Silver Price Hike: साल 2026 की शुरुआत होते ही चांदी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि निवेशक ही नहीं आम लोग भी हैरान हैं। जनवरी के सिर्फ 15 दिनों में चांदी के भाव ने ऐसी छलांग लगाई कि हर जगह इसी की चर्चा हो रही है। कोई पूछ रहा है कि यह तेजी अभी रुकेगी या नहीं तो कोई सोच रहा है कि अब भी इसमें पैसा लगाना ठीक रहेगा या मौका निकल चुका है। बीते कुछ महीनों में चांदी ने जिस तरह रिटर्न दिया है उसने बाकी निवेश विकल्पों को पीछे छोड़ दिया है। रिटर्न के मामले में तो चांदी ने सोने को भी पीछे धकेल दिया है।
बुधवार को चांदी की कीमत में जोरदार उछाल देखने को मिला। चांदी की शुरुआत करीब ₹2,81,698 प्रति किलो पर हुई जो पिछले बंद भाव ₹2,75,187 से काफी ऊपर थी। कारोबार के दौरान चांदी चढ़ते चढ़ते ₹2,91,406 प्रति किलो के उच्च स्तर तक पहुंच गई। शाम तक इसमें हल्की गिरावट आई और यह करीब ₹2,89,200 रुपये के आसपास कारोबार कर रही थी। एक ही दिन में करीब ₹15,000 की तेजी ने बाजार में हलचल मचा दी।
एक महीने में करीब ₹1 लाख का फायदा

अगर सिर्फ एक महीने की बात करें तो चांदी ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है। करीब एक महीने पहले चांदी का भाव ₹1.97 लाख के आसपास था। अब यह ₹2.90 लाख के पार पहुंच चुकी है। यानी सिर्फ एक महीने में ही करीब ₹1 लाख का सीधा फायदा देखने को मिला है। यही वजह है कि अब हर दूसरा निवेशक चांदी की तरफ देखने लगा है।
यह तेजी इतनी अचानक और तीव्र रही है कि बाजार के जानकार भी इसे असाधारण मान रहे हैं। जिन लोगों ने दिसंबर में चांदी में निवेश किया था, उनके लिए यह सोने पे सुहागा साबित हुआ है। छोटे निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशक सभी ने इस तेजी का फायदा उठाया है।
छह महीने में पैसा डबल से भी ज्यादा
चांदी की असली चमक पिछले 6 महीनों में देखने को मिली है। करीब 6 महीने पहले चांदी का भाव ₹1.17 लाख के आसपास था। अब वही चांदी ₹2.90 लाख के करीब पहुंच चुकी है। यानी 6 महीने में पैसा डबल से भी ज्यादा हो गया। इसी दौरान सोने ने भी अच्छी तेजी दिखाई लेकिन चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया।
यह रिटर्न किसी भी पारंपरिक निवेश विकल्प से कहीं बेहतर है। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड या यहां तक कि शेयर बाजार में भी इतना तेज रिटर्न मिलना मुश्किल है। इसी वजह से चांदी अब हर निवेशक की पहली पसंद बनती जा रही है।
अगर किसी ने जुलाई 2025 में ₹1 लाख की चांदी खरीदी होती तो अब उसकी वैल्यू करीब ₹2.47 लाख हो चुकी होती। यह रिटर्न किसी भी कैलकुलेशन से शानदार है। इस तरह की तेजी आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी या बहुत रिस्की शेयरों में देखने को मिलती है, लेकिन चांदी जैसे पारंपरिक एसेट में यह दुर्लभ है।
मोतीलाल ओसवाल का बड़ा अनुमान
चांदी की इस तेजी को लेकर प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने भी बड़ा अनुमान दिया है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में चांदी ₹3.20 लाख प्रति किलो तक जा सकती है। यानी मौजूदा स्तर से अभी और तेजी की गुंजाइश बताई जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि साल 2025 में चांदी ने करीब 170 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया जो अपने आप में बड़ी बात है। इतना रिटर्न देने वाली कोई और एसेट क्लास नहीं थी। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि औद्योगिक मांग और निवेश दोनों मोर्चों पर चांदी की स्थिति मजबूत है।
फर्म के एनालिस्ट्स का कहना है कि अगले कुछ महीनों में चांदी में उतार-चढ़ाव तो रहेगा लेकिन लंबी अवधि में ट्रेंड ऊपर की ओर ही रहने वाला है। ग्लोबल इकोनॉमिक अनसर्टेंटी और सेफ हेवन डिमांड इसे सपोर्ट करेगी।
सोने का हाल भी अच्छा
चांदी के साथ साथ सोने में भी मजबूत तेजी देखने को मिली है। 14 जनवरी को एमसीएक्स पर सोना ₹1,43,590 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। बाद में इसमें हल्की गिरावट आई और यह करीब ₹1,43,300 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
सुरक्षित निवेश की तलाश में लोग अब भी सोने और चांदी दोनों की तरफ रुख कर रहे हैं। हालांकि रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को काफी पीछे छोड़ दिया है। पिछले एक साल में सोने ने करीब 30-35 प्रतिशत का रिटर्न दिया है जबकि चांदी ने 170 प्रतिशत से भी ज्यादा।
फिर भी सोना अपनी स्थिरता और विश्वसनीयता के कारण निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। बड़े निवेशक अभी भी अपने पोर्टफोलियो में सोने को ज्यादा वेटेज देते हैं क्योंकि इसमें वोलैटिलिटी कम है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम
जानकारों के मुताबिक, दुनिया भर में तनाव और अनिश्चित माहौल इसकी बड़ी वजह है। जब हालात साफ नहीं होते तो लोग अपने पैसे को सुरक्षित जगह लगाना चाहते हैं। सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सेफ हेवन माने जाते हैं।
इसके अलावा चांदी की मांग अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, बिजली के उपकरण, इलेक्ट्रिक गाड़ियां और पावर सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदम ने चांदी की औद्योगिक मांग को काफी बढ़ा दिया है।
मांग ज्यादा है और सप्लाई उतनी नहीं बढ़ पा रही है इसलिए भाव ऊपर जा रहे हैं। दुनियाभर की माइन्स से चांदी का उत्पादन सीमित है और नई माइन्स खोलने में समय लगता है। इससे सप्लाई में तुरंत इजाफा नहीं हो पाता।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव, मध्य पूर्व में अस्थिरता और यूरोप में आर्थिक चुनौतियां भी इस तेजी में योगदान दे रही हैं। जब भी भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, कीमती धातुओं में पैसा जाने लगता है।
Silver Price Hike: क्या अभी निवेश करना सही रहेगा
चांदी अब एक नई रेंज में पहुंच चुकी है और उतार चढ़ाव भी तेज हो सकता है। जानकार मानते हैं कि लंबी अवधि में इसमें दम है लेकिन बहुत ऊंचे स्तर पर एक साथ पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि ₹2.90 लाख के स्तर पर थोड़ा करेक्शन आ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि थोड़ा इंतजार करें और गिरावट पर खरीदारी करें। दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मोमेंटम इतना मजबूत है कि यह सीधे ₹3 लाख को पार कर सकती है। अगर आप निवेश की सोच रहे हैं तो अपने बजट और जरूरत को ध्यान में रखें और पहले किसी फाइनेंशियल सलाहकार से बात जरूर करें। एक साथ बड़ी रकम लगाने की बजाय SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) की तरह छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करना ज्यादा समझदारी हो सकती है।
याद रखें कि कमोडिटी मार्केट में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी होती है। जितनी तेजी से भाव ऊपर जाते हैं, उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकते हैं। इसलिए केवल उतना ही पैसा लगाएं जिसके नुकसान को आप सहन कर सकें। इन मेटल्स में तेजी जितनी आकर्षक दिखती है उतनी ही सावधानी भी जरूरी होती है। अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें और सभी अंडे एक ही टोकरी में न डालें।



