Fatty Liver: हमारे शरीर में लिवर एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है जो पाचन, विषाक्त पदार्थों की सफाई, प्रोटीन निर्माण और ऊर्जा भंडारण जैसे सैकड़ों जरूरी काम करता है। लेकिन आज की बदलती जीवनशैली, खानपान की गलत आदतें और शारीरिक निष्क्रियता के कारण लिवर की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें सबसे आम और खतरनाक है फैटी लिवर। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लिवर में सूजन का सबसे बड़ा कारण फैटी लिवर ही है। जब लिवर की कोशिकाओं यानी लिवर सेल्स में अतिरिक्त वसा यानी एक्सेस फैट जमा हो जाता है तो फैटी लिवर की समस्या पैदा होती है। इस अतिरिक्त फैट की वजह से लिवर की कोशिकाएं सामान्य से 5 से 10 प्रतिशत तक बड़ी हो जाती हैं जिससे लिवर में सूजन आ जाती है। अगर इस समस्या को समय रहते नहीं पहचाना गया तो यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति में बदल सकती है।
अनहेल्दी खानपान है सबसे बड़ा दुश्मन
फैटी लिवर का सबसे प्रमुख और सामान्य कारण गलत और अनहेल्दी खानपान है। अगर आप रोजाना अत्यधिक कैलोरी वाला भोजन, अधिक चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट यानी मैदे से बनी चीजें और प्रोसेस्ड या फास्ट फूड का नियमित सेवन करते हैं तो आपका लिवर धीरे-धीरे इस अतिरिक्त चर्बी का बोझ उठाने लगता है।
दरअसल जब हम जरूरत से अधिक कैलोरी और शुगर लेते हैं तो शरीर उसे वसा के रूप में जमा करना शुरू कर देता है। इस प्रक्रिया में लिवर की कोशिकाओं में भी फैट जमा होने लगता है। समोसा, बर्गर, पिज्जा, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय पदार्थ और तला-भुना खाना इस समस्या को और बढ़ावा देते हैं। इसलिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार अपनाना लिवर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।
मोटापा और अधिक वजन बनता है फैटी लिवर का कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए शरीर का संतुलित वजन बनाए रखना बेहद जरूरी है। जरूरत से अधिक वजन यानी मोटापा फैटी लिवर का एक बड़ा जोखिम कारक है। मोटापे की वजह से पेट के आसपास यानी पेट की अंतड़ियों के पास चर्बी जमा हो जाती है जिसे विसेरल फैट कहते हैं। यह विसेरल फैट सीधे लिवर को प्रभावित करती है। मोटापे के कारण शरीर में फैट प्रोसेसिंग यानी मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
शराब पीना है लिवर के लिए जानलेवा
शराब का सेवन लिवर के लिए सबसे हानिकारक आदतों में से एक है। नियमित और अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से फैटी लिवर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसे अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहते हैं। शराब लिवर में जाकर सीधे लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और फैट के जमाव को बढ़ावा देती है। लंबे समय तक शराब पीने की आदत न केवल फैटी लिवर बल्कि अल्कोहलिक हेपेटाइटिस और लिवर सिरोसिस का कारण बन सकती है।
शारीरिक निष्क्रियता भी है जिम्मेदार
आज की आरामदेह जीवनशैली में लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, टीवी देखते हैं या मोबाइल चलाते हैं। शारीरिक गतिविधि की यह कमी फैटी लिवर का एक और बड़ा कारण है। जब हम शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहते तो शरीर में कैलोरी तेजी से नहीं जलती और वसा जमा होने लगती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे तेज चलना, दौड़ना या योग लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
टाइप 2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का भी है संबंध
टाइप 2 डायबिटीज और उच्च कोलेस्ट्रॉल भी फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ाते हैं। डायबिटीज में इंसुलिन प्रतिरोध के कारण लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपने लिवर की विशेष देखभाल करनी चाहिए।
कैसे बचें फैटी लिवर से?
फैटी लिवर से बचाव के लिए सबसे पहले अपने खानपान में सुधार करें। तला-भुना, मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम करें। हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त आहार लें। रोजाना पर्याप्त पानी पिएं। नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और वजन को नियंत्रण में रखें। शराब से पूरी तरह परहेज करें और समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर करवाएं।
Fatty Liver: लिवर स्वास्थ्य चेकलिस्ट – क्या आप सुरक्षित हैं?
| जोखिम कारक | प्रभाव | सुधार के उपाय |
| मैदा और चीनी | लिवर में वसा जमाव | साबुत अनाज और फल अपनाएं |
| शराब का सेवन | कोशिकाओं को सीधा नुकसान | पूरी तरह परहेज करें |
| मोटापा | मेटाबॉलिज्म धीमा होना | नियमित व्यायाम (30-45 मिनट) |
| डायबिटीज | इंसुलिन रेजिस्टेंस | ब्लड शुगर नियंत्रित रखें |
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