Hockey World Cup: भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने चेन्नई में चल रहे जूनियर हॉकी विश्व कप 2025 में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित कर दिया। बुधवार को तीसरे स्थान के लिए खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारत ने अर्जेंटीना को 4-2 से मात देकर नौ साल पुराना सूखा खत्म किया। यह भारत का इस टूर्नामेंट में पहला कांस्य पदक है। छोटे शहरों और गांवों के युवा जो हॉकी के दीवाने हैं, वे इस जीत पर झूम उठे। टीम ने दो गोल से पिछड़ने के बाद आखिरी 11 मिनट में चार गोल ठोककर कमबैक किया, जो युवा खिलाड़ियों की जज्बे और कौशल की मिसाल है।
मैच का रोमांचक सफर: पिछड़ने के बाद धमाकेदार कमबैक
मैच की शुरुआत भारत के लिए मुश्किल रही। अर्जेंटीना ने पहले ही मिनट में निकोलस रोड्रिगेज के गोल से 1-0 की बढ़त ले ली। फिर 43वें मिनट में सैंटियागो फर्नांडीज ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। पहले तीन क्वार्टर में भारत को चार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन कोई गोल नहीं हो सका। हार का डर सताने लगा। लेकिन चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने तूफान ला दिया। 48वें मिनट में अंकित पाल ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर 1-2 किया। 51वें मिनट में मनमीत सिंह ने बराबरी कराई। 56वें मिनट में श्रद्धा नंद तिवारी ने भारत को आगे कर दिया और 57वें मिनट में अनमोल एक्का ने चौथा गोल ठोका। आखिरी 11 मिनटों में चार गोल, यह कमबैक भारतीय हॉकी का नया अध्याय लिख गया।
9 साल का इंतजार खत्म: 2016 के बाद पहला मेडल
भारत ने आखिरी बार 2016 में लखनऊ में आयोजित जूनियर विश्व कप में खिताब जीता था। उसके बाद टीम चौथे स्थान तक पहुंची, लेकिन मेडल नसीब नहीं हुआ। इस बार चेन्नई में घरेलू मैदान पर खेलते हुए युवा टीम ने इतिहास रचा। कोच ने खिलाड़ियों की तारीफ की और कहा कि यह जीत उनके जज्बे का नतीजा है। टीम के कप्तान ने कहा, “हमने कभी हार नहीं मानी। यह पदक पूरे देश के लिए है। यह सफलता भारतीय हॉकी को नई दिशा देगी।



