Jharkhand Electricity Rate 2026: झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर आई है। झारखंड राज्य बिजली नियामक आयोग यानी जेएसईआरसी ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई दरों का ऐलान किया। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त नवनीत कुमार ने बताया कि नई दरें 1 अप्रैल 2026 यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत से लागू हो जाएंगी।
यह बढ़ोतरी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी जेबीवीएनएल ने पहले बिजली दरों में 59 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। लेकिन आयोग ने इस पर गहराई से विचार करने के बाद सिर्फ 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी। इस तरह आम उपभोक्ताओं को बड़े झटके से बचा लिया गया, हालांकि जेब पर थोड़ा बोझ तो बढ़ेगा ही।
शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को देने होंगे ज्यादा पैसे

अगर आप झारखंड के किसी शहर में रहते हैं और घरेलू बिजली कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अब बिजली पहले से थोड़ी महंगी हो जाएगी। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में 55 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
पहले शहरी उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 6.85 रुपए देने पड़ते थे लेकिन अब उन्हें 7.40 रुपए प्रति यूनिट चुकाने होंगे। यानी हर यूनिट पर 55 पैसे का अतिरिक्त बोझ। अगर कोई परिवार महीने में 200 यूनिट बिजली खर्च करता है तो उसे हर महीने करीब 110 रुपए ज्यादा देने होंगे। यह रकम साल भर में करीब 1320 रुपए बैठती है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं पर भी बढ़ेगा बोझ
शहरों की तरह गांवों में रहने वाले घरेलू उपभोक्ता भी इस बढ़ोतरी से अछूते नहीं रहेंगे। ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं को 6.70 रुपए प्रति यूनिट देने होते थे और अब उन्हें 7.20 रुपए प्रति यूनिट चुकाने होंगे। हालांकि शहरी उपभोक्ताओं के मुकाबले ग्रामीण उपभोक्ताओं पर थोड़ा कम बोझ पड़ेगा लेकिन बढ़ोतरी तो है। गांवों में आमतौर पर बिजली खपत कम होती है इसलिए असर भी थोड़ा कम रहेगा, फिर भी महीने के बजट पर इसका असर जरूर दिखेगा।
व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?
सिर्फ घरेलू उपभोक्ता ही नहीं बल्कि दुकान, ऑफिस और दूसरे व्यावसायिक कनेक्शन रखने वाले लोगों पर भी इस बढ़ोतरी का असर पड़ेगा। व्यावसायिक श्रेणी में ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई हैं जबकि शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी थोड़ी परेशानी जरूर खड़ी कर सकती है क्योंकि उनकी बिजली खपत घरेलू उपभोक्ताओं से ज्यादा होती है। जो व्यापारी एसी, फ्रीज, मशीनें और दूसरे बिजली उपकरण ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उनके बिल पर इसका सीधा असर दिखेगा।
किसानों को मिली राहत, कृषि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं
इस पूरी बढ़ोतरी के बीच सबसे राहत भरी खबर किसानों के लिए है। आयोग ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। यानी खेती-किसानी के लिए बिजली इस्तेमाल करने वाले किसानों को पहले की तरह ही बिल देना होगा।
यह फैसला झारखंड के उन लाखों किसानों के लिए राहत की बात है जो सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाले पंपसेट और दूसरे उपकरणों पर निर्भर हैं। कृषि क्षेत्र में बिजली दरें न बढ़ाकर सरकार ने किसानों को एक तरह की सब्सिडी जारी रखी है जो उनके लिए बड़ी राहत है।
जेबीवीएनएल ने मांगी थी 59 प्रतिशत बढ़ोतरी
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त नवनीत कुमार ने बताया कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने शुरुआत में बिजली दरों में 59 प्रतिशत तक की जबरदस्त बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। अगर यह प्रस्ताव मान लिया जाता तो आम उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बोझ कई गुना बढ़ जाता और यह आम आदमी के लिए बेहद मुश्किल होता।
आयोग ने इस प्रस्ताव पर गहराई से विचार किया, सभी पहलुओं को ध्यान में रखा और अंत में सिर्फ 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी। यह फैसला उपभोक्ताओं के हित में लिया गया है ताकि बिजली कंपनी की जरूरतें भी पूरी हों और आम जनता पर ज्यादा बोझ भी न पड़े।
समय पर बिल भरने पर मिलेगी 2 प्रतिशत छूट
नई दरों के साथ-साथ आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुछ खास सुविधाएं भी दी हैं। अगर कोई उपभोक्ता बिल जारी होने के पांच दिन के अंदर भुगतान कर देता है तो उसे दो प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी जो लोग बिल समय पर भरते हैं उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी और बढ़ी हुई दरों का बोझ थोड़ा कम होगा।
इसके अलावा जो उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाते हैं उन्हें ऊर्जा शुल्क पर तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यह सरकार की तरफ से स्मार्ट मीटर लगवाने को बढ़ावा देने की एक कोशिश है। स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी रुकती है और उपभोक्ता को भी अपनी खपत की सटीक जानकारी मिलती रहती है।
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी तय हुई दरें
आयोग ने सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी नई दरें तय की हैं। सोलर घंटों यानी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चार्जिंग के लिए 7 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की गई है। वहीं नॉन-सोलर घंटों यानी बाकी समय में चार्जिंग के लिए 8.70 रुपए प्रति यूनिट का शुल्क लगेगा।
यह फैसला उन लोगों के लिए जरूरी जानकारी है जो इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया या चारपहिया वाहन चलाते हैं और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का इस्तेमाल करते हैं। सोलर घंटों में चार्जिंग सस्ती रहेगी इसलिए ईवी चालकों को दिन में चार्जिंग करना फायदेमंद रहेगा।
सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को कोई बदलाव नहीं
जिन उपभोक्ताओं ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं उनके लिए आयोग ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी रूफटॉप सोलर यूजर्स पहले की तरह ही बिजली का लाभ उठाते रहेंगे। यह उन लोगों के लिए एक और अच्छी खबर है जो सौर ऊर्जा की तरफ रुख कर चुके हैं।
कुल मिलाकर झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल 2026 से थोड़ा ज्यादा बिल चुकाना होगा। हालांकि 59 प्रतिशत की मांग के मुकाबले सिर्फ 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी देकर आयोग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत जरूर दी है।
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