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बिहार में गैस सिलेंडर का संकट शुरू, मुजफ्फरपुर में होम डिलीवरी बंद, गोदामों पर लगी लंबी लाइनें, ईरान युद्ध और होली कटौती की दोहरी मार, हर एजेंसी पर 1000 सिलेंडर का बैकलाग

Bihar News: बिहार में रसोई गैस का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की इतनी भारी किल्लत हो गई है कि होम डिलीवरी पूरी तरह ठप पड़ गई है। वितरण केंद्रों और गोदामों पर सुबह तड़के से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग जाती हैं और घंटों इंतजार के बाद भी कई लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हो रहे हैं। इस संकट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं जिनमें ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी से गैस आपूर्ति में बाधा, होली पर हुई 20 फीसदी आवंटन कटौती और e-KYC की जटिलताएं प्रमुख हैं।

सूरज और रंजीत की कहानी – आम लोगों का दर्द

मुजफ्फरपुर के सहबाजपुर इलाके के सूरज कुमार के घर में पिछले दो दिनों से गैस का चूल्हा नहीं जल रहा। होम डिलीवरी बंद है इसलिए वे खुद सहबाजपुर चौक पर गैस सिलेंडर लेने पहुंचे लेकिन वहां भी निराशा हाथ लगी। मिठनपुरा के रंजीत कुमार ने होली से पहले ही गैस के लिए बुकिंग कराई थी लेकिन अब उन्हें बताया जा रहा है कि पुरानी बुकिंग रद्द हो गई है और फिर से नंबर लगाना होगा। इसके बाद ही शायद सिलेंडर मिल सके।

यह सिर्फ दो लोगों की कहानी नहीं है। मुजफ्फरपुर जिले में करीब-करीब हर मोहल्ले और हर गली में यही हाल है। महिलाओं का कहना है कि सिलेंडर खत्म होने के डर से वे सुबह पांच बजे ही वितरण केंद्र पहुंच जाती हैं। कुछ को गैस मिलती है और कुछ घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटती हैं।

सुबह से पहले ही लग जाती हैं लंबी कतारें

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मंगलवार को मुजफ्फरपुर के वितरण केंद्रों पर सुबह होने से पहले ही लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। घंटों की प्रतीक्षा के बाद भी कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिला। इससे उपभोक्ताओं और वितरण केंद्र के कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बनती रही। आम उपभोक्ता परेशान हैं कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में रसोई संभालना मुश्किल हो जाएगा। कई परिवारों ने चूल्हे-चौके के लिए मिट्टी के तेल या लकड़ी का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

गैस वेंडर फोन नहीं उठा रहे – कालाबाजारी की आशंका

इस संकट में एक और परेशान करने वाली बात सामने आई है। गैस वेंडर उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठा रहे। एजेंसियों की तरफ से भी कोई पुख्ता जवाब नहीं मिल रहा। बस यही कहा जा रहा है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। इस स्थिति को देखते हुए विशेष शाखा ने आशंका जताई है कि कहीं किल्लत के साथ-साथ गैस की कालाबाजारी न शुरू हो जाए। बिहार पुलिस मुख्यालय ने जिले के DM और SP को अलर्ट जारी करते हुए LPG गैस और पेट्रोल की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

संकट के तीन बड़े कारण

एजेंसी संचालकों ने इस संकट के पीछे एक साथ कई कारण बताए हैं।

पहला और सबसे बड़ा कारण है ईरान-इजरायल युद्ध। खाड़ी देशों में जारी भीषण लड़ाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस आपूर्ति बाधित हो गई है। भारत अपनी कुल एलपीजी और एलएनजी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है। जब तक यह युद्ध जारी है और होर्मुज का मार्ग पूरी तरह सुचारू नहीं होता तब तक गैस की किल्लत बनी रह सकती है।

दूसरा कारण है होली पर हुई आवंटन कटौती। कंपनियों ने होली के दौरान गैस आवंटन में 20 फीसदी की कटौती की थी और पर्व के दौरान रिफिलिंग भी बंद रही। इससे बैकलाग बन गया जो अभी तक खत्म नहीं हुआ है। हर एजेंसी पर एक हजार से अधिक सिलेंडरों का बैकलाग चल रहा है। जिन्होंने दस दिन पहले बुकिंग कराई थी उन्हें अभी सिलेंडर मिल रहा है।

तीसरा कारण है e-KYC और नए नियमों की जटिलता। सर्वर की धीमी रफ्तार और अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया ने आग में घी का काम किया है। कई उपभोक्ताओं का e-KYC पूरा नहीं हो पाया जिससे उनकी बुकिंग अटकी हुई है।

गैस बुकिंग का इंतजार 16 से बढ़कर 25 दिन

इस संकट का एक और असर यह दिखा है कि गैस सिलेंडर के लिए नंबर लगाने की तिथि जो पहले 16 दिन हुआ करती थी वह अब बढ़कर 25 दिन हो गई है। यानी आज बुकिंग करेंगे तो 25 दिन बाद सिलेंडर मिलने की उम्मीद है। यह स्थिति उन परिवारों के लिए विशेष रूप से कठिन है जहां रोजाना खाना बनाने के लिए गैस की जरूरत है।

बिहार अकेला नहीं है – पूरे देश में एलपीजी संकट

यह संकट सिर्फ मुजफ्फरपुर या बिहार तक सीमित नहीं है। पूरे देश में कमर्शियल और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बाधित हुई है। पुणे में गैस आधारित श्मशान घाट बंद करने की नौबत आई। बेंगलुरु और मुंबई के होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित हुए। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक इलाकों में कमर्शियल गैस की किल्लत है। केंद्र सरकार ने प्राथमिकता सूची में बदलाव करते हुए घरेलू एलपीजी को सबसे पहले और कमर्शियल सिलेंडर को बाद में भरने का आदेश दिया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत की उम्मीद है लेकिन आपूर्ति श्रृंखला सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा।

Bihar News: क्या होगा आगे?

एजेंसी संचालकों का कहना है कि जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती तब तक बैकलाग खत्म करना मुश्किल है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी जामनगर रिफाइनरी में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी का उत्पादन 10 फीसदी बढ़ा है। लेकिन जब तक होर्मुज संकट का समाधान नहीं होता और आयातित गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं होती तब तक बिहार समेत पूरे देश के उपभोक्ताओं को धैर्य रखना होगा। मुजफ्फरपुर के उपभोक्ताओं की आंखें अब सरकार की तरफ टिकी हैं कि कब यह संकट दूर होगा और रसोई का चूल्हा फिर से नियमित रूप से जलने लगेगा।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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