Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक के बाद एक चौंकाने वाले घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गवर्नर CV आनंद बोस के इस्तीफे और उनकी जगह तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल RN रवि की नियुक्ति ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि अगर कुछ गड़बड़ या संदेहपूर्ण नहीं था तो चुनाव से ठीक एक महीने पहले मौजूदा गवर्नर को क्यों बदला गया?
बोस का इस्तीफा और रहस्यमय खामोशी
CV आनंद बोस 2022 से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पद पर थे। उनके कार्यकाल के दौरान ममता सरकार के साथ उनका रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोनों के बीच कई मुद्दों पर तीखा टकराव देखने को मिला। लेकिन अब बोस ने इस्तीफा दे दिया है। बोस ने खुद स्पष्ट किया है कि इस्तीफा पूरी तरह सोच-समझकर दिया गया है लेकिन इस्तीफे की असली वजह अभी नहीं बल्कि सही समय आने पर सार्वजनिक होगी। इस रहस्यमय खामोशी ने राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलों को जन्म दे दिया।
ममता और बोस की अप्रत्याशित मुलाकात

राजनीति में अप्रत्याशित घटनाएं होती रहती हैं लेकिन ममता बनर्जी और CV आनंद बोस की मुलाकात ने सबको चौंका दिया। जब तक बोस बंगाल के गवर्नर रहे तब तक ममता सरकार के साथ उनकी लगातार खींचतान चलती रही। लेकिन SIR विरोधी पांच दिन का धरना खत्म करने के बाद ममता बनर्जी खुद बोस से मिलने पहुंचीं। मुलाकात के बाद दोनों मुस्कुराते हुए नजर आए।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ममता ने लिखा कि धर्मतला में पांच दिन का धरना खत्म होने के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर CV आनंद बोस से निजी तौर पर मिलने के लिए समय निकाला। ममता ने बोस को विद्वान बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान राज्य और लोगों की भलाई के मामलों पर मिलकर काम करने का मौका मिला।
‘बंगाल को बांटने का खेल बंद हो’
SIR विरोधी धरने के आखिरी दिन बोलते हुए ममता बनर्जी ने खुलकर BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल को बांटने और यहां के लोगों को बांटने का खेल बंद होना चाहिए। ममता ने अपील की कि जैन, बौद्ध, आदिवासी, मुस्लिम, ईसाई, सिख सभी धर्मों, वर्गों और पंथों को इस बारे में मिलकर सोचना चाहिए। उन्होंने गवर्नर बदलने के फैसले पर सीधा सवाल उठाया।
RN रवि की नियुक्ति और नए संघर्ष की आहट
बोस की जगह अब तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल RN रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। RN रवि तमिलनाडु में द्रमुक सरकार के साथ अपने आक्रामक और टकराव भरे रवैये के लिए जाने जाते हैं। वे वहां की गैर-BJP सरकार के साथ लगातार मतभेद में रहे। ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि बंगाल में भी TMC सरकार और नए गवर्नर के बीच टकराव देखने को मिल सकता है।
Bengal Chunav 2026: उत्तर बंगाल का सवाल और BJP का मजबूत आधार
ममता बनर्जी के बंगाल बांटने के आरोप के पीछे एक ठोस राजनीतिक संदर्भ है। सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे उत्तर बंगाल के जिलों में BJP का जनाधार काफी मजबूत है। हालांकि BJP ने आधिकारिक तौर पर कभी बंगाल विभाजन की बात नहीं की है और पार्टी के वरिष्ठ नेता इस आरोप को हमेशा खारिज करते रहे हैं। लेकिन ममता चुनाव से पहले इस मुद्दे को जनता के बीच जोरशोर से उठा रही हैं।
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