Patna Hostel Case: पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की एक महिला नर्स के साथ हुई बातचीत का ऑडियो जारी किया है जिसमें नर्स ने ऐसे दावे किए हैं जो अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की थ्योरी पर सीधे सवाल खड़े करते हैं।
नर्स ने किए चौंकाने वाले दावे
सांसद पप्पू यादव से फोन पर हुई बातचीत के दौरान नर्स ने बताया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया था तो वह पूरी तरह अचेत थी। नर्स के अनुसार:
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छात्रा के प्राइवेट पार्ट में झाग जैसा पदार्थ और खून के धब्बे थे।
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ड्यूटी पर मौजूद महिला गायनेकोलॉजिस्ट ने जांच के बाद स्पष्ट कहा था कि छात्रा का या तो गर्भपात कराया गया है या उसने गर्भपात की दवा ली है।
यह दावा उन रिपोर्ट्स के बिल्कुल विपरीत है जिनमें कहा जा रहा था कि छात्रा केवल पीरियड्स में थी।
पीरियड्स की थ्योरी को किया खारिज
नर्स ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि छात्रा माहवारी के दौरान थी। नर्स ने पुष्टि की कि वह मॉर्निंग केयर ड्यूटी पर थी और सफाई के दौरान ऐसा कुछ नहीं पाया गया जो पीरियड्स की पुष्टि करता हो। इस खुलासे ने पुलिस की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
होश में आई फिर अचानक कोमा में गईं छात्रा
नर्स ने एक और चौंकाने वाली जानकारी दी कि भर्ती होने के दो दिन बाद छात्रा को होश आया था। उस समय छात्रा ने इशारों में अपनी मां को बताया कि उसके साथ गलत हुआ है और वह रोने लगी थी। नर्स ने संदेह जताया कि होश में आने के बाद अचानक उसे नींद का इंजेक्शन दिया गया या कुछ और जिससे वह फिर से कोमा में चली गई।
पैसे का प्रलोभन और धमकी
नर्स ने बताया कि अस्पताल में एक महिला छात्रा की मां से मिलने आई थी जिसने इलाज का पूरा खर्च उठाने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा नर्स ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने के बाद से अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ उसे लगातार धमका रहे हैं। उसे अस्पताल न आने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है।
एसआईटी की जांच और पप्पू यादव की मांग

इस बीच विशेष जांच दल (SIT) 25 से अधिक लोगों का डीएनए टेस्ट कर रहा है। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एम्स पटना से सेकंड ओपिनियन भी लिया जा रहा है।
सांसद पप्पू यादव लगातार शंभू हॉस्टल के मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक छात्रा की मौत का मामला नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है।
Patna Hostel Case: मामले की गंभीरता
यह मामला दिनोंदिन गंभीर होता जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्होंने जानबूझकर सच्चाई को दबाने की कोशिश की। अब डीएनए टेस्ट के नतीजे और एम्स की रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक साबित हो सकते हैं।



