Odisha News: ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को महत्वपूर्ण वैधानिक समितियों को फिर से सक्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र की नियमित पढ़ाई शुरू होने से पहले एंटी-रैगिंग पैनल समेत कई समितियों की समीक्षा और पुनर्गठन करने को कहा है। यह निर्देश राज्य और निजी विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों तथा सरकारी सहायता प्राप्त व गैर-सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों को भेजा गया है। विभाग का मकसद छात्रों की सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करना है। कई कर्मचारियों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के कारण समितियां अधूरी हो गई थीं।
Odisha News: क्यों जरूरी हो गया समितियों का पुनर्गठन?
उच्च शिक्षा विभाग ने पांच अगस्त को जारी पत्र में बताया कि कई शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी स्थानांतरित हो चुके हैं या अन्यत्र तैनात कर दिए गए हैं। कुछ सेवानिवृत्त हो गए हैं, रिलीव हो चुके हैं या अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हैं। इसकी वजह से कई समितियों और सेल्स की संरचना अधूरी, पुरानी या निष्क्रिय हो गई है। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र से पहले इन्हें दुरुस्त करना जरूरी हो गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि कोई भी समिति या सेल अगर अभी तक गठित नहीं हुई है तो उसे तुरंत लागू नियमों, यूजीसी विनियमों और सरकारी निर्देशों के अनुसार गठित किया जाए। छात्रों की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे के लिए ये तंत्र सक्रिय रहने चाहिए।
किन-किन समितियों की समीक्षा करनी है?
संस्थानों को एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वाड, एंटी-रैगिंग मॉनिटरिंग सेल, इंटरनल कमेटी, स्टूडेंट्स ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी और जहां लागू हो ओम्बड्समैन की स्थिति और संरचना की तुरंत समीक्षा करने को कहा गया है। अगर अध्यक्ष, संयोजक, नोडल अधिकारी या कोई सदस्य स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति, इस्तीफा, लंबी छुट्टी या अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं है तो समिति को तुरंत पात्र और वर्तमान में सेवारत सदस्यों के साथ पुनर्गठित किया जाए। निर्धारित संरचना, कोरम, कार्यकाल और प्रतिनिधित्व का सख्ती से पालन करना होगा। महिलाओं, छात्रों, अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय, बाहरी सदस्यों और अन्य अनिवार्य श्रेणियों का प्रतिनिधित्व बनाए रखना जरूरी है।
नए आदेश जारी करने के निर्देश
पुनर्गठित समितियों के लिए नए कार्यालय आदेश जारी करने होंगे। इनमें प्रत्येक सदस्य का नाम, पदनाम, भूमिका, मोबाइल नंबर, आधिकारिक ईमेल पता और कार्यकाल का उल्लेख होना चाहिए। ये समितियां 2026-27 शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही पूरी तरह सक्रिय रहें। वे शिकायतें, शिकायत निवारण और छात्र सहायता संबंधी मामलों को प्राप्त करने व निपटाने के लिए तैयार रहें। समितियों का विवरण प्राथमिकता के आधार पर एचआईएमएस पोर्टल पर अपडेट किया जाए। अध्यक्षों, सदस्यों, नोडल अधिकारियों, काउंसलर और अन्य पदाधिकारियों के नाम व संपर्क विवरण संस्थान की वेबसाइट, नोटिस बोर्ड, हॉस्टल और अन्य उपयुक्त स्थानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
सात दिन में प्रक्रिया पूरी करने का समय
कुलसचिव, प्राचार्य या संस्थान प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित करना होगा कि गठन या पुनर्गठन की प्रक्रिया पत्र मिलने के सात दिनों के अंदर पूरी हो जाए। किसी भी स्थिति में 2026-27 सत्र की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत से पहले यह काम पूरा होना चाहिए। विभाग ने जोर दिया है कि समितियां सिर्फ कागजी न रहें बल्कि वास्तव में काम करने लायक हों। छात्रों को शिकायत दर्ज कराने और सहायता पाने में कोई दिक्कत न हो। रैगिंग जैसी समस्याओं से निपटने के लिए तैयार तंत्र होना चाहिए। यह निर्देश सभी संबंधित संस्थानों पर समान रूप से लागू होता है।
छात्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
रैगिंग रोकथाम के लिए एंटी-रैगिंग स्क्वाड और मॉनिटरिंग सेल की सक्रियता बेहद जरूरी मानी जाती है। नए सत्र में नए छात्रों के आने से पहले ये व्यवस्थाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। शिकायत निवारण समिति के माध्यम से छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा। ओम्बड्समैन जहां लागू है वहां उसकी भूमिका भी स्पष्ट रखी जाए। संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे इन समितियों को सिर्फ औपचारिकता न समझें। नियमित बैठकें और शिकायतों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। छात्रों को इन समितियों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए ताकि वे जरूरत पड़ने पर संपर्क कर सकें।
Odisha News: शैक्षणिक सत्र की तैयारी में शामिल
2026-27 सत्र की तैयारी के तहत यह कदम उठाया गया है। कई संस्थानों में कर्मचारियों के बदलाव के कारण समितियां प्रभावहीन हो गई थीं। विभाग चाहता है कि नया सत्र शुरू होते ही ये तंत्र पूरी तरह काम करें। एचआईएमएस पोर्टल पर अपडेट से निगरानी भी आसान होगी। संस्थान प्रमुखों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी दी गई है ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो। यह निर्देश यूजीसी नियमों और राज्य सरकार के मौजूदा प्रावधानों के अनुरूप है। छात्रों के हितों की रक्षा के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को 2026-27 शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले एंटी-रैगिंग कमेटी, स्क्वाड, मॉनिटरिंग सेल, इंटरनल कमेटी, छात्र शिकायत निवारण समिति और ओम्बड्समैन को सक्रिय या पुनर्गठित करने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति से कई समितियां अधूरी हो गई थीं। निर्धारित संरचना बनाए रखते हुए नए आदेश जारी करने, संपर्क विवरण प्रदर्शित करने और एचआईएमएस पोर्टल अपडेट करने को कहा गया है। सात दिनों में या सत्र शुरू होने से पहले प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह कदम छात्रों की सुरक्षा और शिकायतों के प्रभावी निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। संस्थान प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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