Latehar Food Safety Action: होली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी के साथ मिलावटखोरों की सक्रियता भी बढ़ जाती है जो त्योहारी मौसम में जनता की सेहत से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आते। झारखंड के लातेहार जिले में इसी खतरे को भांपते हुए उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में एक सघन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान स्टेशन रोड स्थित मेसर्स सुनील होटल में बेची जा रही जलेबी में अखाद्य रंगों की मिलावट पकड़ी गई और लगभग 40 किलोग्राम मिलावटी जलेबी को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा एक मिठाई दुकान में काफी पुराने लड्डू पाए गए जिन्हें भी तुरंत नष्ट किया गया।
Latehar Food Safety Action: कहां-कहां हुई जांच?

जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेन रोड लातेहार, थाना चौक और स्टेशन रोड के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की। इसमें मीट की दुकानें, मिष्ठान भंडार, भोजनालय, रेस्टोरेंट और होटल सभी शामिल थे। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति, पैकेजिंग की उचित जानकारी और फूड लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
यह अभियान होली के त्योहार को ध्यान में रखकर चलाया गया क्योंकि इस मौसम में मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है और मिलावटखोर इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई करना जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत जरूरी था।
मीट शॉप में गंदगी, काटा गया 500 रुपये का चालान
निरीक्षण के दौरान मेन रोड लातेहार स्थित कल्लू मीट शॉप में गंभीर लापरवाही पकड़ी गई। यहां मीट काटने में प्रयोग होने वाले लकड़ी के उपकरणों की उचित साफ-सफाई नहीं की जा रही थी। यह स्थिति खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। दुकानदार की इस लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 500 रुपये का चालान काटा और दुकान को साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए।
मीट की दुकानों में स्वच्छता बेहद जरूरी होती है क्योंकि यहां गंदगी से खतरनाक बैक्टीरिया पनप सकते हैं जो उपभोक्ताओं को गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। होली जैसे त्योहार पर जब बाजार में खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ती है, तब स्वच्छता में लापरवाही और भी खतरनाक हो जाती है।
पनीर, हल्दी और तेल की भी हुई गुणवत्ता जांच
रेस्टोरेंट और भोजनालयों में बेचे जा रहे पनीर, हल्दी, तेल और अन्य खाद्य सामग्रियों की भी गुणवत्ता की जांच की गई। सड़क के किनारे स्थित कुछ अस्थायी भोजनालयों में ऐसी सामग्रियां उपयोग में लाई जा रही थीं जिन पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं थी।
बिना आवश्यक जानकारी के खाद्य सामग्री का उपयोग करना FSSAI यानी भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। ऐसे सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को अच्छी गुणवत्ता वाली और उचित लेबलिंग के साथ आने वाली खाद्य सामग्रियों का ही उपयोग करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
मिश्रा स्वीट्स में मिले पुराने लड्डू, मौके पर नष्ट
मेन रोड लातेहार स्थित मिश्रा स्वीट्स में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को काफी पुराने लड्डू मिले। खाद्य सुरक्षा के नियमों के अनुसार पुरानी और बासी मिठाइयां बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसी मिठाइयां खाने से उपभोक्ताओं को फूड पॉइजनिंग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अधिकारियों ने मौके पर ही इन पुराने लड्डुओं को नष्ट करा दिया।
होली जैसे त्योहार पर जब लोग बड़ी मात्रा में मिठाइयां खरीदते हैं, तब पुरानी या खराब मिठाइयां बेचने का चलन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई बेहद जरूरी होती है।
40 किलो मिलावटी जलेबी पकड़ी, मौके पर नष्ट की
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई स्टेशन रोड स्थित मेसर्स सुनील होटल में हुई। यहां बेची जा रही जलेबी में अखाद्य रंगों की मिलावट की पुष्टि हुई। अखाद्य रंग यानी ऐसे रासायनिक रंग जो खाने में उपयोग के लिए स्वीकृत नहीं हैं और जिनके सेवन से किडनी, लीवर और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
पुष्टि होते ही अधिकारियों ने बिना किसी देरी के लगभग 40 किलोग्राम मिलावटी जलेबी को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा होटल को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया। मिष्ठान भंडारों में रसगुल्ला और पेड़ा में स्टार्च की मिलावट तथा जलेबी और लड्डू में अखाद्य रंगों की जांच भी की गई।
आधा दर्जन प्रतिष्ठानों को फूड लाइसेंस नोटिस
जांच अभियान के दौरान करीब आधा दर्जन खाद्य प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस नहीं पाया गया। बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार चलाना FSSAI के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल फूड लाइसेंस लेने के लिए नोटिस जारी किया गया। लाइसेंस न होने पर इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
ऐप से घर बैठे करें शिकायत
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो वे FSSAI द्वारा संचालित फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपायुक्त के निर्देश पर इस प्रकार का अभियान पूरे जिले में आगे भी जारी रहेगा। FSSAI के निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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