Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर NEET की तैयारी कर रही छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 19 जनवरी 2026 को पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में 15 वर्षीय एक छात्रा की संदिग्ध मौत हो गई। यह छात्रा औरंगाबाद जिले की रहने वाली थी। कुछ रिपोर्टों में उसका मूल स्थान जहानाबाद जिले के गोह क्षेत्र बताया गया है। वह NEET परीक्षा की तैयारी के लिए पटना आई हुई थी और इस हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह साजिशन हत्या का मामला हो सकता है।
घटना की पूरी जानकारी
छात्रा हॉस्टल में सामान्य रूप से रह रही थी। वह पढ़ाई को लेकर बहुत गंभीर थी। उसका व्यवहार हमेशा सामान्य रहता था। अचानक मौत होने से परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी कभी भी ऐसी हरकत नहीं कर सकती थी। वे मानते हैं कि मौत के पीछे कोई गहरा राज है। परिवार ने पुलिस की जांच पर भरोसा जताने से मना कर दिया है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिवार चाहता है कि मामला CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो ताकि सच्चाई सामने आए।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। लेकिन अभी तक मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट या अन्य मेडिकल जांच के विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है और जल्द ही तथ्य सामने आएंगे।
पटना में छात्राओं की सुरक्षा पर संकट
पटना में NEET, IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हजारों छात्राएं दूर-दूर से आती हैं। ये लड़कियां सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं। लेकिन हॉस्टलों में सुरक्षा की कमी से माता-पिता चिंतित रहते हैं। यह घटना पटना के परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में हुई है। हॉस्टल में रहने वाली अधिकांश छात्राएं मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करती हैं। लेकिन यहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। क्या हॉस्टल में पर्याप्त CCTV कैमरे लगे थे? क्या महिला स्टाफ की मौजूदगी थी? क्या रात में निगरानी होती थी? ये सभी सवाल अब चर्चा में हैं।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET छात्रा की हत्या का मामला सामने आया था। उस घटना में रेप की पुष्टि हुई थी। छात्रा बेहोश मिली थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम में यौन उत्पीड़न की बात सामने आई। उस मामले में हॉस्टल मालिक गिरफ्तार हुआ और SIT गठित की गई। अब परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल की घटना से लगता है कि पटना में छात्रा हॉस्टलों की स्थिति चिंताजनक है। लगातार ऐसी घटनाएं होने से अभिभावकों में डर बढ़ गया है।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

परिवार ने कहा है कि बेटी पढ़ाई के लिए पटना आई थी। वह कभी निराश नहीं होती थी। मौत को आत्महत्या बताना गलत है। वे चाहते हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिले। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन भी हॉस्टलों में ठोस सुरक्षा तंत्र की मांग कर रहे हैं। वे कहते हैं कि हॉस्टल मालिकों को नियमित जांच के दायरे में लाना चाहिए। छात्राओं के अभिभावक कहते हैं कि बच्चियां घर से दूर रहती हैं। उनकी सुरक्षा सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पटना में NEET तैयारी करने वाली छात्राओं की संख्या बहुत ज्यादा है। ये लड़कियां गांव-कस्बों से आती हैं। वे दिन-रात मेहनत करती हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं उनके भविष्य पर सवाल खड़े करती हैं। अभिभावक अब सोचते हैं कि क्या पटना भेजना सुरक्षित है? कई परिवार अब बच्चियों को घर पर ही पढ़ाने की सोच रहे हैं।
राजनीतिक और सामाजिक दबाव
इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दल सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वे कहते हैं कि छात्राओं की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। कुछ नेता CBI जांच की मांग कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए हैं। वे हॉस्टलों के लिए नए नियम बनाने की बात कर रहे हैं। सरकार पर दबाव है कि जल्द कार्रवाई हो।
हॉस्टल व्यवस्था में सुधार की जरूरत
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पटना सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हजारों प्राइवेट हॉस्टल चलते हैं। लेकिन कई जगहों पर बेसिक सुरक्षा नहीं है। CCTV, 24 घंटे गार्ड, महिला वार्डन, इमरजेंसी हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं कम हैं। सरकार को हॉस्टलों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करना चाहिए। नियमित निरीक्षण होना चाहिए। छात्राओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल बनाए जाने चाहिए।
Bihar News: आगे क्या होगा?
पुलिस को जल्द जांच पूरी करनी होगी। अगर हत्या साबित हुई तो दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। परिवार को न्याय मिलना चाहिए। इस घटना से सबक लेकर सरकार को छात्राओं की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। NEET जैसी परीक्षाओं में लड़कियां आगे बढ़ रही हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सच सामने आएगा और न्याय होगा। छात्राओं की जान बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पटना जैसे शहर में जहां शिक्षा का केंद्र है, वहां सुरक्षा का अभाव नहीं होना चाहिए।



