RERA Bihar in Ranchi: बिहार के भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण यानी रेरा बिहार ने आज झारखण्ड की राजधानी रांची में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। ‘रेरा बिहार से रूबरू’ नाम के इस आयोजन में झारखण्ड में काम कर रहे बिल्डरों को बिहार के रियल एस्टेट बाजार में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही बिहार में घर या प्लाट खरीदने की इच्छा रखने वाले लोगों को भी जरूरी जानकारियाँ दी गईं।
रेरा बिहार के अध्यक्ष ने झारखण्ड के बिल्डरों को किया आमंत्रित
रेरा बिहार के अध्यक्ष श्री विवेक कुमार सिंह ने इस मौके पर कहा कि बिहार में इस वक्त बहुत तेज रफ्तार से विकास हो रहा है और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश के लिए यह सही समय है। उन्होंने झारखण्ड में काम कर रहे बिल्डरों से अपील की कि वे बिहार में आकर काम करें और आम लोगों की घर की जरूरत पूरी करने में मदद करें।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई बिल्डर या प्रमोटर अपने सारे कागजात सही तरीके से जमा करता है, तो रेरा बिहार उनके प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन करने में कोई देरी नहीं करता। प्राधिकरण ने एक खास फिल्टर व्यवस्था बनाई है जिससे आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो गई है। श्री सिंह ने कहा, “हमारा रवैया हमेशा सकारात्मक रहा है। हम बिल्डरों को काम करने में आसानी देना चाहते हैं, लेकिन घर खरीदारों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।”
RERA Bihar in Ranchi: क्या है ‘रेरा बिहार से रूबरू’ कार्यक्रम?
‘रेरा बिहार से रूबरू’ एक जागरूकता अभियान है जो रेरा बिहार उन शहरों में आयोजित करता है जहाँ बिहार के घर खरीदार और बिल्डर बड़ी संख्या में रहते हैं। रांची में बड़ी तादाद में बिहारी लोग रहते हैं, इसलिए इस बार यहाँ यह कार्यक्रम रखा गया। इसका मकसद यह बताना है कि बिहार में घर या जमीन खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और बिल्डरों को वहाँ काम करने में किस तरह की सुविधाएँ मिलती हैं।
किन-किन अधिकारियों ने की शिरकत?
इस कार्यक्रम में झारखण्ड के विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह और झारखण्ड रेरा के अध्यक्ष श्री बिरेन्द्र भूषण भी मौजूद रहे। इनके अलावा झारखण्ड में काम कर रहे बिल्डर्स और बिहार में घर खरीदने के इच्छुक लोगों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह ने रेरा बिहार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि झारखण्ड रेरा को भी इस तरह के काम करने चाहिए ताकि झारखण्ड में घर खरीदने वाले लोगों के हितों की भी अच्छी तरह रक्षा हो सके। उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि बिहार का मॉडल देश के दूसरे राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन रहा है।
झारखण्ड रेरा के अध्यक्ष श्री बिरेन्द्र भूषण ने कहा कि रेरा बिहार का काम राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखने को मिला और जो अच्छी बातें सामने आई हैं उन्हें झारखण्ड में भी लागू करने की कोशिश की जाएगी।
घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा पर जोर

रेरा बिहार के जांच आयुक्त श्री संजय सिंह ने रेरा रजिस्ट्रेशन के महत्व को समझाते हुए कहा कि जब भी कोई घर या प्लाट खरीदे, तो पहले यह जरूर देखें कि उस प्रोजेक्ट का रेरा रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं। रेरा में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट में पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित होता है, क्योंकि प्राधिकरण उस पर नजर रखता है और कोई धोखाधड़ी होने पर कार्रवाई भी करता है।
अध्यक्ष श्री विवेक कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि रेरा बिहार घर खरीदारों के साथ अगर कोई भी अन्याय होता है तो उससे बहुत सख्ती से निपटा जाता है। प्राधिकरण का पूरा ध्यान इस बात पर है कि जिस व्यक्ति ने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर घर खरीदा है, उसे कोई नुकसान न हो।
कार्यक्रम में दिखाई गईं जागरूकता फिल्में
इस कार्यक्रम में रेरा बिहार की दो छोटी फिल्में भी दिखाई गईं जो लोगों को रेरा के काम और घर खरीदते समय सावधान रहने के बारे में जानकारी देती हैं। इन फिल्मों का मकसद आम लोगों तक यह संदेश पहुँचाना है कि रेरा रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है और बिना इसके किसी प्रोजेक्ट में पैसा लगाने का क्या खतरा हो सकता है।
रेरा बिहार की टीम ने एक प्रजेंटेशन भी दी जिसमें बिल्डरों को बिहार के रियल एस्टेट बाजार में मौजूद संभावनाओं के बारे में बताया गया। प्रजेंटेशन में यह भी समझाया गया कि रेरा बिहार ने बिल्डरों के काम को आसान बनाने के लिए क्या-क्या बदलाव किए हैं। घर खरीदारों के लिए अलग से एक प्रजेंटेशन दी गई जिसमें बताया गया कि किसी भी प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले किन बातों की जाँच करनी चाहिए।
सवाल-जवाब के सत्र में हुई खुली बातचीत
कार्यक्रम के अंत में एक खुला सत्र रखा गया जहाँ लोगों ने रेरा कानून से जुड़े अपने सवाल पूछे और अधिकारियों ने उनका जवाब दिया। इस सत्र में घर खरीदारों और बिल्डरों दोनों ने अपनी-अपनी परेशानियाँ और सवाल रखे, जिनका जवाब रेरा बिहार के अधिकारियों ने खुलकर दिया।
रेरा बिहार के सचिव श्री अनीमेष पाण्डेय ने कार्यक्रम की शुरुआत में इसके मकसद के बारे में बताया, जबकि विशेष कार्य अधिकारी श्री राजेश थदानी ने कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद किया।
बिहार का रियल एस्टेट मॉडल क्यों है खास?
रेरा यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी की स्थापना 2016 में हुई थी। इसका काम रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाना और घर खरीदारों को धोखाधड़ी से बचाना है। बिहार रेरा ने हाल के वर्षों में कई ऐसे काम किए हैं जिनकी देश भर में तारीफ हुई है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बनाना, शिकायतों का जल्दी निपटारा करना और बिल्डरों के लिए काम का माहौल सुधारना, ये सब बातें बिहार रेरा की खास पहचान बन गई हैं।
रांची में हुए इस कार्यक्रम से साफ है कि बिहार रेरा सिर्फ अपने राज्य तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि दूसरे राज्यों में जाकर भी लोगों को जागरूक करना चाहता है और बिहार के रियल एस्टेट बाजार को बढ़ावा देना चाहता है। यह पहल उन लाखों लोगों के लिए फायदेमंद है जो बिहार में घर खरीदने का सपना देख रहे हैं।
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