Top 5 This Week

Related Posts

Mahsamund: 17.93 करोड़ का धान घोटाला, 54 केंद्रों पर स्टॉक गायब

Mahasamund:  छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में धान खरीदी में करीब 17.93 करोड़ रुपये का कथित घोटाला सामने आया है। जांच में पता चला कि कई खरीदी केंद्रों के रिकॉर्ड में धान दिखाया गया, लेकिन गोदाम में स्टॉक मौजूद नहीं था।

इससे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

1. आंकड़ों का खेल

  • सत्र: 2025-26 धान खरीदीकुल
  • केंद्र: 182 खरीदी केंद्रकुल
  • खरीदी: 1,01,95,681.20 मीट्रिक टन
  • मिलिंग के बाद शेष होना चाहिए था: 57,860.47 कुंतल
  • भौतिक सत्यापन में नहीं मिला: 54 केंद्रों पर
  • गायब धान का मूल्य: 17 करोड़ 93 लाख 67 हजार 457 रुपये
  • हिसाब: 3,100 रुपये प्रति कुंतल समर्थन मूल्य के आधार पर

2. सबसे ज्यादा गड़बड़ी कहां?

  • आरंगी और बम्हनी सहकारी समितियां – यहां 4-4 हजार कुंतल से ज्यादा धान गायब
  • अन्य समितियां: तोषगांव, बघरपाली, मोगरापाली, समहर, कोटद्वारी, मल्यामाल, बेलसोंडा, खेमड़ा

जांच और कार्रवाई

जिला विपणन अधिकारी ने स्टॉक न मिलने की पुष्टि की है।

  1. FIR: अब तक 15 सहकारी समितियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
  2. रिपोर्ट: पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई
  3. सवाल: 54 केंद्रों पर स्टॉक नहीं मिला,लेकिन कार्रवाई सिर्फ 15 पर ही क्यों? बाकी 39 केंद्रों पर कब कार्रवाई होगी, इस पर प्रशासन ने अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

निगरानी पर सवाल

धान खरीदी की निगरानी के लिए नोडल और मॉनिटरिंग अधिकारी नियुक्त होते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना सिस्टम की लापरवाही दिखाता है।

निष्कर्ष:

महासमुंद का यह धान घोटाला किसानों और सरकार दोनों के लिए बड़ा झटका है। 17 करोड़ से ज्यादा का नुकसान और सिर्फ आधी समितियों पर कार्रवाई से सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी नजर बाकी 39 केंद्रों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

स्रोत: जिला विपणन कार्यालय, महासमुंद

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles