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श्रीनगर में सड़क हादसा, CRPF का बुलेटप्रूफ बंकर वाहन नहर में गिरा, सात जवान घायल

Jammu & Kashmir News: जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। डगपोरा क्षेत्र के अहमद नगर रोड पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक बुलेटप्रूफ बंकर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गया और पास की नहर में जा गिरा। इस दुर्घटना में सीआरपीएफ के सात जवान घायल हो गए हैं। घटना के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

यह हादसा उस समय हुआ जब वाहन सामान्य गति से डगपोरा रोड पर चल रहा था। अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे भारी वजन वाला बुलेटप्रूफ वाहन सड़क के किनारे से नीचे उतर गया और नहर में पलट गया। नहर में पानी की गहराई और वाहन का भारी होना होने से निकासी में कुछ समय लगा, लेकिन स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की टीम ने मिलकर जल्दी से घायलों को बाहर निकाला।

हादसे का कारण क्या रहा?

Jammu & Kashmir News
Jammu & Kashmir News (प्रक्रीतात्मक फोटो – सेना के जवान)

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने बताया कि हादसा चालक के नियंत्रण खोने के कारण हुआ। सड़क पर कुछ जगहों पर फिसलन या कोई छोटी बाधा भी हो सकती है, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया। हालांकि, मौसम की स्थिति सामान्य थी और सड़क पर कोई बड़ा ट्रैफिक जाम नहीं था। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम भी बुलाई गई है ताकि वाहन की तकनीकी स्थिति, ब्रेक सिस्टम और अन्य पहलुओं की जांच की जा सके।

जम्मू-कश्मीर जैसे इलाके में जहां सुरक्षा बलों के वाहन अक्सर संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करते हैं, ऐसे हादसे चिंता का विषय बन जाते हैं। बुलेटप्रूफ बंकर वाहन भारी होते हैं और इनकी हैंडलिंग में विशेष सावधानी की जरूरत होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइवर ट्रेनिंग, वाहन रखरखाव और सड़क की स्थिति पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

घायल जवानों की स्थिति

हादसे के तुरंत बाद सभी सात घायल जवानों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस), सौरा में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी जवानों को चोटें आई हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें भी लगी हैं, लेकिन किसी की जान को खतरा नहीं है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। इलाज के दौरान उन्हें आवश्यक दवाएं और देखभाल दी जा रही है।

घायल जवानों के नाम इस प्रकार हैं:

  • नागिंदर सिंह (36 वर्ष)

  • अजीत कुमार राम (36 वर्ष)

  • राज किशोर राय (40 वर्ष)

  • अमित कुमार यादव (38 वर्ष)

  • राजधन राम (55 वर्ष)

  • मंकर कुमार (40 वर्ष)

  • नीरज कुमार (45 वर्ष)

ये सभी जवान सीआरपीएफ की विभिन्न बटालियनों से तैनात थे और ड्यूटी पर जा रहे थे। उनके परिवारों को सूचना दे दी गई है और आवश्यक मदद मुहैया कराई जा रही है।

बचाव कार्य और स्थानीय सहयोग

इस घटना के समय आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने रस्सियां और अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर वाहन से जवानों को बाहर निकालने में सहयोग किया। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमों ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। नहर में पानी होने के कारण निकासी थोड़ी जटिल थी, लेकिन टीम की तत्परता से सभी को समय रहते बाहर निकाला जा सका।

सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण इलाका

श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती लगातार बनी रहती है। बुलेटप्रूफ वाहन आतंकवाद विरोधी अभियानों और गश्त के लिए इस्तेमाल होते हैं। ऐसे वाहनों का वजन 10 टन से अधिक होता है, जिससे छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा बन सकती है। पिछले कुछ वर्षों में घाटी में कई सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान प्रभावित हुए हैं।

Jammu & Kashmir News: जांच और आगे के कदम

सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। जांच में सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें वाहन की सर्विसिंग रिकॉर्ड, चालक का अनुभव और सड़क की कंडीशन शामिल है। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, सीआरपीएफ ने एक बयान जारी कर कहा कि सभी घायल जवानों का पूरा इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है और उनके परिवारों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। बल ने जवानों की बहादुरी और ड्यूटी के प्रति समर्पण की सराहना की है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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