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नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल होने पर भी हार्ट अटैक का खतरा! AIIMS डॉक्टर ने बताए 2 जरूरी टेस्ट

डेस्क: अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उनका कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य है, तो हार्ट अटैक का खतरा नहीं है। लेकिन AIIMS के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल होने के बावजूद भी हार्ट अटैक आ सकता है। इसका कारण केवल कोलेस्ट्रॉल नहीं, बल्कि धमनियों की सूजन, ब्लॉकेज और हृदय की अन्य स्थितियां हैं। डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट अटैक का सही जोखिम जानने के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट पर्याप्त नहीं है।

नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक का कनेक्शन

नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। यह इसलिए क्योंकि ब्लॉकेज या प्लाक सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से नहीं, बल्कि धमनियों में सूजन, जीवनशैली और हार्मोनल बदलाव से भी जुड़ा होता है। इसके अलावा, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट जैसी अन्य चीजें भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

AIIMS डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए दो जरूरी टेस्ट

हार्ट अटैक के खतरे का सही अंदाजा लगाने के लिए दो टेस्ट बेहद जरूरी हैं। पहला है Coronary Calcium Score Test, जो धमनियों में प्लाक और कैल्शियम जमा होने का पता लगाता है। यह टेस्ट बताता है कि दिल की धमनियों में ब्लॉकेज कितना है, चाहे कोलेस्ट्रॉल सामान्य क्यों न हो। दूसरा है CT Coronary Angiography, जो दिल की धमनियों की स्थिति और ब्लॉकेज का स्पष्ट चित्र देता है। इससे यह पता चलता है कि रक्त का प्रवाह ठीक है या कहीं ब्लॉकेज है।

क्यों सिर्फ कोलेस्ट्रॉल टेस्ट पर्याप्त नहीं

कई लोग केवल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करवाते हैं और समझते हैं कि उनका दिल सुरक्षित है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि कई बार धमनियों में ब्लॉकेज या सूजन बिना किसी लक्षण के भी हो सकती है। ऐसे में सिर्फ कोलेस्ट्रॉल टेस्ट पर भरोसा करना सही नहीं है। Coronary Calcium Score और CT Coronary Angiography जैसे टेस्ट से ही हृदय संबंधी जोखिम का सही पता चलता है।

जोखिम कम करने के अन्य उपाय

टेस्ट के अलावा जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी हैं। संतुलित डाइट लें जिसमें ताजे फल, सब्जियां और फाइबर शामिल हों। रोजाना कम से कम 30 मिनट हल्की या तेज वॉक करें। ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की समय-समय पर जांच करते रहें। धूम्रपान और शराब से बचें, क्योंकि ये हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं। साथ ही योग और मेडिटेशन से मानसिक तनाव को कम करना भी फायदेमंद है।

निष्कर्ष: 

कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने का मतलब यह नहीं कि हार्ट अटैक का खतरा खत्म हो गया है। AIIMS डॉक्टरों के अनुसार, Coronary Calcium Score Test और CT Coronary Angiography जैसे टेस्ट से ही हृदय संबंधी जोखिम का सही अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हार्ट अटैक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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