डेस्क – महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में नवनिर्वाचित शिवसेना पार्षद के पति की हत्या कर दी गई। इस मामले में एक महिला समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मंगेश सदाशिव कालोखे उर्फ अप्पा का शुक्रवार को खोपोली कस्बे में कुछ लोगों ने पीछा कर बेरहमी से हत्या कर दी।पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय कालोखे अपनी बेटियों को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे, तभी विहारी इलाके में उन पर हमला हुआ।
घटना कैसे हुई?
सुबह करीब 7 बजे मंगेश कालोखे अपनी बाइक पर स्कूल से लौट रहे थे। तभी विहारी इलाके में एक काली कार से उतरे तीन-चार हमलावरों ने उनका पीछा किया। उन्होंने बाइक रोककर मंगेश को घेर लिया और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार किए। तलवार, हंसिया और कुल्हाड़ी से किए गए इन वारों से मंगेश की मौके पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में यह भयानक मंजर कैद हो गया है, जिसमें हमलावर बेरहमी से वार करते दिख रहे हैं। आसपास के लोग डर के मारे मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
राजनीतिक रंजिश का शक
मंगेश कालोखे खुद भी पूर्व पार्षद थे और खोपोली में एक जानी-मानी शख्सियत थे। उनकी पत्नी मानसी कालोखे हाल ही में हुए खोपोली नगर परिषद चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) से जीती थीं। उन्होंने एनसीपी (अजित पवार गुट) के उम्मीदवार को हराया था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला राजनीतिक दुश्मनी का लग रहा है। शिवसेना नेताओं का कहना है कि चुनावी हार का बदला लेने के लिए यह हत्या की गई। कुछ नेताओं ने एनसीपी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि एनसीपी ने इन आरोपों को खारिज किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस की तेज कार्रवाई और गिरफ्तारियां
घटना के बाद रायगढ़ पुलिस ने तुरंत 8 विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर सिर्फ 26 घंटे में 9 आरोपियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार लोगों में मुख्य आरोपी रविंद्र देवकर, उनका बेटा दर्शन देवकर और एक महिला भी शामिल है। बाकी आरोपी स्थानीय बताए जा रहे हैं।पुलिस ने नागोथाने और आसपास के इलाकों में छापेमारी करके इनकी धरपकड़ की। मामले में हत्या और साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में एनसीपी के स्थानीय नेताओं के नाम भी आए हैं, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं का गुस्सा और बंद
हत्या की खबर फैलते ही खोपोली में तनाव फैल गया। शिवसेना कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव किया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। शहर में स्वतः बंद हो गया। लोग सड़कों पर उतर आए और न्याय की गुहार लगाई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना की निंदा की और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और तेज ट्रायल करके सजा दिलाई जाएगी। शिवसेना मंत्री भरत गोगावले और अन्य नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।
परिवार पर छाया मातम
मानसी कालोखे की चुनावी जीत की खुशी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि यह दुखद घटना हो गई। मंगेश 45 साल के थे और दो बेटियों के पिता थे। परिवार पूरी तरह टूट गया है। मानसी और उनके रिश्तेदारों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। कुछ ने एमसीओसीए जैसे सख्त कानून लगाने की भी बात कही।
निष्कर्ष :
यह घटना महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में बढ़ती हिंसा की एक दुखद मिसाल है। चुनावी जीत-हार को लेकर इतनी नफरत कि दिनदहाड़े बीच सड़क पर बेरहमी से हत्या कर दी जाए, यह समाज के लिए खतरे की घंटी है। अच्छी बात यह है कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करके 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। अब उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और दोषियों को सख्त सजा मिले। राजनीतिक दल भी सोचें कि जीत-हार लोकतंत्र का हिस्सा है, हिंसा नहीं। ऐसे मामलों से लोकतंत्र कमजोर होता है और आम लोगों में डर फैलता है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए, ताकि समाज में शांति बनी रहे।



