West Bengal News: कोलकाता का रेड रोड शुक्रवार को एक साथ दो रंगों में रंगा नजर आया। एक तरफ ईद की नमाज और उसके बाद का जश्न था, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मौके को एक बड़े राजनीतिक संदेश के लिए भी इस्तेमाल किया।
ईद की नमाज के बाद रेड रोड पर हुए समारोह में ममता बनर्जी और TMC के वरिष्ठ नेता व उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी दोनों शामिल हुए। बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और ऐसे में हर मंच एक राजनीतिक अवसर बन जाता है। ममता ने इस अवसर को पूरी तरह भुनाया और BJP तथा केंद्र सरकार पर एक के बाद एक तीखे वार किए।
BJP हटाओ, देश बचाओ’ ममता का एक ही नारा, एक ही लक्ष्य
ममता बनर्जी ने इस पूरे कार्यक्रम में एक ही नारे को बार-बार दोहराया “BJP हटाओ, देश बचाओ।” उन्होंने कहा कि यही उनका और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य है। चुनावी माहौल में ममता के इस नारे ने समारोह में मौजूद लोगों के बीच जोरदार हलचल मचाई।
ममता ने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग बंगाल को निशाना बनाते हैं और बंगाल के खिलाफ काम करते हैं, वे नरक में जाएंगे। यह उनकी तरफ से BJP को एक कड़ी और सीधी चेतावनी थी कि बंगाल के मामले में कोई भी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि ममता बनर्जी अपने राज्य की रक्षा के मामले में किसी से भी पीछे हटने वाली नहीं हैं।
मोदी पर सीधा तंज ‘विदेश में हाथ मिलाते हैं, देश में बांटते हैं’

ममता बनर्जी ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा और तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सऊदी अरब जाकर हाथ मिलाते हैं, दुबई जाकर हाथ मिलाते हैं, लेकिन अपने ही देश में भेदभाव करते हैं।
ममता का इशारा साफ था। उनका कहना था कि एक तरफ प्रधानमंत्री विदेश में मुस्लिम देशों के नेताओं से दोस्ती और भाईचारे का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन देश के अंदर मुसलमानों के साथ अलग व्यवहार होता है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार और उसके लोग ही सबसे बड़े घुसपैठिए हैं। ममता के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। BJP ने इस बयान को राजनीतिक तुष्टिकरण करार दिया है जबकि TMC का कहना है कि यह एकदम सच बात है।
SIR और वोटर लिस्ट का मुद्दा ‘आपका नाम कटा है तो मैं लड़ती रहूंगी’
ममता ने इस मौके पर एक और अहम मुद्दा उठाया जो इन दिनों बंगाल की राजनीति में गर्म है। उन्होंने SIR यानी मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे जाने का मामला उठाया।
ममता ने कहा कि इस प्रक्रिया में बहुत से लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं और वे इसके खिलाफ कोलकाता से लेकर दिल्ली तक लड़ती रही हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से कटा है तो वे उनके लिए लड़ती रहेंगी।
यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि चुनाव में वोट डालने का अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से हट जाए तो वह वोट नहीं दे सकता। ममता ने इस मुद्दे को उठाकर उन लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है जो इस समस्या से जूझ रहे हैं।
राष्ट्रपति शासन की धमकी से नहीं डरतीं, ममता का BJP को सीधा जवाब
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में एक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि चाहे बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए, वे झुकने वाली नहीं हैं और किसी भी दबाव के सामने रुकने वाली नहीं हैं।
यह बयान BJP की उन आवाजों के जवाब में था जो बंगाल में कानून-व्यवस्था और चुनाव संबंधी मुद्दों पर राष्ट्रपति शासन लगाने की बात कर रही थीं। ममता का यह कहना कि वे किसी भी दबाव के सामने नहीं झुकेंगी, यह उनके उसी जुझारू अंदाज का हिस्सा है जिसके लिए वे जानी जाती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग BJP की तरफ से चुनावी रंग में पैसे बाँट रहे हैं। यह आरोप चुनावी माहौल में एक बड़ा मुद्दा बन गया है और विपक्ष इस पर BJP से जवाब माँग रही है।
अभिषेक बनर्जी का भाईचारे का संदेश
इस पूरे कार्यक्रम में TMC के युवा और ऊर्जावान नेता अभिषेक बनर्जी ने एक अलग और भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारे जश्न में शामिल होऊंगा और तुम मेरे जश्न में आओगे, यही बंगाल की असली संस्कृति है।
अभिषेक ने हिंदू और मुस्लिम त्योहारों के बीच के गहरे रिश्ते को एक खूबसूरत तरीके से बताया। उन्होंने कहा कि रमजान में राम है और दिवाली में अली है। यानी दोनों समुदायों के त्योहार एक-दूसरे से अलग नहीं हैं बल्कि वे एक ही माला के दो मोती हैं।
अभिषेक ने अपनी बात को और मजबूत करने के लिए मशहूर शायर राहत इंदौरी का एक बहुत चर्चित शेर भी सुनाया जिसका भाव था कि यह हिंदुस्तान किसी एक के बाप की जागीर नहीं है, यहाँ की मिट्टी में सभी का खून शामिल है। इस शेर ने मौजूद लोगों के दिलों को छू लिया।
West Bengal News: चुनाव से पहले हर मंच बना राजनीतिक अखाड़ा
बंगाल में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद राज्य की हर गली, हर मोहल्ला और हर सामाजिक कार्यक्रम राजनीतिक रंग में रंग गया है। ईद का यह समारोह भी उसी का एक हिस्सा था। ममता बनर्जी जानती हैं कि मुस्लिम वोट बैंक उनकी चुनावी रणनीति का एक अहम स्तंभ है और इसीलिए वे हर मौके पर इस समुदाय के साथ अपनी एकजुटता दिखाती हैं।
वहीं BJP का कहना है कि ममता का यह व्यवहार सिर्फ वोट की राजनीति है और उन्हें मुसलमानों की असली भलाई से कोई मतलब नहीं। यह बहस बंगाल चुनाव के नतीजे आने तक जारी रहेगी।



