का प्रतिनिधित्व होगा। भेदभाव की शिकायत मिलने पर 30 दिनों में जांच पूरी कर कार्रवाई करनी होगी। विरोध करने वालों का कहना है कि सेल में सामान्य वर्ग का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इससे जांच पक्षपातपूर्ण हो सकती है। झूठे आरोप लगाने पर कोई सजा का प्रावधान नहीं है।

सरकार का पक्ष और विरोध की लहर

UGC New Rule 2026
UGC New Rule 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नियमों का मकसद समानता बढ़ाना है। संसदीय समिति की सिफारिश पर OBC को शामिल किया गया है। संविधान का अनुच्छेद 14 सभी को समानता देता है। ये नियम भेदभाव रोकने के लिए हैं। लेकिन विरोधी इसे जनरल कैटेगरी विरोधी बता रहे हैं। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे की एक वजह इन्हीं नियमों को बताया। करणी सेना ने इनके खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की है और सोशल मीडिया पर #BoycottUGC ट्रेंड कर रहा है।

UGC New Rule 2026: निष्कर्ष और भविष्य की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट का फैसला उच्च शिक्षा में समानता और भेदभाव के मुद्दे पर एक बड़ा पड़ाव है। 19 मार्च की सुनवाई में सरकार और UGC को इन आपत्तियों का जवाब देना होगा। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि नियम समावेशी होने चाहिए। किसी भी कानून को लागू करते समय पूरे समाज के हितों का ध्यान रखना होगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles