Ranchi News: मध्य-पूर्व यानी खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में आई भारी उछाल का सीधा असर घरेलू गैस सिलेंडर पर पड़ रहा है। रांची शहर के विभिन्न इलाकों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग सुबह से ही घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को शहर के कई हिस्सों में गैस गोदामों के बाहर भारी भीड़ जुटी रही और कई उपभोक्ता सिलेंडर लेने के बाद उसे बाइक पर बांधकर घर ले जाते दिखे।
25 दिन का नया सर्कुलर बना परेशानी की जड़

रांची में गैस संकट को और गहरा करने में नए सर्कुलर की बड़ी भूमिका है। पहले जहां उपभोक्ताओं को जरूरत पड़ने पर दूसरा गैस सिलेंडर अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाता था, वहीं अब नए नियम के तहत दूसरा सिलेंडर 15 दिनों की बजाय 25 दिनों के बाद ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बदलाव की सूचना मिलने के बाद उपभोक्ताओं में घबराहट और बेचैनी बढ़ गई है। इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर बड़े और संयुक्त परिवारों पर पड़ रहा है जहां गैस की खपत अधिक होती है।
बुकिंग में भी तकनीकी गड़बड़ी
सिलेंडर मिलने की मुसीबत के अलावा बुकिंग के स्तर पर भी उपभोक्ता परेशानी झेल रहे हैं। शहर में कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों के बाहर बुकिंग कराने के लिए भी कतार में लगे दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोगों की बुकिंग हो जाती है लेकिन कई उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल पर यह संदेश आ रहा है कि उन्हें दूसरा सिलेंडर 25 दिनों के बाद ही मिलेगा।
घर-घर डिलीवरी बंद, खुद जाना पड़ रहा गोदाम
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि जो सुविधा पहले उनके दरवाजे पर मिलती थी वह अब बंद हो गई है। पहले डोर-टू-डोर गैस सिलेंडर की आपूर्ति आसानी से होती थी लेकिन इन दिनों कई इलाकों में घर तक गैस पहुंचाना बंद हो गया है। इस कारण लोगों को खुद गैस एजेंसी या गोदाम तक जाकर सिलेंडर उठाना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
कमर्शियल गैस संकट से होटल-ढाबे संकट में
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ रांची के होटल, ढाबा और खानपान व्यवसाय भी इस गैस संकट की चपेट में आ गए हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। शहर के कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस एजेंसियों से कमर्शियल गैस की सप्लाई मांग के हिसाब से नहीं मिल रही जिससे व्यवसाय चलाना मुश्किल हो रहा है।
अधिकारी बोले – घबराएं नहीं, गैस की कमी नहीं
इस पूरे हंगामे के बीच इंडियन ऑयल के अधिकारी आदित्य सुमोरन तिग्गा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर फिलहाल पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत पर पड़ा है लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक बने रहने की आशंका नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
Ranchi News: रांची LPG संकट – मुख्य चुनौतियां
| समस्या | प्रभाव | वर्तमान स्थिति |
| नया रिफिल नियम | दूसरा सिलेंडर अब 25 दिन बाद | लागू (अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि) |
| डिलीवरी व्यवस्था | होम डिलीवरी लगभग ठप | उपभोक्ताओं को गोदाम जाना पड़ रहा है |
| बुकिंग समस्या | तकनीकी खराबी और लंबी कतारें | एजेंसियों पर भारी भीड़ |
| कमर्शियल सप्लाई | होटल और ढाबों का संकट | आपूर्ति में भारी कटौती |
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