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Kal Ka Mausam 27 July: देश के कई राज्यों में मानसून का तांडव तेज, भारी बारिश और आंधी-तूफान का नया अलर्ट जारी

Kal Ka Mausam: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अट्ठाइस जुलाई की सुबह तक के जो ताजा रुझान जारी किए हैं, वे सचमुच चिंता बढ़ाने वाले हैं। सावन के महीने में बादलों का मिजाज एक बार फिर से बेहद आक्रामक हो चला है और देश के अधिकांश हिस्सों में मानसुनी धाराएं पूरी तरह से सक्रिय रूप ले चुकी हैं। मौसम कार्यालय की ओर से मिली आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, आगामी चौबीस घंटों के भीतर कई प्रमुख राज्यों में बादलों की आवाजाही के साथ मूसलाधार पानी बरसने के पूरे आसार हैं। खास तौर पर छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है, जहां सामान्य से कहीं अधिक तीव्र वर्षा होने की आशंका जताई जा रही है।

राजधानी दिल्ली समेत आसपास के मैदानी इलाकों में भी मानसुनी हवाओं ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के बड़े हिस्से यानी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के आसमान पर कल दिनभर बादलों की घनी चादर तनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इन मैदानी इलाकों में मानसुनी गतिविधियों के और अधिक तीव्र होने का समय आ चुका है, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी लेकिन साथ ही सड़कों पर जलभराव और आवागमन में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। खेतों की पटरियों से लेकर शहर की कॉलोनियों तक हर तरफ पानी के बरसने के ये नए स्पेल लोगों की दिनचर्या को सीधे तौर पर प्रभावित करने जा रहे हैं।

Kal Ka Mausam: पहाड़ी अंचलों और मध्य भारत में मडराने लगा भारी बारिश का खतरा

पहाड़ों की गोद में बसे राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्रकृति का रुख एक बार फिर सख्त हो चला है। विशेष रूप से उत्तराखंड के कई संवेदनशील जिलों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। लगातार बरस रहे पानी के कारण पर्वतीय ढलानों से पत्थर खिसकने और रास्ते बाधित होने जैसी मुश्किलें सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें और केवल आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलें।

दूसरी तरफ, मध्य और पूर्वी भारत की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसमान पर बादलों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है। इन तीनों ही प्रमुख राज्यों के विभिन्न जिलों में झमाझम पानी गिरने की चेतावनी दी गई है। लगातार होने वाली इस बारिश से न केवल नदियां और नाले उफान पर आ सकते हैं, बल्कि निचले इलाकों में रहने वाले स्थानीय बाशिंदों की धड़कनें भी तेज होने लगी हैं। किसानों के लिए यह मानसुनी मेहरबानी कुछ फसलों के लिहाज से फायदेमंद हो सकती है, तो वहीं अत्यधिक जलभराव फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

पश्चिम और दक्षिण के तटीय इलाकों में भी आक्रामक हुआ मानसून

देश के पश्चिमी और दक्षिणी छोर पर भी मानसुनी बादलों का उग्र रूप साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश का यह दौर अभी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है, बल्कि इसकी रफ्तार में और तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बरसात के कारण वहां के बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

इसी कड़ी में, अगर पूर्वी तटीय और क्षेत्रीय बंगाल की बात करें तो दक्षिण बंगाल के तमाम जिलों में भी मौसम ने करवट ले ली है। वहां बादलों की तेज गर्जना के साथ-साथ तेज हवाएं चलने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। रुक-रुक कर हो रही इन बारिशों ने तटीय इलाकों में जनजीवन की गति को थोड़ा धीमा जरूर कर दिया है, लेकिन प्रकृति के इस बदले हुए सौंदर्य को देखने वाले सैलानी भी खासे सतर्क नजर आ रहे हैं। मछुआरों को समुद्र के भीतर न जाने की हिदायत पहले ही दी जा चुकी है ताकि किसी भी प्रकार के समुद्री जोखिम से बचा जा सके।

Kal Ka Mausam: आम जनता के लिए एहतियात और प्रशासन की चौकसी

मौसम विभाग के इन कड़े पूर्वानुमानों के सामने आने के बाद देश के तमाम संबंधित राज्यों के प्रशासनिक अमले को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन टीमों को संभावित संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखा जा सके।

आम नागरिकों से यह बार-बार अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें। यदि आप कल यानी सत्ताईस जुलाई को किसी लंबी यात्रा पर निकलने का मन बना रहे हैं, तो अपने गंतव्य के मौसम का हाल पहले ही जांच लें। प्रकृति के इस व्यापक बदलाव के बीच थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता ही आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है, क्योंकि मानसून का यह उग्र तेवर अभी कुछ और दिनों तक देश के कई हिस्सों में अपना प्रभाव दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार बैठा है।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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