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Mamata Banerjee Eid Speech: जो डरते हैं वो मरते हैं, जो लड़ते हैं वो जीतते हैं’ ईद पर ममता का BJP को चैलेंज, बोलीं वोटिंग अधिकार छीनने नहीं देंगे

Mamata Banerjee Eid Speech: कोलकाता का रेड रोड हर साल ईद पर पूर्वी भारत की सबसे बड़ी नमाज के जमावड़े का गवाह बनता है। लेकिन चुनावी साल में यह मैदान सिर्फ इबादत की जगह नहीं रहता, यह एक बड़े राजनीतिक मंच में भी बदल जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ।

शनिवार को ईद की नमाज के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित किया। उनका भाषण न सिर्फ जोशीला था बल्कि इसमें BJP और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए गए। चुनावी बिगुल बज चुका है और ऐसे में ममता ने इस मंच का पूरा फायदा उठाया।

वोटर लिस्ट से नाम काटने का मुद्दा, ममता ने उठाई आवाज

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में सबसे पहले वोटर लिस्ट यानी मतदाता सूची के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि SIR यानी Special Intensive Revision के नाम पर चल रही मतदाता सूची की जाँच में बड़ी संख्या में लोगों के नाम काट दिए गए हैं। TMC का आरोप है कि इस प्रक्रिया में खासतौर पर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों के असली मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

ममता ने कहा कि इस मामले में वे चुप नहीं बैठीं। उन्होंने कोलकाता से दिल्ली तक लड़ाई लड़ी। कलकत्ता हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गईं ताकि लोगों के वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोगों के अधिकारों की रक्षा होगी और वे इसके लिए लड़ती रहेंगी।

यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि बंगाल में मुस्लिम आबादी करीब 30 फीसदी है और इस वर्ग का वोट चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। TMC का कहना है कि अल्पसंख्यक इलाकों से नाम हटाना एक सोची-समझी चुनावी चाल है।

जो डरते हैं वो मरते हैं, जो लड़ते हैं वो जीतते हैं

Mamata Banerjee Eid Speech

ममता बनर्जी के इस भाषण की सबसे चर्चित बात रही उनका यह जोशीला नारा जो डरते हैं वो मरते हैं, जो लड़ते हैं वो जिंदगी में कामयाब होते हैं। यह नारा उन्होंने तब कहा जब उन्होंने राष्ट्रपति शासन की संभावना का जिक्र किया।

ममता ने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल की चुनी हुई सरकार को जबरदस्ती हटाने की कोशिश कर रही है और राष्ट्रपति शासन लगाने की बात हो रही है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वे इससे जरा भी नहीं डरतीं। उनका यह बयान भीड़ में बिजली की तरह फैल गया और जोरदार तालियाँ बजीं।

यह नारा चुनावी माहौल में ममता के उस छवि को और मजबूत करता है जिसमें वे खुद को एक अडिग और निडर नेता के रूप में पेश करती हैं जो किसी भी केंद्रीय दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं।

BJP चोरों और गुंडों की पार्टी’: ममता ने बोला सीधा हमला

ममता बनर्जी ने इस मंच से BJP के लिए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने BJP को चोरों और गुंडों की पार्टी कहा और उन पर देशद्रोह का आरोप भी लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग BJP से पैसे लेकर वोट बाँटने का काम कर रहे हैं।

ममता ने यह भी कहा कि जो लोग बंगाल को निशाना बना रहे हैं और यहाँ के लोगों को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं, वे नरक में जाएंगे। उनके इस बयान पर भारी भीड़ ने जोरदार नारेबाजी की।

BJP ने ममता के इन बयानों को चुनावी हताशा करार दिया है। BJP नेताओं का कहना है कि जब विपक्ष के पास काम का कोई जवाब नहीं होता तो वे इस तरह के उत्तेजक बयान देते हैं।

मोदी जी को हमारे अधिकार नहीं छीनने देंगे’ लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

ममता ने अपने भाषण में एक बार और जोर देकर कहा कि वे मोदी जी और BJP को बंगाल के लोगों का वोटिंग अधिकार नहीं छीनने देंगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए वे आखिर तक लड़ेंगी।

उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बदलाव का मुद्दा बंगाल में बेहद संवेदनशील बन गया है। TMC का आरोप है कि यह पूरी कवायद चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक बड़ी साजिश है। वहीं निर्वाचन आयोग और BJP दोनों का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।

बंगाल एकता में विश्वास करता है, सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश

ममता बनर्जी ने अपने पूरे भाषण में सिर्फ राजनीतिक हमले ही नहीं किए बल्कि बंगाल की एकता और सामाजिक ताने-बाने की भी जोरदार तरीके से तारीफ की। उन्होंने कहा कि बंगाल में हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई सब मिलकर रहते हैं। यही बंगाल की असली पहचान है और यही इसकी ताकत है।

उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें बंगाल के इस सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं लेकिन बंगाल उन्हें कामयाब नहीं होने देगा। ममता ने कहा कि वे बंगाल के सभी जाति, धर्म और समुदाय के लोगों के साथ खड़ी हैं और इस एकता को बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

रेड रोड, ईद का मैदान जो चुनाव में बन जाता है राजनीतिक मंच

कोलकाता का रेड रोड हर साल ईद पर पूर्वी भारत की सबसे बड़ी ईद नमाज का केंद्र बनता है। लाखों लोग यहाँ नमाज पढ़ने आते हैं। चुनावी साल में यह मैदान स्वाभाविक रूप से एक बड़े राजनीतिक प्लेटफॉर्म में बदल जाता है।

बंगाल की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है और यह वर्ग चुनाव में बेहद अहम भूमिका निभाता है। TMC पिछले कई चुनावों से इस वर्ग के वोट पर बड़ी हद तक निर्भर रही है। इसीलिए ममता के लिए ईद जैसे बड़े मौके पर इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होना और अपना राजनीतिक संदेश देना एक जरूरी रणनीति का हिस्सा है।

विपक्ष का पलटवार, BJP ने कहा यह वोट बैंक की राजनीति

ममता के इस पूरे भाषण पर BJP ने तीखा पलटवार किया है। BJP नेताओं का कहना है कि ममता ईद के मंच पर जाकर मुसलमानों को डराने और भड़काने का काम कर रही हैं। BJP का आरोप है कि यह सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।

BJP का कहना है कि मतदाता सूची की जाँच एक पारदर्शी और जरूरी प्रक्रिया है जिससे फर्जी नाम हटाए जाते हैं। इसमें किसी वर्ग विशेष को निशाना नहीं बनाया जा रहा। TMC का इसे मुद्दा बनाना लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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