Shimla/Chandigarh| मानसून का कहर पूरे उत्तर भारत में जारी है। पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानों में बाढ़-जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने रविवार 12 जुलाई के लिए हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
शिमला में तबाही
1. राजहाना में भूस्खलन
शनिवार तड़के करीब 4 बजे नए शिमला के पास राजहाना और बोथवेल क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ।
- पहाड़ी का हिस्सा ढहकर सड़क पर गिरा
- 2 कारें मलबे में आंशिक रूप से दब गईं और क्षतिग्रस्त हुईं
- गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ
- सड़क टूटने से 3-4 इमारतें सीधे खतरे में आ गई हैं
2. IMD का अलर्ट –
- 12 जुलाईभारी बारिश: चंबा, कुल्लू, शिमला, सिरमौर में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश
- मध्यम बारिश: मंडी, किन्नौर, कांगड़ा
- पाबंदी: कांगड़ा और मंडी में नदियों-झरनों के पास जाने पर पूर्ण प्रतिबंध
- मौसम केंद्र शिमला ने सड़क दुर्घटनाओं और फिसलन को लेकर सावधानी बरतने की अपील की
उत्तराखंड में भी पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन की चेतावनी है।
हरियाणा में बुरा हाल
1. हथनीकुंड बैराज पर खतरा
पहाड़ों की बारिश का असर मैदानों पर। यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज का जलस्तर खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने यमुना किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। करनाल और अंबाला में भी भारी बारिश दर्ज।
2. गुरुग्राम-फरीदाबाद में जलभराव
- गुरुग्राम: साइबर सिटी की प्रमुख सड़कों पर पानी, भयंकर ट्रैफिक जाम
- फरीदाबाद: एक गांव में खेतों का रास्ता 5 से 15 फीट पानी में डूबा। धान और सब्जियों की फसल बर्बाद। किसान प्रशासन से मदद मांग रहे हैं
कारण क्या है?
IMD के अनुसार हरियाणा-दिल्ली के पास एक मौसमी सिस्टम डेवलप होने की वजह से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इससे आम-जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन की अपील:
नदी-नालों से दूर रहेंयातायात पुलिस की एडवाइजरी मानें भूस्खलन वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें
निष्कर्ष:
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड और मैदानों में बाढ़ ने मानसून की दोहरी मार दिखा दी है। IMD का अलर्ट देखते हुए अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।
स्रोत: IMD शिमला, स्थानीय प्रशासन


