Jharkhand Govt Health Scheme: झारखंड की चंपई सोरेन सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात दी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने ‘राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना’ के लिए टाटा AIG जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब सरकारी कर्मियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिल जाएगी। गुरुवार को रांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में इस समझौते पर मुहर लगी।
कैशलेस इलाज की सुविधा और बीमा राशि का गणित
इस नई स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य सरकार के कर्मचारियों को दो अलग-अलग स्तरों पर बीमा कवर दिया जाएगा। सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा मिलेगी। वहीं, अगर कोई कर्मचारी किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आता है, तो उसके लिए बीमा की राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि यदि इलाज का खर्च इस निर्धारित राशि से भी ज्यादा हो जाता है, तो अतिरिक्त खर्च का भुगतान झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के विशेष फंड से किया जाएगा।
Jharkhand Govt Health Scheme: किसे मिलेगा इस योजना का लाभ

सरकार ने इस योजना का दायरा बहुत बड़ा रखा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षा मिल सके। इसमें राज्य सरकार के सभी वर्तमान अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। इसके साथ ही, रिटायर्ड पेंशनभोगियों, पूर्व विधायकों, सरकारी बोर्ड और निगमों के कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक व गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ-साथ झारखंड के निबंधित अधिवक्ताओं को भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच में जगह दी गई है।
Jharkhand Govt Health Scheme: देश के नामी अस्पतालों में होगा उपचार
झारखंड सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका नेटवर्क है। अब राज्य के कर्मचारियों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। टाटा AIG के साथ हुए इस करार के बाद देश के 400 से ज्यादा बड़े और प्रतिष्ठित अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें वेल्लोर का CMC, हैदराबाद का AIG, गुरुग्राम का मेदांता और चेन्नई का अपोलो जैसे बड़े अस्पताल शामिल हैं। कर्मचारी इन अस्पतालों में जाकर बिना पैसे दिए अपना और अपने परिवार का बेहतर इलाज करा सकेंगे।
बिना किसी इंतजार के पहले दिन से मिलेगी सुरक्षा
आमतौर पर बीमा योजनाओं में पुरानी बीमारियों के लिए कुछ समय का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस योजना में ऐसा कोई नियम नहीं है। यह योजना लागू होने के पहले दिन से ही प्रभावी होगी और पुरानी बीमारियों को भी कवर करेगी। इसके लिए कर्मचारियों को किसी अलग से मेडिकल टेस्ट की जरूरत नहीं होगी। महिला कर्मचारियों के लिए प्रसव और शिशुओं की देखभाल की खास व्यवस्था की गई है। साथ ही, उम्र की कोई सीमा न होने की वजह से बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।
डिजिटल पोर्टल से जुड़ी सारी जानकारी
योजना को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एक आधिकारिक पोर्टल sehis.jharkhand.gov.in भी शुरू किया है। इस वेबसाइट के जरिए कर्मचारी अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं और योजना से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मौके पर कहा कि झारखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और उन्हें उम्मीद है कि टाटा समूह के साथ यह साझेदारी कर्मचारियों के जीवन में बड़ी राहत लेकर आएगी।
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