डेस्क – ललित मोदी ने एक बार ताना मारते हुए कहा था कि वह और विजय माल्या भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े हैं। ताजा घटनाक्रम में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कानून द्वारा वांछित किसी भी व्यक्ति को देश में वापस लाया जाएगा ताकि वे मुकदमे का सामना कर सकें।सोमवार को ललित मोदी ने इंस्टाग्राम पोस्ट की और बाद में हटा दिया गया। इसमें उन्होंने अपना और माल्या का एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हम दो भगोड़े हैं, भारत के सबसे बड़े भगोड़े।” पोस्ट के कैप्शन में भी ताना मारा गया था। उसमें लिखा था, “मुझे फिर से इंटरनेट को ठप करने के लिए कुछ करने दो। आप लोगों के लिए कुछ। जलन से अपना दिल जलाओ
वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा
हाल ही में ललित मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। यह वीडियो विजय माल्या के 70वें जन्मदिन की पार्टी का था, जो लंदन में हुई। वीडियो में ललित मोदी कैमरे के सामने कहते हैं, “हम दोनों भगोड़े हैं… भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े।” दोनों हंसते हुए नजर आ रहे हैं। ललित मोदी ने कैप्शन में लिखा कि वे फिर से इंटरनेट पर सनसनी मचा रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला और लोगों ने दोनों की आलोचना की। कई लोगों ने कहा कि ये भारत की कानूनी व्यवस्था का मजाक उड़ा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि इतने साल बाद भी ये भगोड़े क्यों भारत नहीं लाए जा सके?
विजय माल्या कौन हैं और क्यों हैं भगोड़े?
विजय माल्या कभी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक थे। उनकी कंपनी ने बैंकों से करीब 9,000 करोड़ रुपये का लोन लिया था, लेकिन लोन नहीं चुकाया। कंपनी बंद हो गई और माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। उन पर बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। 2019 में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया। भारत सरकार ब्रिटेन से उनका प्रत्यर्पण मांग रही है। मामला ब्रिटेन की अदालत में चल रहा है और सरकार का कहना है कि यह उन्नत चरण में है।
ललित मोदी की कहानी क्या है?
ललित मोदी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक थे। उन पर आईपीएल में वित्तीय अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोप लगे। 2010 में जांच शुरू होने के बाद वे भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पाया गया कि उन्होंने विदेशी कंपनियों के जरिए पैसे ट्रांसफर किए। उनका प्रत्यर्पण मामला भी ब्रिटेन की अदालत में लंबित है। दोनों ही लंदन में आराम से रह रहे हैं और अक्सर पार्टी करते दिखते हैं। इससे पहले भी उनके साथ के फोटो और वीडियो वायरल हो चुके हैं।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस वायरल वीडियो के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा, “भारत सरकार सभी भगोड़ों को वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम कई देशों की सरकारों से बात कर रहे हैं और ठोस प्रयास जारी हैं। जो लोग कानून से भागे हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा।” केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने भी कहा, “चिंता मत कीजिए, सभी भगोड़ों को वापस लाया जाएगा। पहले भी आतंकवादियों को लाया गया है, तो इनको भी लाया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।” सरकार का कहना है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया कानूनी है और विदेशी अदालतों में चल रही है। ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण संधि है, लेकिन वहां की अदालतें जेल की स्थिति और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाती रही हैं। फिर भी सरकार प्रयास तेज कर रही है।
प्रत्यर्पण में देरी क्यों?
प्रत्यर्पण आसान नहीं होता। विदेशी अदालतें यह जांचती हैं कि आरोपी को भारत में निष्पक्ष मुकदमा मिलेगा या नहीं। पहले ब्रिटेन की अदालतों ने भारतीय जेलों की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। लेकिन अब सरकार ने सुधार किए हैं और ब्रिटेन की टीम ने तिहाड़ जेल का दौरा भी किया, जहां सुविधाएं अच्छी पाई गईं। विजय माल्या का मामला उन्नत चरण में है, जबकि ललित मोदी का अभी लंबित है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी माल्या से कहा है कि भारत लौटें, तभी उनकी याचिका सुनी जाएगी।
लोगों की प्रतिक्रिया और सबक
इस वीडियो से लोग नाराज हैं। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि अमीर लोग देश लूटकर भाग जाते हैं और मजाक उड़ाते हैं, जबकि आम आदमी छोटी गलती पर सजा भुगतता है। लेकिन सरकार बार-बार आश्वासन दे रही है कि भगोड़े नहीं बचेंगे।
निष्कर्ष :
विजय माल्या और ललित मोदी जैसे भगोड़ों का मामला भारत की कानूनी व्यवस्था की परीक्षा है। विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। प्रत्यर्पण में समय लगता है, लेकिन प्रयास रुकेंगे नहीं। आखिरकार कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। अगर सरकार सफल होती है, तो यह अन्य भगोड़ों के लिए भी संदेश होगा कि कोई कितना भी अमीर हो, कानून से भाग नहीं सकता। उम्मीद है कि जल्द ही ये दोनों भारत लौटकर कानून का सामना करेंगे।



