MP News: इंदौर शहर में जनता की सेहत से खिलवाड़ का खेल जारी है। शहर के लसूड़िया मोरी और तलावली चांदा क्षेत्र के गोडाउन से लिए गए नामी घी ब्रांडों तथा विजयनगर क्षेत्र की डेयरियों के आठ सैंपल भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में फेल हो गए। इन सैंपलों को असुरक्षित घोषित किया गया है। यह घी आम लोगों के खाने लायक नहीं था। आसपास के शहरों में भी इसकी सप्लाई हो रही थी।
MP News: किन जगहों से लिए गए सैंपल?
खाद्य विभाग ने 25 जुलाई को लसूड़िया स्थित एसडीए कंपाउंड के क्रिश एंटरप्राइजेज से वास्तु एगमार्क ब्रांड के तीन घी सैंपल लिए थे। 27 जुलाई को तलावली चांदा स्थित डुगु एंटरप्राइजेज से घुमर ब्रांड का एक सैंपल लिया गया। इसी दौरान विजयनगर क्षेत्र की डेयरियों से भी सैंपल एकत्र किए गए। इन सभी की रिपोर्ट में सैंपल असुरक्षित पाए गए। नामी कंपनियों का घी इंदौर के आसपास के शहरों में सप्लाई किया जा रहा था।
अभी तक सिर्फ आठ रिपोर्ट आईं
इंदौर से करीब 50 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं। इनमें से अभी सिर्फ आठ सैंपलों की रिपोर्ट आई है। बाकी रिपोर्ट का इंतजार है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि आठ सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है और सभी असुरक्षित पाए गए हैं। संबंधित प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शेष सैंपलों की रिपोर्ट भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
पहले भी हुई बड़ी जब्ती
पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग और एफएसएसएआई की संयुक्त टीम ने एबी रोड स्थित एक गोडाउन में गोवर्धन ब्रांड का करीब 25 हजार किलो घी जब्त किया था। उसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई। मल्हारगंज क्षेत्र स्थित अक्षत फूड्स से विभिन्न ब्रांड का 267 किलो घी जब्त किया गया। जिले के अन्य स्थानों से भी करीब साढ़े पांच हजार किलो घी जब्त किया जा चुका है। कुल मिलाकर बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी पर कार्रवाई हुई है।
बाजार में पहुंचे घी को लेकर चिंता
विभाग ने संदिग्ध घी का गोडाउनों में रखा स्टॉक तो जब्त कर लिया है लेकिन बाजार में पहले ही पहुंच चुके घी की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। रिपोर्ट आने में देरी के कारण संदिग्ध उत्पाद की बिक्री जारी रहने की आशंका बनी हुई है। जब्त घी लंबे समय तक रखा रहने से खराब होने की चिंता भी है। इंदौर की आधुनिक खाद्य जांच प्रयोगशाला अभी शुरू नहीं हो सकी है इसलिए जांच के लिए भोपाल पर निर्भरता बनी हुई है।
असुरक्षित घी के सेवन से खतरा
लैब में फेल हुए सैंपल बताते हैं कि यह घी खाने लायक नहीं था। मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले घी से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। आम लोगों के अलावा आसपास के शहरों में भी इसकी सप्लाई होने से चिंता बढ़ गई है। खाद्य विभाग अब संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। बाकी सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।
जांच प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
सैंपल भोपाल की राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में भेजे गए थे। रिपोर्ट में असुरक्षित पाए जाने के बाद नियमों के मुताबिक कार्रवाई होनी है। जिला अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि दोषी प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी। शेष रिपोर्ट जल्द आने वाली हैं। स्थानीय लैब शुरू होने से जांच में तेजी आ सकती है। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
MP News: उपभोक्ताओं के लिए सावधानी जरूरी
बाजार में घी खरीदते समय ब्रांड और पैकिंग की जांच जरूर करें। संदिग्ध लगने वाले उत्पाद से बचें। शिकायत होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क कर सकते हैं। विभाग लगातार छापेमारी और सैंपलिंग कर रहा है। मिलावट रोकने के लिए सख्ती बढ़ाई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद और कार्रवाई की उम्मीद है।
इंदौर में नामी ब्रांडों और डेयरियों के आठ घी सैंपल भोपाल लैब में असुरक्षित पाए गए हैं। लसूड़िया और तलावली चांदा के गोडाउन तथा विजयनगर की डेयरियों से लिए सैंपल फेल हुए। पहले भी हजारों किलो घी जब्त किया जा चुका है। बाजार में पहुंचे घी को लेकर चिंता बनी हुई है। खाद्य विभाग संबंधित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करेगा। बाकी रिपोर्ट का इंतजार है। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है।
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