Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी की महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पहली अगस्त को शुरू हुई इस योजना के लिए महज दस दिनों के भीतर करीब छह लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करा लिया है। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी पात्र महिलाएं इस योजना के दायरे में नहीं आ जातीं, तब तक रजिस्ट्रेशन पोर्टल बंद नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य कुल सत्रह लाख पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ पहुंचाना है, जिसे दिल्ली सरकार की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय सहायता योजना बताया जा रहा है।
Delhi Lakshmi Yojana: पहली किस्त रक्षाबंधन के आसपास जारी होने की संभावना
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाली पहली किस्त रक्षाबंधन के त्योहार के आसपास जारी होने की संभावना जताई जा रही है, जो इस बार अट्ठाईस अगस्त को मनाया जाएगा। योजना की शुरुआत के बाद से ही राजधानी में महिलाओं के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है, जिसका सीधा असर रजिस्ट्रेशन की तेज रफ्तार में नजर आ रहा है। सरकार की कोशिश है कि त्योहार के मौके पर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना का सीधा आर्थिक लाभ मिल सके, ताकि उनके लिए यह पर्व और भी खास बन जाए।
जानें योजना की प्रमुख पात्रता शर्तें
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत इक्कीस से साठ वर्ष की आयु वर्ग वाली पात्र महिलाओं को हर महीने ढाई हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। हालांकि इस योजना के दायरे से कुछ महिलाओं को बाहर भी रखा गया है। जिन महिलाओं के तीन से अधिक बच्चे हैं और जिनके घर में सालाना बिजली खपत दो हजार चार सौ यूनिट से अधिक है, वे इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगी। इसके अलावा पात्रता के लिए दस साल तक दिल्ली का निवासी होना और स्थानीय सांसद या विधायक की सिफारिश भी जरूरी शर्तों में शामिल की गई है।
17 लाख महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सदन में योजना से जुड़े धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सत्रह लाख महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक यह आंकड़ा हासिल नहीं हो जाता, तब तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया किसी भी सूरत में बंद नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अधिकतम पात्र महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाना चाहती है।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री गुप्ता ने विधानसभा में बोलते हुए इस योजना को दिल्ली की सबसे बड़ी पहल बताते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंद्रह साल तक सत्ता में रही कांग्रेस सरकार हो या ग्यारह साल तक शासन करने वाली आम आदमी पार्टी सरकार, किसी ने भी महिलाओं के लिए इस तरह की ठोस पहल नहीं की। उनके अनुसार भारतीय जनता पार्टी सरकार ने दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए यह अहम संकल्प लिया है, जो अब जमीनी स्तर पर लागू भी हो रहा है।
दस दिन में लगभग छह लाख रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि योजना शुरू होने के महज दस दिनों के भीतर ही करीब 5.92 लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करा लिया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य उन सभी सत्रह लाख महिलाओं तक पहुंचना है जो वास्तव में इस सहायता की हकदार हैं, और जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होता, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी रहेगी। यह तेज रफ्तार दर्शाती है कि राजधानी की महिलाएं इस योजना को लेकर कितनी उत्सुक हैं और सरकार की योजना को जमीनी स्तर पर कितना समर्थन मिल रहा है।
राशि का बंटवारा और भविष्य की बचत योजना
मुख्यमंत्री ने योजना के वित्तीय ढांचे की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर महीने मिलने वाली ढाई हजार रुपये की राशि में से एक हजार रुपये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से सीधे महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष पंद्रह सौ रुपये एफडी या आरडी के रूप में बचत खाते में जमा किए जाएंगे। उनके अनुसार तीन साल बाद ब्याज सहित यह पूरी राशि महिलाओं को एकमुश्त आर्थिक सहारे के रूप में मिलेगी। सरकार ने इस पूरी योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो इसके व्यापक दायरे को दर्शाता है।
विधायकों के व्यवहार पर मुख्यमंत्री की सख्त टिप्पणी
विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायकों के व्यवहार को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने आवेदन पर हस्ताक्षर कराने के लिए विधायकों के पास पहुंचें, तो उनके साथ गरिमापूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। सदन में मौजूद आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा की एक सोशल मीडिया रील का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली की महिलाओं के सामने शर्मनाक आचरण करार दिया और इस तरह के व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
Delhi Lakshmi Yojana: पंजाब सरकार की योजना पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री गुप्ता ने पंजाब सरकार की हालिया महिला वित्तीय सहायता घोषणा पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य यह दावा कर रहे हैं कि वहां पैसा पहले ही बांटा जा चुका है, जबकि हकीकत में यह घोषणा चुनाव से ठीक पहले जुलाई महीने में की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अब अदालत ने भी उस धनराशि के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह रकम दरअसल निर्माण श्रमिकों के कल्याण कोष की है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी की महिलाओं में दिख रहा उत्साह सरकार के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के स्पष्ट रुख से यह साफ हो गया है कि सरकार सत्रह लाख महिलाओं तक पहुंचने के अपने लक्ष्य से पीछे हटने वाली नहीं है। रक्षाबंधन तक पहली किस्त जारी होने की संभावना के साथ यह योजना दिल्ली की महिलाओं के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा बनकर सामने आ सकती है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होगा कि सरकार अपने तय लक्ष्य के कितना करीब पहुंच पाती है।
Read More Here:-
Kal Ka Mausam 12 August: 19 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 90 की स्पीड से चलेगी आंधी


