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टैरिफ नीति से अमेरिका में बढ़ा दिवालियापन, इंडस्ट्रियल सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार

डेस्क: अमेरिका को चमकाने के नाम पर ट्रंप टैरिफ (Trump Tariff) लगाकर रेवेन्यू बढ़ाने के कितने भी दावे अमेरिकी राष्ट्रपति करें लेकिन असलियत इससे कोसों दूर है. अमेरिका की कंपनियों पर इन टैरिफ का इतना बुरा असर पड़ा है कि 2025 में अब तक दिवालियापन के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है. इसे 15 साल में सबसे ज्यादा बताया जा रहा है. महंगाई के कारण स्थिति और बिगड़ गई. राष्ट्रपति ट्रंप का रेवेन्यू जेनरेट करने का दावा उल्टा पड़ गया है और अमेरिकी राष्ट्रपति की चिंताएं बढ़ने लगी हैं.

777 कंपनियां दिवालिया होने के कगार पर

दि वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से बताया गया कि ट्रंप का टैरिफ लगने के बाद से इस साल अमेरिकी कंपनियों के दिवालियापन के लिए आवेदन करने वालों का आंकड़ा बढ़ा है. अमेरिका में 15 साल पहले जो महामंदी आई थी, उस दौरान जो दिवालिया होने वाली कंपनियों की संख्या के बराबर इस साल 2025 में दिवालिया होने वाली कंपनियों के बराबर पहुंच गई हैं. आंकड़े बताते हैं कि चैप्टर 7 या चैप्टर 11 के तहत केवल जनवरी से नवंबर के बीच 717 कंपनियों ने दिवालियापन के लिए आवेदन किया. चैप्टर 11 के तहत कंपनी का परिचालन जारी रहता है, जबकि चैप्टर 7 के तहत कंपनी बंद होती है और संपत्तियां बिक जाती है

इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ज्यादा असर

गौरतलब है कि आयात पर निर्भर अमेरिकी कंपनियों पर ट्रंप के टैरिफ का ज्यादा बुरा असर पड़ा. दिवालियापन की कगार पर पहुंची कंपनियां ज्यादातर इंडस्ट्रियल सेक्टर से जुड़ी थीं. परिवहन, विनिर्माण और निर्माण कंपनियों पर टैरिफ का सबसे बुरा असर देखने को मिला. इसके अलावा अन्य सेक्टर्स को भी बढ़े टैरिफ के चलते बुरी तरह प्रभावित किया. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक वर्ष की अवधि में 70,000 से अधिक जॉब भी खत्म हो गई. ट्रंप के दावे फेल साबित हुए.

निष्कर्ष :

ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के बजाय कंपनियों पर भारी दबाव पड़ा है। आयात-निर्भर उद्योगों, खासकर परिवहन, विनिर्माण और निर्माण सेक्टर में लागत बढ़ने से दिवालियापन के मामलों में तेज़ इजाफा हुआ है, जो 15 साल के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया है। महंगाई और नौकरियों में कटौती ने हालात को और बिगाड़ा है। कुल मिलाकर, रेवेन्यू बढ़ाने के दावे उलटे साबित हुए हैं और टैरिफ नीति ने अमेरिकी उद्योगों की चिंताओं को बढ़ाया है।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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