Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर रायपुर के सराफा बाजार में रौनक बढ़ गई है। इस बार सामान्य धागे वाली राखियों के साथ सोने और चांदी की राखियों में डिजाइन की बड़ी वैरायटी सज गई है। चांदी की राखियां करीब 350 रुपये से शुरू हो रही हैं जबकि सोने की राखियां 1600 रुपये से उपलब्ध हैं। हल्की और रोज पहनने योग्य डिजाइनों की मांग ज्यादा है। कई राखियां त्योहार के बाद ब्रेसलेट या आभूषण की तरह भी पहनी जा सकती हैं।
Raksha Bandhan 2026: सराफा बाजार में राखियों की नई रेंज
राजधानी के सराफा बाजार में रक्षाबंधन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। दुकानदारों ने सोने और चांदी की राखियों के नए कलेक्शन सजाए हैं। पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक स्टाइल भी उपलब्ध हैं। ग्राहक हल्के वजन वाली राखियां पसंद कर रहे हैं। बाजार में विविधता देखने को मिल रही है। त्योहार नजदीक होने से खरीदारी का रुझान बढ़ा है।
चांदी की राखियां 350 रुपये से शुरू
चांदी की राखियों की शुरुआती कीमत करीब 350 रुपये है। इनमें पेंडेंट और ब्रेसलेट स्टाइल के डिजाइन लोकप्रिय हैं। ओम, गणेश, रुद्राक्ष, नजर और फूलों वाले पारंपरिक चिन्ह उपलब्ध हैं। मोती और कुंदन वाली राखियां भी सज गई हैं। वजन और काम के आधार पर कीमत बढ़ती जाती है। प्रीमियम विकल्प 2000 से 2500 रुपये या उससे ऊपर भी मिल रहे हैं।
सोने की राखियों में हल्के डिजाइन
सोने की राखियां इस बार वजन कम रखते हुए डिजाइन पर जोर देकर बनाई गई हैं। छोटे गोल्ड चार्म, ओम और गणेश की आकृति वाले विकल्प उपलब्ध हैं। नाम या अक्षर वाले डिजाइन और ब्रेसलेट स्टाइल की राखियां पसंद की जा रही हैं। कीमत वजन और सोने की शुद्धता के अनुसार बदलती है। शुरुआती रेंज 1600 रुपये से है जबकि ज्यादा वजन वाले डिजाइन कई हजार रुपये तक पहुंच जाते हैं।
ब्रेसलेट स्टाइल की बढ़ती लोकप्रियता
हल्की और रोज पहनने योग्य राखियों में ब्रेसलेट स्टाइल सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। पेंडेंट, ओम, गणेश, रुद्राक्ष, मोती और कुंदन वाले डिजाइन आकर्षण का केंद्र बने हैं। कई चांदी की राखियों को इस तरह तैयार किया गया है कि त्योहार के बाद उन्हें ब्रेसलेट या आभूषण की तरह पहना जा सके। यह सुविधा ग्राहकों को अतिरिक्त फायदा दे रही है। लंबे समय तक उपयोग की सोच से खरीदारी हो रही है।
बहनों के लिए लाइटवेट ज्वेलरी की मांग
भाइयों की ओर से बहनों को उपहार देने के लिए लाइटवेट ज्वेलरी की मांग भी बढ़ी है। पांच हजार रुपये से शुरू होने वाली इस ज्वेलरी में अंगूठी, हार, पेंडेंट, ईयररिंग और छोटे ब्रेसलेट जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। सोने-चांदी के दाम ऊंचे होने के बावजूद कम वजन के डिजाइन को प्राथमिकता दी जा रही है। बजट के अनुकूल विकल्प तलाशे जा रहे हैं। उपहार की भावना के साथ व्यावहारिकता भी जरूरी हो गई है।
डिजाइन और कीमत का संतुलन
चांदी की राखियों में कुंदन, मोती, रंगीन स्टोन और पेंडेंट वाले डिजाइन सामान्य राखियों से महंगे हैं। पोटली पैक वाली प्रीमियम राखियां ऊंची रेंज में हैं। सोने में भी डिजाइन के हिसाब से कीमत तय होती है। ग्राहक आकर्षक लुक के साथ किफायती विकल्प चुन रहे हैं। दुकानदारों ने विविध बजट के लिए रेंज तैयार की है। मांग के अनुसार सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
Raksha Bandhan 2026: त्योहार को लेकर बाजार का माहौल
रक्षाबंधन नजदीक आने से सराफा बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। परिवार राखी और उपहार दोनों की खरीदारी एक साथ कर रहे हैं। हल्के डिजाइन और बहुउपयोगी राखियां ट्रेंड में हैं। धार्मिक चिन्हों के साथ आधुनिक टच वाली राखियां युवा पीढ़ी को भी भा रही हैं। बाजार में भीड़ बढ़ने लगी है। दुकानदार त्योहार तक व्यस्त रहेंगे।
रायपुर के सराफा बाजार में रक्षाबंधन को लेकर सोने और चांदी की राखियों की नई रेंज उपलब्ध है। चांदी की राखियां 350 रुपये से जबकि सोने की 1600 रुपये से शुरू हो रही हैं। ब्रेसलेट स्टाइल, पेंडेंट और धार्मिक डिजाइनों की मांग ज्यादा है। कई राखियां त्योहार के बाद भी पहनी जा सकती हैं। लाइटवेट ज्वेलरी पांच हजार रुपये से उपलब्ध है। ऊंचे दामों के बावजूद हल्के वजन को प्राथमिकता दी जा रही है। बाजार में विविधता और रौनक बनी हुई है।
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